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अमृतसर रेल हादसाः एक पिता ने मरने से पहले 10 माह की बच्ची को ऐसे दी नई जिंदगी

Mon, 22 Oct 2018 12:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Updated Mon, 22 Oct 2018 12:07 PM IST
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women saves a child into air before train hit his father and mother
अमृतसर रेल हादसा

दशहरे के दिन अमृतसर के जौड़ा रेल फाटक के पास हुए दर्दनाक हादसे में 59 लोगों की जान चली गई। हादसे के तीन दिन बीत जाने के बाद अभी कई दर्दनाक पल लोगों के सामने आ रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने मौत को एकदम करीब से देखा है। हालांकि उनकी जान बच गई। 10 महीने की एक बच्ची ने 'जाको राखे साइयां मार सके ना कोई' उक्ति को साबित कर दिखाया है।

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घटना वाले दिन बच्ची अपने माता-पिता के साथ थी। उनकी गोद में वो दशहरा देख रही थी। पास में खड़ी एक दूसरी महिला को देखकर बच्ची बार-बार हंस भी रही थी। रावण दहन के दौरान ट्रेन वहां से तेज रफ्तार में गुजरी और पिता उसकी चपेट में आ गया। जोरदार टक्कर लगने के बाद बच्ची उछल कर पास में खड़ी महिला की गोद में जा गिरी। वहीं बच्ची की मां लापता हो गई और पिता की मौत हो गई। पुलिस बच्ची के परिजनों की तलाश कर रही है। 

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अमृतसर रेल हादसा

पुलिस ने बताया कि अस्पताल में एक महिला गंभीर रूप से घायल है। उसके होश में आने की उम्मीद की जा रही है। उसके बाद ही यह पता चल पाएगा कि बच्ची की मां वो है या कोई और। बच्ची को पाने वाली महिला संगीता ने बताया कि बच्ची की मां को जोरदार टक्कर लगी है। हालांकि भगदड़ की वजह से उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। संगीता ने बच्ची को प्रशासन के हवाले कर दिया है। जहां प्रशासन अब परिजनों की तलाश में जुटा है।

बता दें कि पंजाब के अमृतसर में दशहरा के दिन बड़ा रेल हादसा हुआ था। यहां के जौड़ा फाटक के पास स्थित एक मैदान में लोग रावण दहन देख रहे थे। ये सभी लोग रेल ट्रैक पर खड़े थे। तभी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से 59 लोगों की जान चली और गई और कई लोग घायल हो गए। 

 

हादसे को लेकर रेलवे का कहना है कि पुतला दहन देखने के लिए लोगों का वहां पटरियों पर एकत्र होना ‘‘स्पष्ट रूप से अतिक्रमण का मामला’’ था और इस कार्यक्रम के लिये रेलवे द्वारा कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। अमृतसर प्रशासन पर इस हादसे की जिम्मेदारी डालते हुए आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि स्थानीय अधिकारियों को दशहरा कार्यक्रम की जानकारी थी और इसमें एक वरिष्ठ मंत्री की पत्नी ने भी शिरकत की। 

रेलवे अधिकारियों ने कहा, "हमें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई थी और हमारी तरफ से कार्यक्रम के लिए कोई मंजूरी नहीं दी गई थी। यह अतिक्रमण का स्पष्ट मामला है और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।" 

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