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हर उम्र के स्टायलिश वूलन वीयर्स मिलेंगे यहां, शॉपिंग का मूड है तो चले आओ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 15 Nov 2017 10:32 AM IST
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स्टायलिश वूलन वीयर्स
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ठंड की दस्तक के साथ ही अब स्टाइलिश ऊनी वस्त्रों का बाजार भी गरम हो गया है। वहीं इस जगह पर आइए, जहां हर उम्र के स्टायलिश वूलन वीयर्स मौजूद हैं। इस बार ऊनी वस्त्रों में स्टाइल तो आई है पर इससे वस्त्रों से मिलने वाली गरमाहट पर कोई असर नहीं हुआ है। जी हां, यहां बात हो रही है कुल्लू के स्टालिश शॉल और ऊनी वस्त्रों की। चंडीगढ़ के लाला लाजपत राय भवन में आयोजित प्रदर्शनी में ऐसे ही ऊनी वस्त्रों की प्रदर्शनी लगी है।
याक, खरगोश और भेड़ से निकाली जाने वाली ऊन के माध्यम से तैयार की जाने वाली यह शॉल एकदम जुदा है। मार्केट के लिहाज से कारीगरों ने भी इस शॉल को एकदम नया रंग दे दिया है। इस प्रदर्शनी के आयोजक राजकुमार ने बताया कि अब शॉल में भड़कीले रंग भी आ गए हैं। जबकि पहले इतने रंग नहीं थे। इस शॉल को तैयार करने के बारे में राजकुमार ने बताया कि पहले भेड़ या खरगोश के बालों से रुई तैयार की जाती है। फिर उसको धोया जाता है। उसके बाद हैंडलूम से शॉल तैयार की जाती है।
इसमें यदि प्रिंटिंग होती है तो शॉल महंगी तो हो ही जाती है साथ ही इसे बनाने में दो से तीन दिन का समय लगता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रिंट वर्क जैसा दिखता है। हालांकि यह प्रिंट वर्क नहीं होता है। इसे मिक्स-मैच थ्रेड से तैयार किया जाता है। इसको माचिस की तीली के इस्तेमाल से तैयार किया जाता है। इस फेस्ट में कुल्लू के कारीगरों द्वारा तैयार शार्ट, लांग जैकेट, ट्रेडीशनल टोपी, मफलर और मोजे आदि हैं। इसमें सिल्क, पशमीना शॉल के साथ ही याक वूल शॉल, मेरीनो वूल, शीप वूल, किनौरी वूल के कपड़ें भी है।
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मोदी जैकेट भी है फेस्ट में
अबकी बार कुल्लू फेस्ट के दौरान मोदी जैकेट भी है। इसमें कई शेड्स हैं। इनमें ओरेंज, ब्लू, मस्टर्ड, रेड, पिंक, मजेंटा, वायलेट शेड के जैकेट है। खास बात यह है कि बच्चों के लिए भी मोदी जैकेट का है। जो कि देखने में शार्ट लेंथ वाली नेहरू जैकेट जैसी लगती हैं पर हैं उससे अलग। इस जैकेट में कोट का कपड़ा लगाया गया है।
फेस्ट में है यह भी खास
1- हर उम्र के लिए स्टाइलिश वूलन वीयर्स। सिल्क-वूलन फेब्रिक कपड़ों की अच्छी रेंज है।
2-अंगूरा, लैंब, याक, रैबिट वूल व हिमाचल के पयोर वूल से बने कपड़ों की खास वैरायटी।
3- रैबिज व पशमीना वूल शॉल , डिजाइनर चंबा स्टोल कुल्लू - किन्नौरी व लदाखी शॉल।
5- सूट पर पहने जाने वाले लॉग कोट है।
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याक, खरगोश और भेड़ से निकाली जाने वाली ऊन के माध्यम से तैयार की जाने वाली यह शॉल एकदम जुदा है। मार्केट के लिहाज से कारीगरों ने भी इस शॉल को एकदम नया रंग दे दिया है। इस प्रदर्शनी के आयोजक राजकुमार ने बताया कि अब शॉल में भड़कीले रंग भी आ गए हैं। जबकि पहले इतने रंग नहीं थे। इस शॉल को तैयार करने के बारे में राजकुमार ने बताया कि पहले भेड़ या खरगोश के बालों से रुई तैयार की जाती है। फिर उसको धोया जाता है। उसके बाद हैंडलूम से शॉल तैयार की जाती है।
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इसमें यदि प्रिंटिंग होती है तो शॉल महंगी तो हो ही जाती है साथ ही इसे बनाने में दो से तीन दिन का समय लगता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रिंट वर्क जैसा दिखता है। हालांकि यह प्रिंट वर्क नहीं होता है। इसे मिक्स-मैच थ्रेड से तैयार किया जाता है। इसको माचिस की तीली के इस्तेमाल से तैयार किया जाता है। इस फेस्ट में कुल्लू के कारीगरों द्वारा तैयार शार्ट, लांग जैकेट, ट्रेडीशनल टोपी, मफलर और मोजे आदि हैं। इसमें सिल्क, पशमीना शॉल के साथ ही याक वूल शॉल, मेरीनो वूल, शीप वूल, किनौरी वूल के कपड़ें भी है।
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मोदी जैकेट भी है फेस्ट में
अबकी बार कुल्लू फेस्ट के दौरान मोदी जैकेट भी है। इसमें कई शेड्स हैं। इनमें ओरेंज, ब्लू, मस्टर्ड, रेड, पिंक, मजेंटा, वायलेट शेड के जैकेट है। खास बात यह है कि बच्चों के लिए भी मोदी जैकेट का है। जो कि देखने में शार्ट लेंथ वाली नेहरू जैकेट जैसी लगती हैं पर हैं उससे अलग। इस जैकेट में कोट का कपड़ा लगाया गया है।
फेस्ट में है यह भी खास
1- हर उम्र के लिए स्टाइलिश वूलन वीयर्स। सिल्क-वूलन फेब्रिक कपड़ों की अच्छी रेंज है।
2-अंगूरा, लैंब, याक, रैबिट वूल व हिमाचल के पयोर वूल से बने कपड़ों की खास वैरायटी।
3- रैबिज व पशमीना वूल शॉल , डिजाइनर चंबा स्टोल कुल्लू - किन्नौरी व लदाखी शॉल।
5- सूट पर पहने जाने वाले लॉग कोट है।