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युवा मत लें तनाव, हृदय को चुपके से ले सकता है गिरफ्त में
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चंडीगढ़। बिग बॉस फेम सिद्धार्थ शुक्ला की वीरवार को हार्ट अटैक से मौत की खबर ने एक बार फिर युवाओं में यह बीमारी तेजी से बढ़ने की ओर संकेत किया है। हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि युवा वर्ग इस घातक बीमारी की चपेट में आने लगा है और स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। क्योंकि अब हृदयरोग संबंधी बीमारियों की उम्र सीमा 50 से घटकर 40 या 35 पर आ गई है। ऐसे में जरूरी है कि युवा वर्ग अपनी दिनचर्या के प्रति सचेत रहे।
पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रमुख डॉ. यशपाल शर्मा का कहना है कि ओवर एक्टिव युवाओं में हृदय संबंधी मर्ज ज्यादा बढ़ रही है। इसलिए खासतौर पर युवा वर्ग इस बात का ध्यान रखें कि काम का दबाव, तनाव और नशे की लत के साथ ही बॉडी बनाने के चक्कर में जिम कल्चर को ज्यादा बढ़ावा न दे, क्योंकि इससे कार्डियक मसल्स डिस्ट्राफी होने का खतरा बढ़ जाता है। जो अचानक आने वाली हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. तरनदीप का कहना है कि भारतीय लोगों में अन्य देश की तुलना में 10 साल पहले ही हार्ट अटैक होने लगा है। इसके कारण अब युवा वर्ग इससे प्रभावित होने लगा है। इसके अलावा शुगर, उच्च रक्तचाप, डिप्रेशन, खुद के लिए समय न निकालना, काम का दबाव और भागदौड़ की जिंदगी के कारण भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि नियमित रूप से हृदय संबंधी जांच कराई जाए। किसी भी तरह की परेशानी होने पर घरेलू उपाय करने की बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।
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इनसेट-
ये लक्षण हैं खतरनाक
- चलने में सांस फूलना
- छाती में दर्द होना
- धड़कन बढ़ जाना
- बिना कारण के बहुत पसीना आना
- छोटी सी बात पर जल्दी घबराहट होना
इनसेट-
बचाव के उपाय
धुम्रपान और जंक फूड से बचें
तनाव कम करने को योग करें
हर हाल में शारीरिक श्रम करें, पर ध्यान रहे ओवर एक्टिविटी घातक सिद्घ हो सकती है
40 साल के बाद साल में एक बार हृदय संबंधी जांच जरूर कराएं
ज्यादा जिमिंग मांसपेशियों पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है, जो हृदयरोग का कारण बन सकती हैं
कोट- कोविड के दौरान पोस्ट क ोविड मरीजों में क्लॉट फाम टेंडेंसी की शिकायत मिली है। ये खासतौर पर युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रहा है। इसलिए पोस्ट कोविड के मरीज अपने हृदय के प्रति सचेत रहे। नियमित जांच कराएं। लक्षण दिखने पर नजरअंदाज करने की गलती न करें।
-डॉ. यशपाल शर्मा, प्रमुख पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर
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पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर के प्रमुख डॉ. यशपाल शर्मा का कहना है कि ओवर एक्टिव युवाओं में हृदय संबंधी मर्ज ज्यादा बढ़ रही है। इसलिए खासतौर पर युवा वर्ग इस बात का ध्यान रखें कि काम का दबाव, तनाव और नशे की लत के साथ ही बॉडी बनाने के चक्कर में जिम कल्चर को ज्यादा बढ़ावा न दे, क्योंकि इससे कार्डियक मसल्स डिस्ट्राफी होने का खतरा बढ़ जाता है। जो अचानक आने वाली हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
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हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. तरनदीप का कहना है कि भारतीय लोगों में अन्य देश की तुलना में 10 साल पहले ही हार्ट अटैक होने लगा है। इसके कारण अब युवा वर्ग इससे प्रभावित होने लगा है। इसके अलावा शुगर, उच्च रक्तचाप, डिप्रेशन, खुद के लिए समय न निकालना, काम का दबाव और भागदौड़ की जिंदगी के कारण भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि नियमित रूप से हृदय संबंधी जांच कराई जाए। किसी भी तरह की परेशानी होने पर घरेलू उपाय करने की बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।
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इनसेट-
ये लक्षण हैं खतरनाक
- चलने में सांस फूलना
- छाती में दर्द होना
- धड़कन बढ़ जाना
- बिना कारण के बहुत पसीना आना
- छोटी सी बात पर जल्दी घबराहट होना
इनसेट-
बचाव के उपाय
धुम्रपान और जंक फूड से बचें
तनाव कम करने को योग करें
हर हाल में शारीरिक श्रम करें, पर ध्यान रहे ओवर एक्टिविटी घातक सिद्घ हो सकती है
40 साल के बाद साल में एक बार हृदय संबंधी जांच जरूर कराएं
ज्यादा जिमिंग मांसपेशियों पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है, जो हृदयरोग का कारण बन सकती हैं
कोट- कोविड के दौरान पोस्ट क ोविड मरीजों में क्लॉट फाम टेंडेंसी की शिकायत मिली है। ये खासतौर पर युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रहा है। इसलिए पोस्ट कोविड के मरीज अपने हृदय के प्रति सचेत रहे। नियमित जांच कराएं। लक्षण दिखने पर नजरअंदाज करने की गलती न करें।
-डॉ. यशपाल शर्मा, प्रमुख पीजीआई एडवांस कार्डियक सेंटर