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महिला बोली- कुदरत ने ली पति की जान, परिवार के पास खाने को रोटी नहीं, मुआवजा दे सरकार
Wed, 29 Jan 2020 12:29 PM IST
खुशबू गोयल
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 29 Jan 2020 12:29 PM IST
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फाइल फोटो
बिजली गिरने से हुई सलीम की मौत के बाद अब उसकी विधवा पत्नी ने कुदरत के इस कहर के लिए हरियाणा सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार व डीसी मेवात को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। याचिका दाखिल करते हुए सनोवर ने एडवोकेट फारुख अब्दुल्ला के माध्यम से हाईकोर्ट में पक्ष रखा। याची ने बताया कि 28 नवंबर 2019 को जब उसका पति सलीम व एक अन्य युवक वकील खेत में काम कर रहे थे तो अचानक आसमान से बिजली गिरी।
बिजली गिरने से याची के पति सलीम की मौके पर ही मौत हो गई थी। 18 वर्षीय वकील 70 प्रतिशत तक झुलस गया और वर्तमान में उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ईलाज चल रहा है। याची ने बताया कि उसके पति घर में अकेले कमाने वाले थे और अपने माता-पिता की एकलौती औलाद थे। अब पति की मौत के बाद याची के सास-ससुर और तीनों बच्चें बेसहारा हो गए हैं। दूसरा याची वकील भी अपने घर में एकलौता कमाने वाला था और वर्तमान में उसके ईलाज के लिए भी उसके परिवार के पास पैसा नहीं है।
याची ने कहा कि कुदरत ने उसके पति की जान ली है और घर में अब रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसे मुआवजा दिया जाए और सरकारी नौकरी भी ताकी परिवार का भरण-पोषण हो सके। याची ने कहा कि संविधान जीवन जीने का अधिकार देता है अगर याची के परिवारों को सहायता नहीं मिली तो यह अधिकार छिन जाएगा। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब केंद्र, हरियाणा सरकार व डीसी मेवात को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
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बिजली गिरने से याची के पति सलीम की मौके पर ही मौत हो गई थी। 18 वर्षीय वकील 70 प्रतिशत तक झुलस गया और वर्तमान में उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में ईलाज चल रहा है। याची ने बताया कि उसके पति घर में अकेले कमाने वाले थे और अपने माता-पिता की एकलौती औलाद थे। अब पति की मौत के बाद याची के सास-ससुर और तीनों बच्चें बेसहारा हो गए हैं। दूसरा याची वकील भी अपने घर में एकलौता कमाने वाला था और वर्तमान में उसके ईलाज के लिए भी उसके परिवार के पास पैसा नहीं है।
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याची ने कहा कि कुदरत ने उसके पति की जान ली है और घर में अब रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसे मुआवजा दिया जाए और सरकारी नौकरी भी ताकी परिवार का भरण-पोषण हो सके। याची ने कहा कि संविधान जीवन जीने का अधिकार देता है अगर याची के परिवारों को सहायता नहीं मिली तो यह अधिकार छिन जाएगा। हाईकोर्ट ने याचिका पर अब केंद्र, हरियाणा सरकार व डीसी मेवात को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
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