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तस्वीरें: तेज रफ्तार के कहर में युवक का हुआ ये हाल, देखिए रौगटे खड़े कर देने वाला हादासा
ब्यूरो/अमर उजाला,जीरकपुर(पंजाब)
Updated Wed, 22 Mar 2017 10:03 AM IST
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150 की स्पीड पर थी कार
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अगर आपको खतरनाक तेज रफ्तार से प्यार है। तो एक बार इन तस्वीरों को देख लीजिए,150 की स्पीड का जूनुन कितना भारी पड़ सकता है।
ओवर स्पीड ने ज़ीरकपुर के गांव गाजीपुर जट्टां के एक परिवार के इकलौते बेटे की जान ले ली।
रात करीब 10 बजे ढकोली-कालका रोड पर एमएस एन्क्लेव के पास तेज रफ्तार फॉरच्यूनर पेड़ से टकरा गई। इससे गाड़ी में बैठे हरप्रीत सिंह का सिर फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
150 की स्पीड पर थी कार
हादसे के बाद लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने पहुंचकर लोगों की मदद से लाश को काफी मशक्कत के बाद गाड़ी से बाहर निकाला और सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया।
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ओवर स्पीड ने ज़ीरकपुर के गांव गाजीपुर जट्टां के एक परिवार के इकलौते बेटे की जान ले ली।
रात करीब 10 बजे ढकोली-कालका रोड पर एमएस एन्क्लेव के पास तेज रफ्तार फॉरच्यूनर पेड़ से टकरा गई। इससे गाड़ी में बैठे हरप्रीत सिंह का सिर फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
150 की स्पीड पर थी कार
हादसे के बाद लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। जिस पर पुलिस ने पहुंचकर लोगों की मदद से लाश को काफी मशक्कत के बाद गाड़ी से बाहर निकाला और सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया।
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रफ्तार का खौफनाक अंजाम
रफ्तार का खौफनाक अंजाम
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गाड़ी करीब 150 की स्पीड पर थी और हरप्रीत उसे कंट्रोल नहीं कर पाया। संतुलन बिगड़ने की वजह से गाड़ी बगल से पेड़ से जा टकराई। इससे अंदर बैठे हरप्रीत को इतनी जोर से झटका लगा कि उसका सिर सामने के शीशे से टकराकर फट गया और उसकी वहीं मौत हो गई।
पुलिस का कहना है कि अगर चालक ने सीट बैल्ट को पहना होता, तो शायद उसकी जान बच जाती। हरप्रीत ने हादसे के समय सीट बेल्ट नहीं लगाई हुई थी, ऊपर से गाड़ी ओवर-स्पीड थी। गाड़ी लेफ्ट साइड से काफी जोरदार तरीके से पेड़ से टकराई, जबकि गाड़ी का फ्रंट हिस्सा बिल्कुल ठीक था।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
हरप्रीत सिंह गांव गाजीपुर जट्टां के जमींदार हरभजन सिंह का इकलौता बेटा था और उसकी शादी हो चुकी है। उसका 6 साल का बेटा है। जमींदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरप्रीत का गांव में अच्छा रसूख था।
पुलिस का कहना है कि अगर चालक ने सीट बैल्ट को पहना होता, तो शायद उसकी जान बच जाती। हरप्रीत ने हादसे के समय सीट बेल्ट नहीं लगाई हुई थी, ऊपर से गाड़ी ओवर-स्पीड थी। गाड़ी लेफ्ट साइड से काफी जोरदार तरीके से पेड़ से टकराई, जबकि गाड़ी का फ्रंट हिस्सा बिल्कुल ठीक था।
बुझ गया घर का इकलौता चिराग
हरप्रीत सिंह गांव गाजीपुर जट्टां के जमींदार हरभजन सिंह का इकलौता बेटा था और उसकी शादी हो चुकी है। उसका 6 साल का बेटा है। जमींदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरप्रीत का गांव में अच्छा रसूख था।