फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Woman from Kanpur died in hospital

कानपुर से आई महिला की अस्पताल में मौत

Mon, 14 Dec 2020 01:41 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 01:41 AM IST
विज्ञापन
Woman from Kanpur died in hospital
चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 में शनिवार को कानपुर से आई एक महिला की मौत हो गई। पति का आरोप है कि वह कोराना की जांच कराने के लिए लाइन में लगी थी, तब उसकी जान चली गई जबकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला अस्पताल में मृत लाई गई थी। युवक गलतबयानी कर रहा है। बहरहाल अब मामला पुलिस के पास चला गया है।
विज्ञापन

कानपुर निवासी अशोक दिल्ली में काम करते हैं। उनकी पत्नी नेहा (24) को चार माह से बुखार था। निजी अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं मिला। उसके बाद एक सरकारी अस्पताल में ले गए लेकिन वहां भी कोरोना के कारण भर्ती नहीं किया गया। अशोक अपनी पत्नी को निजी चिकित्सक के पास लेकर गए। उन्होंने एक्स-रे करके देखा तो पता लगा, टीबी है। चिकित्सकों ने उन्हें डॉट्स केंद्र जाने की सलाह दी। वह गाजियाबाद स्थित डॉट्स केंद्र पहुंचे। कुछ दिन तक दवा ली लेकिन आराम नहीं हुआ। अशोक ने चंडीगढ़ निवासी ससुरालियों को इस बारे में बताया तो उन्होंने नेहा को यहीं बुला लिया। शनिवार दोपहर परिजन उसे लेकर जीएमएसएच सेक्टर 16 पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने एक्स-रे देखा तो उसमें टीबी बताई। साथ ही नेहा का कोरोना टेस्ट कराने को कहा। अशोक का कहना है कि नेहा कोरोना टेस्ट के लिए लाइन में ही लगी थी कि उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों को बुलाया गया। उसकी जांच की गई तो पता लगा वह मर चुकी है। इसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अशोक का कहना है कि वह शव ले जाना चाहता था लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि दिल्ली पुलिस की ओर से कोई जिम्मेदार व्यक्ति आए तो उसके कहने पर शव देंगे। अशोक ने किसी तरह दिल्ली पुलिस का पत्र मंगवा लिया, इसके बावजूद उसे शव नहीं दिया गया।
विज्ञापन

पुलिस की जांच पूरी हुए बिना नहीं दे सकते शव
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ वीके नागपाल का कहना है कि मरीज को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। इमरजेंसी में चेक करने के बाद डॉक्टर ने कोरोना जांच की सलाह दी। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। जहां तक परिजन को शव सौंपने का मामला है तो यह पुलिस की पड़ताल के बाद ही तय होगा। क्योंकि जिस तरह से उसका पति पता बताने में पुलिस और अस्पताल प्रशासन को भ्रमित कर रहा था, उससे यह शक हो रहा है कि वह आपराधिक मामला भी हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed