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Chandigarh News: मिलेगा क्यूआर कोड वाला सर्टिफिकेट, विद्यार्थी 20 साल बाद देख सकेंगे, उनका पेड़ कितना बड़ा हुआ

Fri, 04 Jul 2025 01:44 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jul 2025 01:44 AM IST
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You will get a certificate with a QR code, students will be able to see after 20 years, how big their tree has grown
चंडीगढ़। यूटी प्रशासन अब तक का सबसे बड़ा पौधरोपण अभियान शुरू करने जा रहा है। इसकी शुरुआत 5 जुलाई को सेक्टर-1 के राजेंद्रा पार्क से होगी, जहां पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया 11000 पौधे लगाने की शुरुआत करेंगे। इस दिन शहर में कुल 253 साइटों पर एक लाख पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही स्कूली बच्चों को पौधे लगाने पर क्यूआर कोड वाला सर्टिफिकेट मिलेगा, जिसे 20 साल बाद भी स्कैन कर बच्चे देख पाएंगे कि उनका लगाया हुआ पेड़ कितना बड़ा हुआ है।
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वन विभाग का खास फोकस इस बार स्कूल और कॉलेज पर है। इसके लिए सभी स्कूलों से लिस्ट मांगी गई थी कि उनके कैंपस में कितनी जगह है और कितने पेड़ लगाए जा सकते हैं। इसके बाद सीआईआई व कंपनियों से संपर्क किया गया, ताकि वह अपने सीएसआर फंड से वहां पौधे लगाएं। ऐसे 18000 पौधे लगाए जाएंगे। बच्चों को इस मुहिम से जोड़ने के लिए 1000 क्यूआर कोड वाले सर्टिफिकेट देने का फैसला किया गया है। खास बात यह है कि यह सर्टिफिकेट उन बच्चों को मिलेगा, जो पौधे लगाएंगे। उस क्यूआर कोड में उस पौधे की फोटो होगी। एनआईसी की मदद से एक ऐसा सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे हर 6 महीने में उस पेड़ की ग्रोथ को फोटो के साथ अपडेट किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार ने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि वह बच्चा 20 साल बाद भी जब वह सर्टिफिकेट के क्यूआर कोड को स्कैन करे तो वह देख पाए कि पेड़ कितना बड़ा हो गया है। ऐसे में वह पूरी जिंदगी उस पेड़ से जुड़ा रहेगा।
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एक साथ 253 जगह लगेंगे पौधे, 24 जगह प्रशासक खुद जाएंगे
यह पौधारोपण अभियान कितना बड़ा होगा, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 253 जगह में से 24 जगह प्रशासक खुद जाएंगे। वह सुबह 8:00 बजे राजेंद्रा पार्क में पौधे लगाएंगे। इस दौरान सभी अधिकारी भी होंगे। इसके बाद वह लेजर वैली, पेक, पंजाब यूनिवर्सिटी, शांतिकुंज, कई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पार्क, कई सरकारी स्कूल, इस्कॉन मंदिर के पास वाले पार्क, सेक्टर 32 के अस्पताल, कॉलोनी नंबर 4 समेत कई इलाकों में पौधे लगाने के बाद आखिर में दोपहर करीब 1 बजे पंजाब राज भवन में भी अभियान चलाएंगे। पर्यावरण विभाग के सचिव मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि मानसून के खत्म होने तक इस बार 5 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसलिए, इसकी तैयारी 6 महीने पहले ही कर दी गई थी। इस संबंध में कई स्तर की बैठकें हुई हैं। नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। विभाग की कोशिश कोई संख्या दिखाना नहीं है, बल्कि शहर के ट्री कवर को बढ़ाना है। बता दें कि चंडीगढ़ का वर्तमान में 51.5 फीसदी ट्री कवर है।
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पौधे लगाने वालों से लिया जा रहा है अंडरटेकिंग
हर साल वन विभाग पर यह आरोप लगता है कि सिर्फ आंकड़े दिखाते हैं, जो पौधे वह बांटते हैं वो कुछ समय में ही गायब हो जाते हैं। ऐसे में वन विभाग की तरफ से इस बार जिन भी संस्थाओं को पौधे दिए जाएंगे, उनसे पूछा गया है कि यह पौधे कहां लगेंगे और साथ ही एक अंडरटेकिंग भी लिया जा रहा है कि वह 3 साल तक उस पौधे का ख्याल रखेंगे। इसके अलावा, कई सड़क किनारे पेड़ों की लाइन में कुछ पेड़ गायब हैं, इंजीनियरिंग विभाग और नगर निगम को मुख्य रूप से गैप को भरने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


मुफ्त नहीं, पैसे देकर खरीदने पड़ेंगे पौधे
इस बार घर-घर मुफ्त में नहीं 5 या 10 रुपये देकर पौधे खरीदने पड़ेंगे। वन विभाग आपके द्वार अभियान के तहत हर साल की तरह इस बार भी वन विभाग की गाड़ियां अलग-अलग क्षेत्रों में जाएंगी और लोगों को पौधे बाटेंगे, लेकिन इस बार पौधे मुफ्त में नहीं, बल्कि 5 और 10 रुपये में दिए जाएंगे। ऐसा करने के पीछे मुख्य वन संरक्षक सौरभ कुमार ने दो कारण बताए हैं। पहला, जब लोग पैसे देकर खरीदेंगे तो उसकी वैल्यू को समझेंगे और उस पौधे को बर्बाद नहीं होने देंगे। दूसरा, जब विभाग के पास पौधों के पैसे आएंगे तो विभाग के पास एक रिकॉर्ड होगा कि कितने पौधे दिए गए हैं, क्योंकि मुफ्त में पौधे बांटने की वजह से पहले यह पता नहीं चल पाता था कि कितने पौधे बांटे गए हैं।
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