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Haryana: सरकार और सरपंचों के बीच फंसा गांवों का विकास, डेढ़ माह में केवल 13 कार्यों के ही हुए वर्क आर्डर
Thu, 02 Mar 2023 01:11 PM IST
निवेदिता वर्मा
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
सोमदत्त शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 02 Mar 2023 01:11 PM IST
सार
विकास एवं पंचायत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक कुल पंचायतों में से 57 फीसदी पंचायतों ने विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं, जबकि 43 फीसदी पंचायतों ने अभी तक एक भी प्रस्ताव नहीं दिया है। फरीदाबाद में 99 प्रतिशत पंचायतें प्रस्ताव देकर नंबर एक पर हैं, जबकि कुरुक्षेत्र में 68 फीसदी पंचायतों ने विकास कार्यों के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिए
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हरियाणा सरकार
- फोटो : @cmohry
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विस्तार
ग्राम पंचायतों में ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू कराने को लेकर हरियाणा सरकार और सरपंचों के बीच पेंच फंस गया है। पुरानी और नई कोई भी व्यवस्था लागू नहीं होने का खामियाजा ग्रामीण भुगत रहे हैं। आलम यह है कि प्रदेश में तीन माह पहले नई पंचायतों का गठन हो चुका है, लेकिन अभी तक मात्र 13 विकास कार्यों के ही वर्क आर्डर हुए हैं। सरपंच पुरानी व्यवस्था बहाली की लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि सरकार दो लाख रुपये से अधिक के काम ई-टेंडरिंग से कराने पर अड़ी हुई है।
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विकास एवं पंचायत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक कुल पंचायतों में से 57 फीसदी पंचायतों ने विकास कार्यों के प्रस्ताव दिए हैं, जबकि 43 फीसदी पंचायतों ने अभी तक एक भी प्रस्ताव नहीं दिया है। फरीदाबाद में 99 प्रतिशत पंचायतें प्रस्ताव देकर नंबर एक पर हैं, जबकि कुरुक्षेत्र में 68 फीसदी पंचायतों ने विकास कार्यों के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिए। हरियाणा में पहले दो साल तक पंचायतों के चुनाव नहीं हुए, इससे विकास कार्य प्रभावित रहे। इस बार तीन दिसंबर को नई पंचायतों ने कार्यभार संभाला था। इसके बाद 19 जनवरी को सरकार ने पंचायतों में दो लाख रुपये से ऊपर के कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग के आदेश जारी किए थे। 23 जनवरी को विकास कार्यों के लिए हरियाणा सरकार 1100 करोड़ रुपये पंचायतों के लिए जारी कर चुकी है।
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मुख्यमंत्री के जिले में 8 और पंचायत मंत्री के जिले में 4 कामों के वर्क आर्डर हुए
अभी तक हरियाणा सरकार के पास 2 लाख रुपये तक के 2171 प्रस्ताव आए हैं। दो लाख रुपये से ऊपर के 1542 प्रस्ताव हैं। इनमें से 524 की प्रशासनिक स्वीकृति हो चुकी है, जबकि 375 के टेंडर जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 34 की बिड सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। मात्र 13 कामों के ही वर्क आर्डर जारी हुए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के गृह जिले करनाल से 8, पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के गृह जिले फतेहाबाद से 4 और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गृह जिले रोहतक जिले से 1 टेंडर शामिल है।
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जिला कुल पंचायत प्रस्ताव दिए प्रस्ताव नहीं दिए 2 लाख तक के कार्य 2 लाख से ऊपर के कार्य
कुरुक्षेत्र 403 130 273 (68 प्रतिशत) 98 48
जींद 300 106 194 (65 प्रतिशत) 61 21
अंबाला 400 173 227 (57 प्रतिशत) 140 112
हिसार 307 159 148 (48 प्रतिशत) 68 34
सोनीपत 318 166 152 (48 प्रतिशत) 89 73
सिरसा 339 183 156 (46 प्रतिशत) 57 55
भिवानी 312 177 135 (43 प्रतिशत) 99 98
गुरुग्राम 157 89 68 (43 प्रतिशत) 60 56
झज्जर 247 140 107 (43 प्रतिशत) 54 54
कैथल 277 157 120 (43 प्रतिशत) 141 119
करनाल 395 236 159 (40 प्रतिशत) 196 102
यमुनानगर 490 293 197 (40 प्रतिशत) 14 7
चरखी दादरी 165 102 63 (38 प्रतिशत) 90 87
पलवल 263 162 101 (38 प्रतिशत) 78 66
रोहतक 142 89 53 (37 प्रतिशत) 160 66
फतेहाबाद 259 166 93 (36 प्रतिशत) 112 75
नूंह 325 214 111 (34 प्रतिशत) 127 93
रेवाड़ी 365 241 124 (34 प्रतिशत) 95 72
पानीपत 178 120 58 (33 प्रतिशत) 111 93
महेंद्रगढ़ 343 237 106 (31 प्रतिशत) 169 84
पंचकूला 135 100 35 (26 प्रतिशत) 103 83
फरीदाबाद 100 99 1 (1 प्रतिशत) 49 44
कुल 6220 3539 2681 (43 प्रतिशत) 2171 1542
57 फीसदी पंचायतें विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव दे चुकी हैं, शेष भी कार्य में लग गई हैं। कुछ लोग भ्रमित होकर विरोध कर रहे हैं। हमें यकीन है कि हम सरपंचों को समझाने में कामयाब होंगे और गांवों के विकास के रास्ते खुलेंगे। - देवेंद्र बबली, पंचायत मंत्री
1100 करोड़ रुपये पंचायतों के खाते में डालने के झूठे दावे किए जा रहे हैं। सरकार ने पंचकूला में एक बैंक में यह राशि जमा की है, पूरे हरियाणा भर की पंचायतों के लिए यह पैसा ई टेंडरिंग के कार्यों के लिए रखा है। जब तक सरकार नहीं मानेगी, आंदोलन जारी रहेगा। - रविंद्र कुमार, सदस्य, सरपंच एसोसिएशन।