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Hindi News ›   Chandigarh ›   Wrote a letter to the Governor for the college, told - people started signature campaign

Chandigarh News: कॉलेज के लिए राज्यपाल को लिखा पत्र, बताया- लोगों ने चलाया हस्ताक्षर अभियान

Mon, 03 Mar 2025 01:34 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 03 Mar 2025 01:34 AM IST
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Wrote a letter to the Governor for the college, told - people started signature campaign
चंडीगढ़। मनीमाजरा में काॅलेज निर्माण को लेकर चले हस्ताक्षर अभियान की पूरी डिटेल राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक पत्र लिखकर दी गई है। इस पत्र को सोमवार राज्यपाल को भेजा जाएगा।
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अभियान का नेतृत्व करने वाले पूर्व मेयर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दो दिन तक मनीमाजरा में काॅलेज के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें स्थानीय लोगों के साथ चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने भी साइन किए थे।
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उनका भी कहना था कि यहां तीन लाख की आबादी के लिए एक अदद डिग्री काॅलेज भी नहीं है। ऐसे में यहां के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पाती है। उन्हें 8 से 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। उसमें भी जरूरी नहीं कि वहां के काॅलेज में बच्चों में एडमिशन मिले।
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यहां कॉलेज निर्माण की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी आंदोलन हो चुका है। यहां तक कि स्थानीय लोगों ने कई बाद प्रदर्शन भी किया है, लेकिन शासन स्तर पर हमेशा से मनीमाजरा की अनदेखी की जाती है। इस इलाके का इतिहास चंडीगढ़ से भी पुराना है, लेकिन यहां के लोग आज भी उच्च शिक्षा से वंचित हैं। उनको दूसरी जगह पर जाना पड़ता है। वहां भी सीट की कमी के कारण कई बार दाखिला नहीं मिल पाता है।


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संबंधित विभाग को आदेश देने की मांग
पूर्व मेयर सुरेंद्र सिंह ने कहा कि स्थानीय लोग राज्यपाल से निवेदन करते हैं कि यहां कॉलेज निर्माण के लिए संबंधित विभाग को निर्देश जारी किए जाएं। पूर्व राज्यपाल ने ही काॅलेज निर्माण के लिए सरकार को आदेश दिया था। ऐसे में यहां अगर निर्माण कार्य जल्द होता है तो यहां के बच्चों का भविष्य सुधर जाएगा। इससे चंडीगढ़ की सड़कों पर विद्यार्थियों की भीड़ कम होगी और उनका दैनिक यात्रा खर्च भी बचेगा।

सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को
सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को होती है। पुराना और कम पढ़े-लिखे लोग होने की वजह से कई लोग लड़कियों की पढ़ाई 12 के बाद छुड़वा देते हैं। स्थानीय स्तर पर कॉलेज न होने की वजह से फैसला लेते हैं। जितने साल से कॉलेज की मांग हो रही है अगर इसको समय से पूरा कर दिया गया होता तो आज बहुत से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल जाती।
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