फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Witnesses are afraid to testify against gangsters, four big gangsters acquitted in one year

Chandigarh News: गैंगस्टरों के खिलाफ गवाही देने से डर रहे गवाह, एक साल में चार बड़े गैंगस्टर बरी

Mon, 11 Mar 2024 03:38 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2024 03:38 AM IST
विज्ञापन
Witnesses are afraid to testify against gangsters, four big gangsters acquitted in one year
चंडीगढ़। पुलिस गैंगस्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लेती है, लेकिन अदालत में गवाहों के गवाही न देने से गैंगस्टर बरी हो जाते हैं। पुलिस के लिए गैंगस्टरों को सजा दिलाना बड़ी चुनौती है क्योंकि उनके खिलाफ गवाही देने के लिए कोई तैयार नहीं होता। बीते एक साल में चार बड़े गैंगस्टर गवाहों के मुकरने के कारण बरी हो चुके हैं। ताजा मामला चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में हुई गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के चचेरे भाई गुरलाल बराड़ की हत्या से जुड़ा है। इस हत्याकांड के सभी आरोपी अदालत से बरी हो गए।
विज्ञापन

गुरलाल बराड़ की 10 अक्तूबर 2020 को इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने गैंगस्टर नीरज चस्का, चमकौर सिंह उर्फ बैंत, गुरमीत सिंह गीत्ता और गुरविंदर सिंह ढाडी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में गुरलाल बराड़ की महिला मित्र और विकास तिवारी नाम के शख्स को गवाह बनाया था। अदालत में दोनों गवाहों ने आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। इस मामले में गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह ढाहां उर्फ बाबा भी आरोपी था। अदालत ने उसे पहले ही आरोपमुक्त कर दिया था।
विज्ञापन




कुमार केमिस्ट के मालिक से फिरौती का मामला



सेक्टर-11 में कुमार ब्रदर्स केमिस्ट शॉप के मालिक अश्वनी कुमार ने सेक्टर-3 थाना पुलिस को 17 अप्रैल 2018 को संपत नेहरा के खिलाफ शिकायत दी थी। अश्वनी ने शिकायत में कहा था कि उनसे संपत नेहरा ने फोन कर तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। पुलिस ने संपत नेहरा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में अश्वनी कुमार अदालत में गवाही देने नहीं पहुंचे। जिसके चलते अदालत ने संपत नेहरा को बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेक्टर-15 डबल मर्डर मामला

2019 में सेक्टर-15 के एक फ्लैट में अजय शर्मा और विनीत कुमार नाम के दो छात्रों की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में अंकित नरवाल, सुनील उर्फ सिल्लू, विक्की उर्फ कालिया और अमित के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने मृतकों के दोस्त मोहित पुनिया को चश्मदीद गवाह बनाया था। वारदात के वक्त वह कमरे में मौजूद था। अदालत में उसने सभी आरोपियों को पहचानने से इन्कार कर दिया। जिस कारण अदालत ने चारों आरोपियों को बरी कर दिया।






गवाह को धमकाने का मामला

बुड़ैल में होटल चलाने वाले मोहम्मद कलाम उर्फ आलम को 8 दिसंबर 2017 को कुछ लड़कों ने काली शूटर का नाम लेकर अपहरण किया था। आलम को अपहर्ता मोहाली के पास फेंक कर उसकी स्कॉर्पियो में भाग गए थे और दो लाख रुपये देने पर उसकी गाड़ी वापस देने की बात कही थी। वारदात के एक साल बाद आलम ने संपत नेहरा पर धमकी देने के आरोप लगाए थे। आलम ने पुलिस को शिकायत दी थी कि संपत नेहरा ने उसे फोन कर कहा कि अगर वह काली शूटर के खिलाफ गवाही देगा तो वह उसे जान से मरवा देगा। अदालत में आलम ने कहा कि उसके पास संपत नेहरा का फोन नहीं आया, जिसे देखते हुए अदालत ने संपत नेहरा को बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed