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दुष्कर्मी को पकड़ने गई पुलिस लाठी-डंडों से पिटी, महिलाओं ने आंख में झोंकी मिर्च
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 20 Jul 2017 02:40 PM IST
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मिर्च से लाल हुई पुलिस कांस्टेबल की आंख
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बीकेटी में एक किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार करने गयी पुलिस पर ही हमला हो गया। आरोपी के परिवारीजनों ने दबिश देने आए पुलिस कर्मियों की आंख में मिर्च झोंकने के साथ डंडे से हमला बोल दिया। इस दौरान परिवार की महिलाओं ने जमकर पथराव आरोपी को गिरफ्त से छुड़ा लिया।
इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने बताया कि नाबालिग को अगवा करके दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत दर्ज केस की तफ्तीश कर रहे एसआई नेपाल सिंह मंगलवार रात 1:20 बजे महिला कांस्टेबल पूजा, सोनल, आशा सिंह, ऋतु सिंह, कांस्टेबल गिरीश तिवारी, अरविंद, होमगार्ड संदीप की टीम लेकर मुख्य आरोपी आशीष की तलाश में गांव अस्ती में उसके घर पहुंचे।
पुलिस ने घर में मौजूद आशीष को पकड़ा ही था कि महिलाओं ने पुलिस कर्मियों की आंख में लाल मिर्च पाउडर झोंका और डंडे से हमला करके आशीष को गिरफ्त से छुड़ा लिया। साथ ही चोर का शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया और पुलिस कंट्रोल रूम कॉल कर दी। इस बीच ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में एसआई नेपाल सिंह व नृपेंद्र घायल हो गए।
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घायल नेपाल सिंह ने उच्चाधिकारियों को कॉल कर अतिरिक्त फोर्स मांगी। सीओ व इंस्पेक्टर बीकेटी आसपास के थानों व चौकियों के पुलिसकर्मियों को लेकर मौके पर पहुंचे तो पथराव कर रहे ग्रामीण भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर आशीष की मां सावित्री, बहन रूबी व गांव बरगदी निवासी बुआ कमला देवी को गिरफ्तार कर लिया। नेपाल सिंह की तहरीर पर बलवा, कातिलाना हमला, सरकारी काम में बाधा, मुल्जिम छुड़ाने व आईपीसी की अन्य धाराओं के साथ 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
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इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह ने बताया कि नाबालिग को अगवा करके दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत दर्ज केस की तफ्तीश कर रहे एसआई नेपाल सिंह मंगलवार रात 1:20 बजे महिला कांस्टेबल पूजा, सोनल, आशा सिंह, ऋतु सिंह, कांस्टेबल गिरीश तिवारी, अरविंद, होमगार्ड संदीप की टीम लेकर मुख्य आरोपी आशीष की तलाश में गांव अस्ती में उसके घर पहुंचे।
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पुलिस ने घर में मौजूद आशीष को पकड़ा ही था कि महिलाओं ने पुलिस कर्मियों की आंख में लाल मिर्च पाउडर झोंका और डंडे से हमला करके आशीष को गिरफ्त से छुड़ा लिया। साथ ही चोर का शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया और पुलिस कंट्रोल रूम कॉल कर दी। इस बीच ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में एसआई नेपाल सिंह व नृपेंद्र घायल हो गए।
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घायल नेपाल सिंह ने उच्चाधिकारियों को कॉल कर अतिरिक्त फोर्स मांगी। सीओ व इंस्पेक्टर बीकेटी आसपास के थानों व चौकियों के पुलिसकर्मियों को लेकर मौके पर पहुंचे तो पथराव कर रहे ग्रामीण भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी कर आशीष की मां सावित्री, बहन रूबी व गांव बरगदी निवासी बुआ कमला देवी को गिरफ्तार कर लिया। नेपाल सिंह की तहरीर पर बलवा, कातिलाना हमला, सरकारी काम में बाधा, मुल्जिम छुड़ाने व आईपीसी की अन्य धाराओं के साथ 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
दुष्कर्मी की बुआ भी शामिल
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इंस्पेक्टर बीकेटी ने बताया कि एक महिला ने 10 जून को गांव अस्ती निवासी आशीष व उसके चार अज्ञात साथियों के खिलाफ अपनी नाबालिग बेटी से छेड़खानी, मारपीट व जानमाल की धमकी का केस दर्ज कराया था। तफ्तीश में पता चला कि आशीष उसकी बेटी को अगवा कर ले गया था।
यह भी पता चला कि किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म की साजिश में खुद को जनवादी महिला समिति (एडवा) की ब्लॉक अध्यक्ष बताने वाली आशीष की बुआ कमला देवी भी शामिल थी। इंस्पेक्टर ने कहा कि किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पुलिस कस्टडी से फरार आशीष के साथ पुलिस टीम पर हमले में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।
गांव अस्ती में पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार करके महिला थाने भेजने के साथ अन्य की तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने हमले की जानकारी से इन्कार किया। पुलिस ने आशीष के पड़ोसियों के घर दस्तक दी लेकिन, उन्होंने भी आंख खुलने पर गांव में पुलिस का घेरा देखने की बात कही।
पुलिस पर हमले के दौरान आशीष के परिवार की महिलाओं ने पुलिस कंट्रोल रूम कॉल करके घर में वर्दीधारी बदमाशों द्वारा धावा बोलने की जानकारी दी। पुलिस कंट्रोल रूम ने संदेश प्रसारित कर बीकेटी पुलिस व उच्चाधिकारियों को अलर्ट किया था।
यह भी पता चला कि किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म की साजिश में खुद को जनवादी महिला समिति (एडवा) की ब्लॉक अध्यक्ष बताने वाली आशीष की बुआ कमला देवी भी शामिल थी। इंस्पेक्टर ने कहा कि किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में पुलिस कस्टडी से फरार आशीष के साथ पुलिस टीम पर हमले में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।
गांव अस्ती में पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार करके महिला थाने भेजने के साथ अन्य की तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने हमले की जानकारी से इन्कार किया। पुलिस ने आशीष के पड़ोसियों के घर दस्तक दी लेकिन, उन्होंने भी आंख खुलने पर गांव में पुलिस का घेरा देखने की बात कही।
पुलिस पर हमले के दौरान आशीष के परिवार की महिलाओं ने पुलिस कंट्रोल रूम कॉल करके घर में वर्दीधारी बदमाशों द्वारा धावा बोलने की जानकारी दी। पुलिस कंट्रोल रूम ने संदेश प्रसारित कर बीकेटी पुलिस व उच्चाधिकारियों को अलर्ट किया था।