{"_id":"5c1bbef1bdec22572b7e9406","slug":"wildlife-department-examined-start-black-pheasant-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"काले तीतर की ट्रॉफी लाकर विवाद में आए नवजोत सिद्धू, वाइल्डलाइफ विभाग ने शुरू की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काले तीतर की ट्रॉफी लाकर विवाद में आए नवजोत सिद्धू, वाइल्डलाइफ विभाग ने शुरू की जांच
Fri, 21 Dec 2018 09:40 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 21 Dec 2018 09:40 AM IST
विज्ञापन
Navjot Singh Sidhu
- फोटो : File Photo
कैबिनेट मंत्री नवजोत सिद्धू द्वारा पाकिस्तान से लाई गई काले तीतर की ट्रॉफी के मामले की पड़ताल अब पंजाब का वाइल्डलाइफ विभाग करेगा। सिद्धू ने पिछले दिनों सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को ट्रॉफी भेंट की थी। उन्होंने वाइल्डलाइफ विभाग को भेजकर यह पूछा था कि कानून के मुताबिक वह इसे रख सकते हैं या नहीं। गौरतलब है कि तीतर की खाल में भूसा भरकर यह ट्रॉफी तैयार की गई थी और देश में तीतर की कई प्रजातियां संरक्षित हैं।
विज्ञापन
करतारपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के शिलान्यास पर पाकिस्तान गए सिद्धू को वहां के एक पत्रकार ने काले तीतर की ट्रॉफी भेंट की थी। यह ट्रॉफी भारत में लाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। पशु प्रेमियों नरेश कादियान और डॉ. संदीप जैन ने इसकी वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो में शिकायत की थी। उनकी दलील थी कि भारतीय कानून के मुताबिक यह ट्रॉफी नहीं लाई जा सकती। उन्होंने वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सिद्धू पर कार्रवाई की मांग की थी।
विज्ञापन
उनका यह भी आरोप था कि अटारी-वाघा बॉर्डर पर सिद्धू ने ट्रॉफी के बारे में न बताकर कस्टम एक्ट का उल्लंघन किया था। इसको राज्य में लाने के लिए चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन से कोई ट्रांजिट परमिट भी नहीं लिया गया। पंजाब के चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन कुलदीप कुमार ने कहा कि इस मामले में सभी गाइडलाइंस की पड़ताल की जा रही है। अभी तक सिद्धू से कोई जवाब नहीं मांगा गया है। विभाग पहले खुद सारे पहलुओं का अध्ययन कर रहा है।
विज्ञापन