वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे: कोरोना काल ने गंभीर कर दी लिवर की बीमारी, इलाज में देरी से मृत्युदर बढ़ी
कोरोना काल में नॉन कोविड मरीजों का इलाज बंद होने के कारण लिवर के मरीजों की हालत ज्यादा खराब हो गई है। पीजीआई में संचालित लिवर क्लीनिक, लिवर न्यूट्रीशन क्लीनिक और लिवर ट्रांसप्लांट के मरीजों में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या अधिक है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना काल में अस्पतालों की ओपीडी के साथ ही इलाज की अन्य सुविधाएं बाधित होने से सबसे ज्यादा नुकसान लिवर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को हो रहा है। गौरतलब है कि हेपेटाइटिस मुख्य रूप से लिवर की बीमारी है। पीजीआई हेपेटॉलजी विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि महामारी के दौर में लिवर के मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध नहीं हो सका। फॉलोअप न मिलने से ऐसे मरीजों की मृत्यु में तेजी से इजाफा हुआ है।
विभाग के प्रमुख प्रो. विरेंद्र सिंह का कहना है कि अब तक इससे कितने मरीजों की मौत हुई है, इसका आंकड़ा तो उपलब्ध नहीं है। लेकिन फॉलोअप के रिकॉर्ड बता रहे हैं कि यह मरीजों के लिए बेहद जानलेवा साबित हुआ है। ऐसे में अब जरूरी है कि लिवर की बीमारी से जूझ रहे मरीज इलाज में जरा भी अनदेखी न करें।
पुरुषों की स्थिति ज्यादा खराब
एक नजर 2019-20 की पीजीआई की ओपीडी के आंकड़ों पर
लिवर क्लीनिक लिवर न्यूट्रीशन क्लीनिक लिवर ट्रांसप्लांट
पुरुष मरीजों की संख्या 7121 07 87
महिला मरीजों की संख्या 3451 4 19
ये लक्षण न करें नजरअंदाज
इससे खराब हो रहा लिवर
लिवर कई वजहों से खराब होता है। वायरल हेपेटाइटिस, सिरोसिस, ज्यादा शराब, ज्यादा तली-भुनी और मसालेदार खाना प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
लिवर का महत्व
यकृत या जिगर शरीर का एक अंग है, जो केवल कशेरुकी प्राणियों में पाया जाता है। इसका कार्य विभिन्न चयापचयों को करना, प्रोटीन को संश्लेषित करना, और पाचन के लिए आवश्यक जैव रासायनिक बनाना है।
आज शाम सात बजे से विशेषज्ञ से पूछिए सवाल
हेपेटाइटिस मुख्य रूप से लिवर की बीमारी है। इससे बचाव के लिए बच्चों का तय समय पर टीकाकरण कराएं। वहीं लक्षण दिखने पर समय रहते इलाज शुरू करवाएं, क्योंकि इसके इलाज में महज तीन महीने का समय लगता है। बीमारी गंभीर होने पर जान भी जा सकती है। -प्रो. विरेंद्र सिंह, पीजीआई हेपेटॉलजी विभाग के प्रमुख