{"_id":"6651cd5f2ec5630e15021f6b","slug":"will-be-able-to-lodge-fir-of-vehicle-theft-sitting-at-home-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-429227-2024-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: घर बैठे दर्ज करा सकेंगे वाहन चोरी की एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: घर बैठे दर्ज करा सकेंगे वाहन चोरी की एफआईआर
विज्ञापन
तीन नए कानूनों के लिए तैयार हुई हरियाणा पुलिस की सीसीटीएनएस प्रणाली
पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में सीसीटीएनएस प्रणाली को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
प्रणाली में कई तकनीकी बदलाव किए, अनुसंधान अधिकारियों को वॉइस टू टेक्स्ट सुविधा
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की सीसीटीएनएस प्रणाली (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) तीन नए कानूनों में हुए बदलाव के हिसाब से पूरी तरह से तैयार हो गई है। हरियाणा में एक जुलाई 2024 से लागू होने वाले नए कानूनों को ध्यान में रखते हुए सीसीटीएनएस प्रणाली के तकनीकी पहलुओं में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। खास बात यह है कि इसके लागू होने के बाद लोगों को वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने और चौकियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब व्यक्ति वाहन चोरी आदि की शिकायतें हरियाणा पुलिस की वेबसाइट पर जाकर दर्ज करवा सकते हैं।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में सीसीटीएनएस प्रणाली को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें राज्य रिकॉर्ड अपराध ब्यूरो के निदेशक ओपी सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस की ओर से साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली भी तैयार की गई है, जिसके तहत अब अनुसंधान अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन माध्यम से मुकदमे से संबंधित वीडियो, पीड़ित और आरोपियों के बयान, सील किए गए सामान की वीडियो, जांच रिपोर्ट और सर्च एंड सीजर आदि संबंधी वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सर्वर पर अपलोड की जा सकेंगी।
एफआईआर सहित अन्य कार्य के लिए वॉइस टू टेक्स्ट सुविधा
हरियाणा पुलिस की ओर से अब अनुसंधान अधिकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें अनुसंधान अधिकारी को अब अपने रोजमर्रा के काम जैसे केस डायरी, एफआईआर और बयान दर्ज करने आदि की कॉपी को टाइप नहीं करना पड़ेगा और अब उन्हें वॉइस टू टेक्स्ट की सुविधा होगी। अब अनुसंधान अधिकारी बोलकर भी जरूरी दस्तावेजों को टाइप कर सकेंगे। इससे उनकी कार्य क्षमता बढ़ेगी और उन्हें काम के दौरान बड़े पैमाने पर लाभ होगा।
विज्ञापन
ई-हस्ताक्षर की होगी सुविधा, कोर्ट में जाएगा इलेक्ट्रॉनिक चालान
बैठक में बताया कि हरियाणा पुलिस ने सीसीटीएनएस प्रणाली को अपग्रेड करते हुए इसमें ई-हस्ताक्षर की सुविधा को भी शामिल किया है। अब अधिकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर सकेंगे। साथ ही अब थानों से कोर्ट में चालान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजने की सुविधा भी शुरू की जा रही है। अब मुकदमों के लिए कोर्ट में जाने वाला चालान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी उपलब्ध करवाने की सुविधा होगी।
पीएस (पुलिस स्टेशन) लोकेटर की सुविधा भी होगी उपलब्ध
एससीआरबी (स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) की पुलिस अधीक्षक निकिता गहलोत ने बताया कि आमजन की सुविधा के लिए पीएस लोकेटर की सुविधा भी शुरू की जा रही है। आमजन हरियाणा पुलिस के सीसीटीएनएस अथवा हर समय पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन माध्यम से दी जाने वाले सुविधाओं व सेवाओं का लाभ लेने के लिए अपने पुलिस थाने का आसानी से पता लगा सकेंगे। इससे लोगों को यह जानने में आसानी होगी कि मामला कौन से पुलिस थाने से संबंधित है।
थानों के आधारभूत ढांचे में होगा सुधार
