नेताजी के करीबी स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी का सम्मान लेने से इंकार
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के करीबी रहे स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी ने सरकार की ओर से दिए जा रहे सम्मान लेने से इंकार कर दिया। मामला पंजाब के होशियारपुर का है।
दरअसल गणतंत्र दिवस समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों को सम्मानित किए जाने के दौरान नेताजी के ड्राइवर रह चुके जय सिंह की पत्नी ने सम्मान लेने से इंकार कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी थे। स्वतंत्रता सेनानी की विधवा चन्नण कौर के मुताबिक साल भर न तो जिला प्रशासन और न ही पुलिस उनकी सुनवाई करती है। बस दिखावे के लिए 15 अगस्त और 26 जनवरी को उन्हें बुलाकर दो मीटर कपड़ा थमा दिया जाता है।
कहा- 'बस दिखावे के लिए बतौर सम्मान दो मीटर कपड़ा थमा दिया जाता है'
स्वतंत्रता सेनानी की विधवा चन्नण कौर ने बताया कि उन्हें जब भी किसी काम से प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के पास जाना पड़ता है उनकी पूरी तरह अनदेखी की जाती है। कई बार तो पुलिसवालों ने उन्हें पकड़कर थाने या दफ्तर से बाहर भी निकाला है।
जब साल भर उनकी उपेक्षा होती है तो अब उन्हें सम्मान क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अनदेखी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले गांव नारू नंगल में उनके घर की गली के निर्माण के लिए विभाग की ओर से दो लाख रुपये जारी किए गए थे।
गांव की पंचायत ने उस राशि का उपयोग कहीं और कर दिया। इस बारे में पंचायती राज विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। हर बार उनकी अर्जी फाइलों में ही दबकर रह गई।