जयराम ठाकुर ने ली हिमाचल के सीएम पद की शपथ, ये बने मंत्री और इनका पत्ता साफ
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हिमाचल के 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर बुधवार को जयराम ठाकुर का राजतिलक हो गया। शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर बुधवार को भव्य समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जयराम को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सीएम के अलावा 11 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें एक राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार भी शामिल हैं। जयराम मंत्रिमंडल में पांच पूर्व में मंत्री रह चुके हैं जबकि 6 नए चेहरों को मौका दिया गया है।
शपथ समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों और चार उपमुख्यमंत्रियों समेत हजारों लोगों ने शिरकत की। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल और अन्य पदाधिकारियों सहित कई केंद्रीय मंत्री भी इस मौके पर मौजूद रहे।
दो मंत्रियों ने संस्कृत में ली शपथ
रिज मैदान पर सजे मंच पर सुबह करीब 11:29 बजे शपथ ग्रहण समारोह शुरू हुआ। प्रधानमंत्री समेत अन्य आमंत्रित मेहमानों के लिए साथ में मंच सजा था जबकि विधायकों के लिए तीसरा मंच बना हुआ था। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सबसे पहले जयराम को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
इसके बाद एक-एक कर वरिष्ठता के आधार पर महेंद्र सिंह ठाकुर, किशन कपूर, सुरेश भारद्वाज, अनिल शर्मा, सरवीण चौधरी, रामलाल मारकंडा, विपिन परमार, वीरेंद्र कंवर, विक्रम सिंह, गोविंद सिंह ठाकुर और डॉ. राजीव सैजल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
शपथ लेने वाले मंत्रियों में 9 ने हिंदी में जबकि दो ने संस्कृत में शपथ ली। संस्कृत में शपथ लेने वाले शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज और मनाली के विधायक गोविंद ठाकुर रहे। किसी भी विधायक ने अंग्रेजी में शपथ नहीं ली।
ये है जयराम ठाकुर की टीम
हिमाचल की नई सरकार में सीएम जयराम ठाकुर केे मिलाकर कुल 12 मंत्री होंगे। चौंकाने वाली बात ये है कि मंत्रीमंडल में छह नए चेहरों को जगह दी गई हैं। देर रात तक चली माथापच्ची के बाद जयराम ठाकुर की टीम भी तय हुई।
जिन लोगों को टीम जयराम में जगह मिली है, उनमें सुरेश भारद्वाज, महेंद्र सिंह ठाकुर, अनिल शर्मा, सरवीण चौधरी, डॉ. रामलाल मारकंडा, वीरेंद्र कंवर, विपिन सिंह परमार, डॉ. राजीव सहजल, गोविंद सिंह ठाकुर व विक्रम सिंह शामिल हैं।
वहीं धर्मशाला से भाजपा विधायक और किशन कपूर को अंतिम समय पर मंत्री पद के लिए चुना गया। वह शांता खेमे से आते हैं और पूर्व कांग्रेस मंत्री सुधीर शर्मा को हराकर विधायक बने है। किशन कपूर पहले भी मंत्री रहे हैं।
बड़ी बात ये है कि जयराम की टीम में महेंद्र ठाकुर, सरवीण चौधरी और किशन कपूर को छोड़कर सभी नए चेहरे शामिल किए गए है। नए चेहरों में डा. राजीव सहजल, विक्रम सिंह, डा. रामलाल मार्कंडेय, विपिन सिंह परमार, वीरेंद्र कंवर, गोविंद सिंह आदि शामिल है।
इनका पत्ता हुआ साफ
हिमाचल की नई सरकार में कई पूर्व मंत्रियों का पत्ता साफ हो गया है। मंत्री पद की रेस से जुब्बल कोटखाई के विधायक और पूर्व में बागवानी मंत्री रहे नरेंद्र बरागटा को मंत्री नहीं बनाया गया है, जोकि एक बड़ा झटका है। इनकी जगह जिला शिमला से सुरेश भारद्वाज को मंत्री बनाया गया है।
इसी तरह पूर्व में मंत्री रहे भजपा विधायक रमेश ध्वाला को भी मंत्री पद नहीं मिला। रमेश ध्वाला पूर्व में खाद्य आपूर्ति मंत्री पद पर रहे हैं। हालांकि किशन कपूर को मंत्री बनाया गया हैं।
वहीं सरकार सरकार के बनते ही अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा नंदा को सीएम जयराम ठाकुर का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी हो गई है। मनीशा नंदा प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं।
