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पुलिसवाले को बचाने बेटे सहित आग में कूदी महिला

Fri, 26 Dec 2014 01:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली(सिरसा)
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली(सिरसा) Updated Fri, 26 Dec 2014 01:54 PM IST
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Woman jumped into fire with son to save Cop in Sirsa

बेशक पुलिस थानों में महिलाओं की फरियाद सुनने में आनाकानी की जाती हो, लेकिन बुधवार रात को एक पुलिसकर्मी की फरियाद सुनकर उसे बचाने के लिए एक महिला अपने बेटे सहित आग में कूद गई।

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घटना हरियाणा के डबवाली(सिरसा) की है। दोनों ने इस पुलिसकर्मी को सही सलामत बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों सहित पूरा गांव इस बहादुर महिला और उसके बेटे पर नाज कर रहा है। पुलिसकर्मी का कहना है कि महिला ने उसे नई जिंदगी दी है।
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सीआईए डबवाली ने अपना हेडक्वार्टर गांव डबवाली स्थित पुराना सदर थाना के भवन में बनाया हुआ है। बुधवार रात को सीआईए डबवाली प्रभारी एएसआई राकेश कुमार केंद्र के बगल में बने मकान में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे शॉर्ट सर्किट की वजह से चिंगारी उनके बिस्तर पर गिर गई, जिससे आग लग गई।
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पैरों पर तपिश होने पर सीआईए प्रभारी की आंख खुल गई। आग से घिरा पाकर उन्होंने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया और वहां बने रोशनदान की ईंटें उखाड़कर बचाओ, बचाओ चिल्लाने लगे। उस समय सीआईए केंद्र में कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी उनकी पुकार नहीं सुनी।

शराबी समझकर पीटने के लिए बाहर आई महिला

Woman jumped into fire with son to save Cop in Sirsa

करीब आधा घंटा तक सहायता के लिए चिल्ला-चिल्ला कर थक चुके सीआईए प्रभारी को शराबी समझकर क्वार्टर से करीब सौ फुट दूर रह रही ममता अपने 13 वर्षीय बेटे शिवा के साथ लोहे की रॉड लेकर बाहर आ गई। रोशनदान से बाहर झांक रहे एएसआई राकेश कुमार ने महिला से जान बचाने की गुहार लगाई।

पुलिसकर्मी की फरियाद पर महिला अपने बेटे के साथ उसे बचाने के लिए मौका पर आ गई। बाहर से बंद क्वार्टर का कुंडा खोला। भीतर आग और धुएं के सिवा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। ममता ने बहादुरी तथा समझदारी का परिचय देते हुए आग में कूदकर कमरे की विंडो खोली।

उसके बेटे शिवा ने दूसरे कमरे की विंडो खोल दी, जिससे धुआं बाहर निकल गया। ममता ने वहां पड़ी पानी से भरी बाल्टी को धूं-धूं कर जल रहे बेड के गद्दे पर उड़ेल दिया। मां-बेटे ने मिलकर बाथरूम में फंसे पुलिसकर्मी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसी दौरान शिवा उनके पड़ोसी जसवीर सिंह तथा अन्य लोगों को मौका पर ले आया।

इधर आग से बचकर बाहर आने के बाद सीआईए प्रभारी ने मामले की जानकारी अपने साथी पुलिसकर्मियों को दी। मौका पर आए पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया।

बर्तन साफ करके पेट पालती है ममता

Woman jumped into fire with son to save Cop in Sirsa

अपनी जान पर खेलकर पुलिसकर्मी को बचाने वाली ममता घरों में बर्तन साफ करके अपना तथा अपने परिवार का पेट पालती है। उसका पति मोहन लाल दिहाड़ी मजदूरी करता है।

ममता के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा शिवा सातवीं कक्षा का छात्र है, जबकि सात वर्षीय बेटा हैप्पी दूसरी तथा पांच वर्षीय बेटी तनु पहली कक्षा की छात्रा है। महिला की बहादुरी तथा समझदारी के ग्रामीण तथा पुलिसकर्मी कसीदे पढ़ रहे हैं।
 
‘बहन जी मुझे बचा लो’
बहादुर महिला ममता रानी (28), गांव डबवाली ने बताया कि रात करीब 12 बजे का समय था। जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनकर मैं अपने बेटे के साथ बाहर आई थी। मुझे देखकर पुलिसकर्मी बोला बहन जी मुझे बचा लो। उस समय पुलिसकर्मी ने खुद को बाथरूम में बंद कर रखा था। पुलिसकर्मी की सहायता करके मैंने अपना इंसानी फर्ज निभाया है।
 
राकेश कुमार, प्रभारी, सीआईए, डबवाली ने बताया कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। आग में घिरा होने पर मैं काफी देर से सहायता के लिए आवाज लगा रहा था। लेकिन किसी ने पुकार नहीं सुनी। महिला ममता ने मुझे नई जिंदगी दी है।

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