हरियाणा पुलिस की ओर से पुलिस थानों में आधारभूत ढांचे को भी अपग्रेड करने की कार्य योजना तैयार की गई है। यहां पर कंप्यूटर आदि की संख्या को बढ़ाने के साथ-साथ अन्य आधारभूत ढांचे को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने को लेकर भी बैठक में विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा अनुसंधान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया जाएगा।
विज्ञापन
पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में सीसीटीएनएस प्रणाली को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
प्रणाली में कई तकनीकी बदलाव किए, अनुसंधान अधिकारियों को वॉइस टू टेक्स्ट सुविधा
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस की सीसीटीएनएस प्रणाली (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) तीन नए कानूनों में हुए बदलाव के हिसाब से पूरी तरह से तैयार हो गई है। हरियाणा में एक जुलाई 2024 से लागू होने वाले नए कानूनों को ध्यान में रखते हुए सीसीटीएनएस प्रणाली के तकनीकी पहलुओं में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। खास बात यह है कि इसके लागू होने के बाद लोगों को वाहन चोरी की एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने और चौकियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब व्यक्ति वाहन चोरी आदि की शिकायतें हरियाणा पुलिस की वेबसाइट पर जाकर दर्ज करवा सकते हैं।
पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर की अध्यक्षता में सीसीटीएनएस प्रणाली को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें राज्य रिकॉर्ड अपराध ब्यूरो के निदेशक ओपी सिंह ने बताया कि हरियाणा पुलिस की ओर से साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली भी तैयार की गई है, जिसके तहत अब अनुसंधान अधिकारियों की ओर से ऑनलाइन माध्यम से मुकदमे से संबंधित वीडियो, पीड़ित और आरोपियों के बयान, सील किए गए सामान की वीडियो, जांच रिपोर्ट और सर्च एंड सीजर आदि संबंधी वीडियो इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सर्वर पर अपलोड की जा सकेंगी।
विज्ञापन
एफआईआर सहित अन्य कार्य के लिए वॉइस टू टेक्स्ट सुविधा
हरियाणा पुलिस की ओर से अब अनुसंधान अधिकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें अनुसंधान अधिकारी को अब अपने रोजमर्रा के काम जैसे केस डायरी, एफआईआर और बयान दर्ज करने आदि की कॉपी को टाइप नहीं करना पड़ेगा और अब उन्हें वॉइस टू टेक्स्ट की सुविधा होगी। अब अनुसंधान अधिकारी बोलकर भी जरूरी दस्तावेजों को टाइप कर सकेंगे। इससे उनकी कार्य क्षमता बढ़ेगी और उन्हें काम के दौरान बड़े पैमाने पर लाभ होगा।
विज्ञापन
ई-हस्ताक्षर की होगी सुविधा, कोर्ट में जाएगा इलेक्ट्रॉनिक चालान
बैठक में बताया कि हरियाणा पुलिस ने सीसीटीएनएस प्रणाली को अपग्रेड करते हुए इसमें ई-हस्ताक्षर की सुविधा को भी शामिल किया है। अब अधिकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर सकेंगे। साथ ही अब थानों से कोर्ट में चालान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजने की सुविधा भी शुरू की जा रही है। अब मुकदमों के लिए कोर्ट में जाने वाला चालान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भी उपलब्ध करवाने की सुविधा होगी।
पीएस (पुलिस स्टेशन) लोकेटर की सुविधा भी होगी उपलब्ध
एससीआरबी (स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो) की पुलिस अधीक्षक निकिता गहलोत ने बताया कि आमजन की सुविधा के लिए पीएस लोकेटर की सुविधा भी शुरू की जा रही है। आमजन हरियाणा पुलिस के सीसीटीएनएस अथवा हर समय पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन माध्यम से दी जाने वाले सुविधाओं व सेवाओं का लाभ लेने के लिए अपने पुलिस थाने का आसानी से पता लगा सकेंगे। इससे लोगों को यह जानने में आसानी होगी कि मामला कौन से पुलिस थाने से संबंधित है।
थानों के आधारभूत ढांचे में होगा सुधार
हरियाणा पुलिस की ओर से पुलिस थानों में आधारभूत ढांचे को भी अपग्रेड करने की कार्य योजना तैयार की गई है। यहां पर कंप्यूटर आदि की संख्या को बढ़ाने के साथ-साथ अन्य आधारभूत ढांचे को भी अपग्रेड किया जा रहा है। इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने को लेकर भी बैठक में विचार विमर्श किया गया। इसके अलावा अनुसंधान अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलाने पर जोर दिया जाएगा।