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हड़ताल पर कर्मी, एमडीसी में पावर कट
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Thu, 23 Jan 2014 08:47 AM IST
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हरियाणा तालमेल कमेटी के आह्वान पर की गई हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को लोगों को बिजली की किल्लत से जूझना पड़ा।
बिजली निगम कर्मियों की हड़ताल की वजह से मनसा देवी कांप्लेक्स-चार और पांच की सोसाइटियों में करीब दस घंटे तक बिजली की आपूर्ति बंद रही। इसके अलावा बरवाला और रायपुररानी के दर्जनों गांवों में भी करीब 24 घंटों से बिजली-पानी की सप्लाई ठप रही।
हरियाणा तालमेल कमेटी की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण बिजली निगमों के 90 फीसदी से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
पिंजौर के पास 66केवीए की ट्रांसमिशन लाइन में आई खराबी के कारण पंचकूला एमडीसी क्षेत्र में 10 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
शाम करीब चार बजे डिस्क ठीक करने के बाद बिजली की आपूर्ति दोबारा बहाल की गई। एमडीसी पांच निवासी एसएस सचदेवा ने कहा कि बिजली की किल्लत से पानी की आपूर्ति भी सुबह साढ़े छह से शाम करीब चार बजे तक नहीं हो सकी।
उधर, यूएचबीवीएन के कर्मियों के हड़ताल पर होने की वजह से भी गांव बुंगा, टोडा, जासपुर, पतरियां सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में पिछले 24 घंटे से अधिक वक्त तक बिजली की आपूर्ति की बाधित रही।
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कर्मियों ने किए अलग अलग प्रदर्शन
हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल में शामिल रहे। रेड बिशप में उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हरियाणा टूरिजम कर्मचारी संघ, पंचकूला के प्रधान राम हर्ष ने कहा कि निगम पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो पर्यटन केन्द्र पर दिहाड़ी पर काम कराया जा रहा है तो दूसरी तरफ कर्मियों को अधिकारियों के घरों में काम करना पड़ रहा है।
हसला के जिला प्रधान कंवर विक्रम सिंह भाटी और महासचिव राजेश कुमार कौशिक ने कहा कि रायपुररानी खंड और मोरनी के स्कूलों में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा।
उधर, शिक्षा सदन के बाहर भी शिक्षा विभाग के कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही बिजली कर्मियों की ओर से पावर कालोनी में विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदीप चौधरी ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया
कालका से इनेलो के विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में करीब 24 घंटे से बिजली की किल्लत के कारण लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
हड़ताल की घोषणा के बाद प्रशासन को वैकल्पिक इंतजाम करना चाहिए था। इस अव्यवस्था के लिए सरकार जिम्मेदार है।
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बिजली निगम कर्मियों की हड़ताल की वजह से मनसा देवी कांप्लेक्स-चार और पांच की सोसाइटियों में करीब दस घंटे तक बिजली की आपूर्ति बंद रही। इसके अलावा बरवाला और रायपुररानी के दर्जनों गांवों में भी करीब 24 घंटों से बिजली-पानी की सप्लाई ठप रही।
हरियाणा तालमेल कमेटी की तीन दिवसीय हड़ताल के कारण बिजली निगमों के 90 फीसदी से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
पिंजौर के पास 66केवीए की ट्रांसमिशन लाइन में आई खराबी के कारण पंचकूला एमडीसी क्षेत्र में 10 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
शाम करीब चार बजे डिस्क ठीक करने के बाद बिजली की आपूर्ति दोबारा बहाल की गई। एमडीसी पांच निवासी एसएस सचदेवा ने कहा कि बिजली की किल्लत से पानी की आपूर्ति भी सुबह साढ़े छह से शाम करीब चार बजे तक नहीं हो सकी।
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उधर, यूएचबीवीएन के कर्मियों के हड़ताल पर होने की वजह से भी गांव बुंगा, टोडा, जासपुर, पतरियां सहित करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में पिछले 24 घंटे से अधिक वक्त तक बिजली की आपूर्ति की बाधित रही।
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कर्मियों ने किए अलग अलग प्रदर्शन
हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल में शामिल रहे। रेड बिशप में उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हरियाणा टूरिजम कर्मचारी संघ, पंचकूला के प्रधान राम हर्ष ने कहा कि निगम पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो पर्यटन केन्द्र पर दिहाड़ी पर काम कराया जा रहा है तो दूसरी तरफ कर्मियों को अधिकारियों के घरों में काम करना पड़ रहा है।
हसला के जिला प्रधान कंवर विक्रम सिंह भाटी और महासचिव राजेश कुमार कौशिक ने कहा कि रायपुररानी खंड और मोरनी के स्कूलों में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा।
उधर, शिक्षा सदन के बाहर भी शिक्षा विभाग के कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही बिजली कर्मियों की ओर से पावर कालोनी में विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदीप चौधरी ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया
कालका से इनेलो के विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में करीब 24 घंटे से बिजली की किल्लत के कारण लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है।
हड़ताल की घोषणा के बाद प्रशासन को वैकल्पिक इंतजाम करना चाहिए था। इस अव्यवस्था के लिए सरकार जिम्मेदार है।