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किशनगढ़ के मकानों को बचाएंगी महिला सरपंच
गोविंद परवाना/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 Dec 2013 01:21 AM IST
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किशनगढ़ गांव की सरपंच की सीट पर इस बार महिलाओं का कब्जा होगा। क्यों कि, प्रशासन ने यह सीट महिलाओं के लिए रिजर्व कर रखी है।
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चुनाव में जीत हासिल करने वाली सरपंच के सामने अब गांव के करीब 100 मकानों को अधिग्रहण से मुक्त कराने का दायित्व होगा।
बता दें कि प्रशासन ने आईटी पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण करते समय छह सौ मकानों को एक्वॉयर कर लिया था। मौजूदा सरपंच देवेंद्र लुभाणा ने बताया उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका डालकर पांच सौ मकानों को अधिग्रहण से मुक्त करा लिया है।
जबकि, अभी भी सौ मकान अधिग्रहण से मुक्त नहीं हो पाए हैं। इसके लिए अब गांव की नई महिला सरपंच को ही आगे की लड़ाई लड़नी होगी।
हालांकि, मौजूद सरपंच और कांग्रेस के जिला प्रधान देवेंद्र लुभाणा ने अपनी पत्नी गुरविंदर कौर को सरपंच पद की सीट पर चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतारा है।
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गुरविंदर कौर का मुकबाला जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन भजन सिंह माडू की पत्नी मन कौर से है। देवेंद्र लुभाणा का कहना कि वह खुद बीए, एलएलबी है।
वहीं, उनकी पत्नी गुरविंदर एमए तक पढ़ीं हैं। समय-समय पर समाज के मुद्दों को उठाती रहती हैं। सरपंच ही नही गांव के पंच पद के लिए भी महिलाएं जोश है।
इनमें पुरानी पंच रही मनजीत कौर और भगवानपुरा गांव के मौजूद सरपंच बेबी रानी और शास्त्री नगर से कुलविंदर कौर भी पंच पद का चुनाव लड़ रही है।
किशनगढ़ गांव की पंचायत के साथ भगवानपुरा गांव और शास्त्री नगर भी जुड़ा है। शुक्रवार को जिला परिषद् के मेंबर मनोज लुभाणा, पंचायत सीमित के मेंबर सतवीर सिंह भाकर और गुरचरण सिंह ने गुरविंदर कौर के साथ एक रैली निकालकर उनके पक्ष में वोटें मांगी।
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