यूपी: फांसी के डर से खुद ही फंदे पर झूल गया दरिंदा, 10 साल की मासूम को बनाया था हवस शिकार
खेकड़ा क्षेत्र में 19 सितंबर को सांय तीन बजे के लगभग 10 वर्षीय छात्रा अचानक लापता हुई थी और 20 सितंबर की शाम छह बजे बोरे में बंद छात्रा का शव पड़ा मिला था। इस घटना के बाद जिले भर में जन आक्रोश फैल गया था। लोगों ने सड़कों पर उतर कर कैंडल मार्च निकाले। हर कोई आरोपी को फांसी पर चढ़ाने की मांग कर रहा था। इस घटना से हर कोई आहात था।
स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा भी खेकड़ा कस्बे में रैली निकाल कर विरोध जताया गया। 21 सितंबर की रात में तीन बजे के बाद आरोपी रजनीश स्वयं ही फांसी के फंदे पर झूल गया। 22 सितंबर को शव घर पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। लोगों का कहना है कि आरोपी को कानूनी तौर पर सजा दिलाने में कई साल लग जाते। यह भी हो सकता था कि वह अपने आप को बचाने में कामयाब हो जाता, लेकिन ऊपर वाले ने जो इंसाफ किया है, बिल्कुल सही किया है। दरिंदे को फांसी की सजा मिल गई।
बड़ौत निवासी मनोविज्ञान के शिक्षक पंकज कुमार कहते हैं कि ऐसी स्थिति में आरोपी को जनाक्रोश भड़कने का डर रहता है। पकड़े जाने और सजा के डर के कारण ही आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया।
महफूज नहीं बचपन, मासूमों के पीछे घूम रहे हैं दरिंदे
बचपन महफूज नहीं है। दरिंदे मासूमों के पीछे घूम रहे हैं, ऐसी एक या दो नहीं बल्कि कई वारदात हो चुकी है। मुकारी के मासूम की कुकर्म के बाद हत्या कर दी । दो साल पहले कांवड़ सेवा शिविर से भड़ल के आर्यन का अपहरण हो गया । अब खेकड़ा की वारदात से अभिभावक सन्न रह गए हैं। पुलिस बच्चों पर होने वाली वारदातों को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
निकट के लोग ही रहे वारदातों में शामिल
बच्चों पर अपराध की जितनी भी वारदातें हुई हैं, उनमें अधिकतर में परिचित ही शामिल रहे हैं। ऐसे लोगों ने वारदात अंजाम दी, जिनकी बच्चों से जान पहचान थी और बच्चे आसानी से इनके जाल में फंस गए।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/