राजीव बिंदल को मिला ये पद
वहीं नाहन से भाजपा विधायक राजीव बिंदल को मंत्री तो नहीं बनाया है। उनकी ताजपोशी विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर हुई। बिंदल पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री रहे हैं और प्रदेश के बड़े नेता माने जाते हैं।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंत्री पद के लिए उनका नाम नहीं आने से हर कोई ये मान रहा था कि बिंदल का पत्ता साफ हो गया है। लेकिन समारोह के बाद तेजी से बदले घटनाक्रम के बीच डा. राजीव बिंदल को विधानसभा अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसको लेकर भाजपा की ओर से ईमेल जारी की गई।
शपथ ग्रहण के बाद ये बोले नए सीएम
वहीं, हिमाचल के नए सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि बहुत खुशी होती अगर आज पिताजी साथ होते। ठाकुर ने कहा- एक साल पहले वो हमे छोड़कर चले गए।
उन्होंने कहा कि माता जी अस्वस्थ है, पर उनका आर्शिवाद है और ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। जयराम ने कहा कि लोगों ने भाजपा पर विश्वास किया है, हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
कई सीएम और कैबिनेट मंत्री रहे मौजूद
समारोह में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री थावर चंद गहलोत और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडनविस, असम के सर्वानंद
सोनवाल, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, झारखंड के रघुवर दास के साथ जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह और यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, शांता कुमार, प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय, सांसद रामस्वरूप शर्मा, अनुराग ठाकुर और वीरेंद्र कश्यप आदि भी मौजूद रहे।
मंत्रिपरिषद में यह है खास
55 साल है जयराम मंत्रिमंडल की औसत उम्र
सबसे युवा
46 वर्ष के डॉ. राजीव सैजल मंत्रिमंडल का सबसे युवा चेहरा हैं। तीन बार के विधायक सैजल को राज्य मंत्री बनाया गया है।
सबसे बुजुर्ग
67 वर्षीय महेंद्र सिंह ठाकुर सबसे उम्र दराज मंत्री हैं। 12वीं पास महेंद्र सिंह धर्मपुर से जीत हासिल कर सातवीं बार विधानसभा पहुंचे हैं। धूमल सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
6 नए चेहरे
मंत्रिमंडल में 6 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं। सुरेश भारद्वाज, विपिन परमार, वीरेंद्र कंवर, विक्रम सिंह, गोविंद ठाकुर और राजीव सैजल को पहली बार मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। इसमें सबसे वरिष्ठ सुरेश भारद्वाज हैं। अनिल शर्मा इससे पहले कांग्रेस की वीरभद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। सबसे अधिक बार मंत्री धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह ठाकुर रहे हैं।
कांगड़ा को तरजीह, हमीरपुर से कोई नहीं
मंत्रिमंडल में सर्वाधिक प्रतिनिधित्व 15 विधानसभा क्षेत्रों से 11 पर जीत दिलाने वाले कांगड़ा जिले को मिला है। यहां से चार विधायकों किशन कपूर, विक्रम सिंह, सरवीण चौधरी और विपिन परमार मंत्री बने।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के जिले हमीरपुर से कोई मंत्री नहीं बना। चुनाव में भाजपा का यहां निराशाजनक प्रदर्शन रहा। मंडी से दो मंत्री महेंद्र सिंह और अनिल शर्मा, ऊना से वीरेंद्र कंवर, कुल्लू से गोविंद ठाकुर, लाहौल से रामलाल मारकंडा, सोलन से राजीव सैजल मंत्री बने हैं।
तीन पूर्व मंत्री रहे बाहर
पूर्व की भाजपा सरकारों में मंत्री रह चुके तीन पूर्व मंत्री इस बार जीते, लेकिन उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला। नाहन से राजीव बिंदल, कोटखाई से नरेंद्र बरागटा और ज्वालामुखी से रमेश धवाला को जयराम मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।