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क्या पैदल चलना बनेगा मौलिक अधिकार, हाईकोर्ट पहुंची याचिका

Sat, 21 Jan 2017 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 21 Jan 2017 12:50 AM IST
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will walk become a fundamental right, the court received a petition
कोर्ट

सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में लगभग 50 प्रतिशत पैदल चलने वालों की मौत हो जाती है। हमारी सड़कें इस तरह से डिजाइन की गई हैं, जिन पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा का कोई ध्यान ही नहीं रखा गया। 

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लिहाजा, अब पैदल चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर लागू किये जाने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर दी गई है।

अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत एवं जस्टिस अजय तिवारी की विशेष खंडपीठ ने चंडीगढ़ प्रशासन सहित पंजाब और हरियाणा को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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यह अर्जी पंजाब के ट्रैफिक एडवाइजर नवदीप असीजा ने दायर की है। असीजा ने बताया है कि सड़कों पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा के प्रति कोई नियम ही नहीं हैं। न तो साइकिल चलाने वालों की सुरक्षा के नियम हैं।
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सड़कें सिर्फ मोटोराइज्ड वाहनों को ध्यान में रखकर ही बनाई जाती हैं। ऐसे में पैदल चलने वालों की सुरक्षा की अनदेखी की गई ह। अगर यह मौलिक अधिकार में शामिल कर लिया जाए तो सड़कों पर पैदल चलने वालों को सुरक्षा मिल जाएगी।

पश्चिमी देशों में हैं सख्त प्रावधान
असीजा ने हाईकोर्ट को बताया कि पश्चिमी देशों में पैदल चलने वालों की सड़क पर सुरक्षा के लिए सख्त कानून हैं। वाहन सड़कों को बनाते समय भी पैदल चलने वालों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। 

लोगों को जागरूक करना जरूरी

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कोर्ट - फोटो : demo photo
यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी देश में ऐसे ही प्रावधान बनाए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि पैदल चलने वालों की सुरक्षा की जा सके। बावजूद इसके अभी तक इस विषय पर कोई कार्रवाई ही नहीं हुई है।

लोगों को जागरूक करना जरूरी
अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि यहां लोगों में ऐसी भावना ही नहीं है। पैदल चलने वाले भी कहीं भी सड़क क्रॉस कर लेते हैं। 

वाहन चलाने वाले जेबरा क्रासिंग पर रुकना तो दूर मौका देख लाल बत्ती की भी परवाह नहीं करते। ऐसे में महज कानून बना लेने भर से कुछ नहीं होने वाला। इसके लिए इसे सख्ती से लागू करने के साथ लोगों को जागरूक भी करना जरूरी है।

तीन साल में चंडीगढ़ में 129 और मोहाली में 21 पैदल चलने वालों की मौत
असीजा ने हाईकोर्ट को बताया कि चंडीगढ़ में पिछले तीन साल में 369 सड़क दुर्घटनाओं में 377 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 129 पैदल चलने वाले और 64 साइकिल से चलने वाले शामिल हैं।

मोहाली में पिछले तीन वर्षों में 73 सड़क दुर्घटनाओं में 74 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 21 पैदल चलने वाले तो 14 साइकिल से चलने वाले शामिल हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं में लगभग आधी संख्या पैदल चलने वाले और साइकिल से चलने वालों की मौत हुई है। ऐसे में इनकी सुरक्षा बेहद जरूरी है।
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