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J&K: चर्च के नाम पर चल रहे अवैध हॉस्टल में होता था बच्चियों का यौन शोषण, पादरी हिरासत में

Fri, 07 Sep 2018 09:05 PM IST
एस खजूरिया, अमर उजाला, जम्मू
एस खजूरिया, अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 07 Sep 2018 09:05 PM IST
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church father in custody by kathua police jammu kashmir for molestation with minor girls in hostel
girls molested

कठुआ शहर के बीचों बीच पारलीवंड इलाके में चर्च के नाम पर बने अवैध हॉस्टल में नाबालिग बच्चियों से यौन शोषण का सनसनीखेज मामला सामने में आया है। शुक्रवार शाम पांच बजे के लगभग प्रशासनिक और पुलिस टीम ने नए बस अड्डे के नजदीक एक इमारत में छापा मारा। लगभग दो घंटे तक चले तलाशी अभियान और बच्चों से पूछताछ के बाद के बाद पादरी एंथनी को हिरासत में लिया गया है। प्रशासन ने बच्चों के परिजनों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

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 कुछ कमरों में चल रहे इस हास्टल में एक हॉल भी है, जिसे पादरी चर्च बता रहा है। इस हॉल में प्रार्थना होती थी। अन्य ईसाई भी यहां आते थे। पादरी एंथनी के रल का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी साथ रहती थी। यह हॉस्टल पिछले चार साल से चल रहा था। बच्चे पारलीवंड के सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और यहां हास्टल में रहते थे। उनका खाना, पीना, रहना सब मुफ्त था।
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छापे के बाद 7 से 16 वर्ष की आठ बच्चियों और 12 लड़कों को बाल आश्रम और नारी निकेतन शिफ्ट कर दिया गया है। बच्चों ने पादरी पर उनका यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ये सभी बच्चे गरीब परिवारों के हैं और पंजाब, हिमाचल और जम्मू कश्मीर के विभिन्न इलाकों से कठुआ की इस इमारत में रह रहे थे। जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया ने बताया मामला संज्ञान में आने के बाद जिला पुलिस प्रमुख से बात कर अधिकारियों की टीम को जांच के लिए भेजा गया था। मामले में जो भी आरोप लगे हैं, उस पर पुलिस कार्रवाई करेगी। 

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बच्चे बोले-किसी भी हाल में यहां से निकालो

church father in custody by kathua police jammu kashmir for molestation with minor girls in hostel
पीड़ित बच्चियां - फोटो : अमर उजाला
शाम पांच बजे के लगभग जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया के निर्देश पर सहायक आयुक्त राजस्व के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी संजीवन ज्योति, बीडीओ सुनिंदर कौर, बीडीओ मुख्यालय श्रुति भारद्वाज, सहायक आयुक्त श्रम सोनम वर्मा और तहसीलदार कठुआ जय सिंह ने पुलिस टीम के साथ दबिश दी। इमारत में दाखिल होने के बाद महिला अधिकारियों ने बच्चों को एक कमरे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। दूसरी तरफ सहायक आयुक्त राजस्व और तहसीलदार ने इमारत के सभी कमरों को खंगालना शुरू किया। बच्चियों से महिला अधिकारियों ने लगभग आधे घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की।  बच्चियां इतनी डरी हुई थीं कि उन्होंने महिला अधिकारियों से कहा कि हमें किसी भी हाल में यहां से निकालो।

बच्चों को नशा देकर करता था शोषण

जांच में शामिल एक महिला अधिकारी ने बताया कि बच्चियों ने उनके साथ हुई दरिंदगी को जिस तरह से बयां किया है, उसे सुन कर उनकी आंखें भी भर आईं। अधिकारियों को बताया गया कि पादरी उन्हें रात के समय अपने कमरे में ले जाता और कुछ खाने को देता, जिसके बाद वे होश में नहीं रहती थीं। पादरी इसका फायदा उठाते हुए उनका शोषण करता था। बच्चियों ने अधिकारियों को बताया कि पादरी उनके गुप्तांगों को भी छूता था। साफ था कि बच्चियां वहां कैद थीं और किसी को भी अपनी आपबीती नहीं सुना पा रही थीं।  

