फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   advocate appointment in uttar pradesh

सरकारी वकीलों की नियुक्ति पर कोर्ट ने मांगा जवाब, कहा- दस्तावेज पेश करे सरकार

Fri, 21 Jul 2017 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 21 Jul 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
advocate appointment in uttar pradesh

यूपी में सरकारी वकीलों की नियुक्ति को लेकर उठे विवादों के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रदेश सरकार से इनके नियुक्ति संबंधी सारे दस्तावेज शुक्रवार तक पेश करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस दया शंकर ‌त्रिपाठी की पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि सभी नियुक्तियों का भविष्य याचिका पर निर्णय के अधीन रहेगा। इस पर शुक्रवार को भी सुनवाई होगी। हालांकि कोर्ट ने सरकार को नियुक्तियों के दौरान हुई गलतियां दुरुस्त करने का अवसर भी दिया है।
विज्ञापन


महेंद्र सिंह पवार द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष रखने और पैरवी के लिए करीब 350 वकीलों की नियुक्ति में गड़बड़ियां की गई हैं। राज्य सरकार ने इनकी सूची सात जुलाई 2017 को जारी की थी। लेकिन नियुक्तियों में वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी में लागू विधि परामर्शी नियमावली के भाग पांच व छह का उल्लंघन करते हुए भी कई नियुक्तियां की गई हैं। वकील बुलबुल गोदियाल ने याची की ओर से उसका पक्ष रखा।

सरकार का जवाब आने के बाद ही हो सकता है कोई निर्णय

advocate appointment in uttar pradesh
advocate

पीठ ने कहा कि इन नियुक्तियों की कानूनी वैधता है या नहीं, यह नियुक्ति प्रक्रिया और इसके लिए जारी नोटिफिकेशन की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। ऐसे में सरकार का जवाब आने के बाद ही इस मामले में कोई निर्णय हो सकता है।

उधर, हाईकोर्ट में महाधिवक्ता ने कहा- सूची पर पुनर्विचार करेगी सरकार
इलाहाबाद। प्रदेश के महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने बृहस्पतिवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि सरकारी वकीलों की सूची पर सरकार पुनर्विचार कर रही है। इसलिए उसके कुछ ज्यादा समय दिया जाए। सरकारी वकीलों के पैनल को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की गई है।

महाधिवक्ता की मांग पर कोर्ट ने 8 अगस्त को सुनवाई की तारीख तय की है। याचिका में कहा गया है कि राज्य विधि अधिकारियों की सूची बनाते समय सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed