फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Women Commission sent notice in kidnapping and molestation case of French woman

फ्रांसीसी महिला से छेड़छाड़: 27 साल पुराने मामले में महिला आयोग ने भेजा नोटिस, मंत्री कोटली समेत सभी हो चुके बरी

Wed, 06 Oct 2021 10:13 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 06 Oct 2021 10:13 PM IST
सार

31 अगस्त 1994 में अपहरण व छेड़छाड़ का आरोप एक फ्रांसीसी महिला ने लगाया था। महिला भारत घूमने आई थी। इस मामले में कोटली के साथ उनके चार दोस्तों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि बाद में सभी लोग कोर्ट से बरी हो गए थे। 27 साल पुराने इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

विज्ञापन
Women Commission sent notice in kidnapping and molestation case of French woman
राष्ट्रीय महिला आयोग - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली विवादों में आ गए हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने (एनसीडब्ल्यू) उन्हें 27 साल पुराने फ्रांस की महिला के अपहरण और छेड़छाड़ मामले में नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा है। 31 अगस्त, 1994 में यह घटना हुई थी, जिसमें कोटली को मुख्य आरोपी बनाया गया था। 2017 में अकाली दल ने आयोग में यह शिकायत दर्ज कराई थी।

विज्ञापन


फ्रांस की महिला ने आरोप लगाया था कि वह भारत में घूमने आई थी। 31 अगस्त, 1994 में उसका अपहरण कर उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। इस मामले में महिला ने अपनी जान को खतरा बताया था और वापस अपने देश फ्रांस लौट गई थी। इस मामले में कोटली के साथ ही उनके चार दोस्तों को आरोपी बनाया गया था। हालांकि यह मामला कोर्ट में गया था, जिसमें 1998 में न्यायालय ने सभी को बरी कर दिया था। 
विज्ञापन


पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री गुरकीरत कोटली पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बेअंत सिंह के पोते हैं। जब यह घटना हुई थी तब उनके दादा पंजाब के मुख्यमंत्री थे। आयोग ने एक बार फिर से इस मामले में पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कैप्टन ने नहीं भेजा था जवाब
2017 में अकाली दल ने राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत भेजकर मामले की दोबारा सुनवाई की मांग की थी। आयोग ने इसके बाद पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था लेकिन कैप्टन सरकार की ओर से इस मामले में आयोग में कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed