देश में मोदी ने बना दिया भय का वातावरण : आनंद शर्मा
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में भय का वातावरण बना दिया है। उन्होंने चार साल के कार्यकाल में केंद्र की सीबीआई, ईडी और रिजर्व बैंक जैसी संस्थाओं को कमजोर कर दिया है।
सीमा पर जवान शहीद हो रहे हैं। देश में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। अब मोदी सरकार 16 मई को अपने चार साल की विफलताओं का जश्न मनाने की तैयारी में डूबी है। मोदी के लिए यह दिन जश्न का नहीं बल्कि देश के लोगों से माफी मांगने का है।
देश की जनता ने लोकसभा चुनाव में मोदी को विदाई देने का मन बना दिया है। राजधानी शिमला में प्रेसवार्ता में शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सारी मर्यादाएं तोड़ दी हैं।
भाजपा ने इस चुनाव पर पंद्रह हजार करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं। आखिर यह पैसा कहां से आ रहा है। पीएम मोदी को इसका जवाब देना चाहिए। मोदी ने सत्ता हासिल करने के लिए जनता को अच्छे दिन आने का वायदा किया
लेकिन आज तक जनता के अच्छे दिन नहीं आए। उन्होंने कहा कि बिना तैयारी से जीएसटी की घोषणा कर दी। बैंकों की व्यवस्था चरमरा गई है। जमा राशि पर लगातार ब्याज दर घटती जा रही है।
कर्जा लेने वालों की नहीं दी सूची, झूठ बोलते हैं मोदी
आनंद शर्मा ने कहा कि संसद में केंद्र सरकार से कर्जा लेने वालों की सूची मांगी गई लेकिन यह सूची नहीं दी गई। एक लाख करोड़ लूटकर विदेश भागने वाले किसके दोस्त, मोदी को इसका जवाब भी देना चाहिए। नीरव मोदी जैसे लोग आज भी विदेशों में घूम रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झूठ बोलने की आदत है। वह कभी भी शालीनता से बात नहीं करते। उन्हें बिलकुल भी तहजीब नहीं है। इतिहास के तथ्यों को हमेशा ही गलत बताते हैं। देश की सीमाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।
मोदी विदेशों की सैर में मस्त हैं। सितंबर 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक हुआ। 25 दिसंबर, 2015 में जब मोदी लाहौर उतरे तो उसके कुछ दिन बाद पठानकोट में हमला हो गया। उन्हें पाकिस्तान की सेना ने सलामी नहीं दी। प्रधानमंत्री की बेइज्जती होना, देश का अपमान है।
कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करना कांग्रेस नेताओं को अधिकार नहीं
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि कांग्रेस के नेता सत्ता से बाहर होने से हताशा में हैं। इसलिए यह नेता भाजपा सरकार के चार महीने के कार्यकाल पर टिप्पणी कर रहे हैं।
परमार ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को प्रदेश में कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है। राजधानी शिमला में युग की निर्मम हत्या और गुड़िया के साथ हुए अमानवीय कृत्य से पूरा प्रदेश शर्मसार हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को इस प्रकार के आधारहीन बयान देने से पहले यह ज्ञात होना चाहिए कि उनके कार्यकाल में एक अबोध बालक व एक स्कूल की छात्रा भी सुरक्षित नहीं थी।
गुड़िया हत्याकांड में दोषियों को पकड़ना तो दूर सरकार व पुलिस दोषियों को बचाने में लगी थी जिसका परिणाम यह हुआ कि गुड़िया हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए गठित विशेष जांच टीम के सभी नौ अधिकारी व कर्मचारी एक निर्दोष व्यक्ति की हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को पुन: पटरी पर लाना और लोगों का पुलिस व प्रशासन में विश्वास वापस लाना था।