पेट की भूख यहां लाई, पर हो गए पादरी की हवस का शिकार 

पादरी का कहना था कि सभी बच्चे गरीब परिवारों से हैं। इसमें कई विधवा महिलाओं के बच्चे हैं। इसीलिए उन्हें हॉस्टल में शरण दी गई। ऐसे में साफ था कि जम्मू, पंजाब और हिमाचल से आए यह बच्चे अपने घरों में भी सरकारी स्कूल में मुफ्त शिक्षा हासिल कर सकते थे। शायद इनके माता-बाप बच्चों का भरण-पोषण नहीं कर सकते थे। यही वजह थी कि उन्हें हॉस्टल में रहने भेज दिया। उन्हें क्या पता था कि जो बच्चे पेट की भूख मिटाने यहां आसरा लिए थे, उन्हें हवस का शिकार बनाया जाएगा। बच्चे काफी सहमे नजर आ रहे थे। 

बच्चियों के साथ हुई ज्यादती की होगी जांच

छापामारी करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाले एसीआर जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि इमारत में अवैध अनाथ आश्रम में चलाया जा रहा था। पिछले कुछ दिन से इसकी गतिविधियां संदेह के घेरे में थीं। उन्होंने बताया कि प्रशासन को जब मामले का पता चला तो कार्रवाई की गई। यहां से फादर एंथनी को जांच के लिए हिरासत में लिया गया है। इमारत में कोई महिला वार्डन नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि बच्चे पंजाब, सांबा, बाड़ी ब्राह्मणा और जम्मू से आकर यहां रह रहे थे। इन बच्चों की उम्र सात से 16 वर्ष के बीच है और यहां से 8 लड़कियों और 12 लड़कों को नारी निकेतन और बाल आश्रम शिफ्ट किया गया है।

पेंटाकास्टल मिशन ने किया इंकार

पादरी ने पूछताछ में बताया कि पेंटाकास्टल मिशन के तहत यह हॉस्टल चलाया जा रहा था, लेकिन पेंटाकास्टल मिशन ने भी मना कर दिया कि उनकी कोई ब्रांच कठुआ में है। उन्होंने बताया कि बच्चियों के साथ जो भी ज्यादती हो रही थी, उसकी जांच की जाएगी। इमारत की तलाशी ली गई है और जांच जारी है।

घर जैसी इमारत के बेसमेंट में बना है बड़ा हाल

जिस इमारत में अवैध रूप से हॉस्टल चलाया जा रहा था, वह देखने में घर की तरह लगती है। दो हिस्सों में बंटी इमारत के एक हिस्से के बेसमेंट में प्रार्थना सभा के लिए हाल जैसा बना था। इसके लिए एक इंट्री सीढ़ियों से थी, वहीं एक और एग्जिट के लिए काम चल रहा था। ऊपर के हिस्से में तीन कमरों के अतिरिक्त एक किचन और एक खुला कमरा भी था। जिस हिस्से में पादरी रहता था, वहां ग्राउंड फ्लोर में तीन कमरे थे, जिसके ऊपर के माले में कुछ और कमरों को बनाया गया था, जहां काम चल रहा था। पूछताछ में पादरी ने बताया कि उसकी पत्नी भी उसके साथ ही वहां रहती थी, लेकिन पिछले केरल में बाढ़ आने पर वह डेढ़ माह पहले एरनाकुलम चली गई। पुलिस ने पादरी के मोबाइल के साथ ही घर से कंप्यूटर, खाने का कुछ सामान और एक कंप्यूटर भी जांच के लिए उठाया है।
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