प्रौद्योगिकी, विज्ञान, गणित, अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं की भागीदारी करनी होगी : स्मृति ईरानी
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केंद्रीय कपड़ा और महिला बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा है कि वर्तमान समय में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 38 करोड़ नए बैंक खातों में से 20 करोड़ खाते महिलाओं के नाम पर हैं। इन्हीं खातों में केंद्र सरकार ने महामारी के समय पैसे भेजे हैं, जिसके जरिये परिवारों को लाभ मिला है। महिलाओं को भी लगा कि उनके खाते में पैसे आएं, जिनके जरिये उन्होंने घर चलाया। वे रविवार को पीयू के स्वामी विवेकानंद अध्ययन केंद्र व इतिहास विभाग की ओर से ‘सशक्त महिला स्व विश्वसनीय राष्ट्रीय बनाती है’ विषय पर आयोजित वेबिनार में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रही थीं।
वेबिनार में लगभग 600 लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे कौशल विविधीकरण और उन्नयन महिलाओं को सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि देश के विकास में महिलाओं को बड़ा योगदान रहा है। प्रौद्योगिकी, विज्ञान, गणित व अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया।
बोलीं- भारतीय समाज को भारतीय सोच पर वापस लौटना होगा
स्मृति ईरानी ने हर किसी को सांस्कृतिक रूप से करीब लाने के लिए एक तकनीकी वाहन के रूप में प्रौद्योगिकी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महामारी ने हमें आत्मनिरीक्षण करने और प्रतिरक्षा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के हमारे सांस्कृतिक तरीकों की तरह बुनियादी बातों पर वापस जाने के लिए मजबूर किया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय समाज को भारतीय सोच पर वापस लौटना होगा, जिसमें एक भारतीय महिला पश्चिमी सभ्यता के विपरीत केवल एक वस्तु या सेवा में व्यक्ति नहीं थी, बल्कि एक समान भागीदार थी जिसने बहस में भाग लिया और संधियों को लिखा। उसे एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जा सकता है जिसने भूखे को खाना खिलाया और बहादुरी से लड़ते हुए भी अपने बेटे को उसकी पीठ से बांधा।
भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को माताओं ने आगे बढ़ाया
पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने सांस्कृतिक संदर्भों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को लाखों भव्य माताओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया, जिन्होंने लोक गायन के माध्यम से समाज और मातृभूमि के लिए वीरता, सेवा के मूल्यों को सिखाया।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कथा का प्रभाव बदलना कितना महत्वपूर्ण था, जो हमेशा महिलाओं के खिलाफ रहा है। जब उन्होंने अपना लोक गायन शुरू किया तो आमतौर पर केवल सौंदर्य प्रसाधन, महिलाओं के दर्द और परेशानियों, पुरुषों पर महिलाओं की निर्भरता आदि पर ध्यान केंद्रित करने वाले गाने सुने जाते थे। उन्होंने कई गीतों का खुलासा किया जिसमें महिला सशक्तिकरण और बड़े क्षेत्रों में उनके सक्रिय योगदान की बात की गई थी।
भविष्य में हो सकता है महिला कुलपति हो
वेबिनार के दौरान वीसी प्रो. राजकुमार ने केंद्रीय मंत्री को पीयू की महत्वपूर्ण बातें बताईं। उन्होंने कहा कि उनको जानकार खुशी होगी कि यहां विभागों में अधिकांश महिला चेयरपर्सन हैं। विद्यार्थियों की कुल संख्या में 60 फीसदी हिस्सा छात्राओं का है। इस पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि हो सकता है भविष्य में यहां महिला कुलपति की आवश्यकता हो।
यह कहते ही एक बार तो सभी की आवाज बंद हो गई। हालांकि इससे पहले वीसी प्रो. राजकुमार ने समाज में महिला सशक्तिकरण के बढ़ते स्वरूप पर बात की। उन्होंने कहा कि महिलाएं हमेशा अपने जीवन, परिवारों, समुदायों और समाज को अच्छी तरह से एकीकृत और सुव्यवस्थित रखने के लिए कई जिम्मेदारियों और चुनौतियों का निर्बाध रूप से प्रबंधन करने और प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम हैं। इतिहास विभाग की चेयरपर्सन प्रो. अंजू सूरी ने भी विषय पर प्रकाश डाला। प्रो. रेणु ठाकुर, समन्वयक ने सभी का आभार जताया।