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एक सुर में बोले शहरवासी 'बेटी ही बचाएगी'

Sat, 18 Jan 2014 10:27 AM IST
योगेश नारायण दीक्षित
योगेश नारायण दीक्षित Updated Sat, 18 Jan 2014 10:27 AM IST
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When Mayor Said, Beti Hi Bachayegi
इस अभियान से समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा। इससे समाज में जागरूकता भी
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पैदा होगी। बेटियां घर और समाज की शान है। उन्हें समाज में बराबरी का हक मिलना चाहिए।
- हरफूल चंद्र कल्याण, मेयर

बेटी ही बचाएगी अभियान अपने आप में समाज के लिए एक वरदान साबित होगा। इस अभियान से समाज का पुनर्निर्माण होगा। मर्द होने पर गर्व करने की बजाय समाज में बेटियों व महिलाओं का सम्मान करना चाहिए।
- देवेश मौदगिल, डिप्टी मेयर

इस अभियान से समाज में बदलाव होगा। बेटी ही नहीं होगी तो संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। बेटियों से ही हर घर की सुख-शांति बनती है। इसलिए बेटियों को उनके जन्म का हक देना चाहिए।
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- हीरा नेगी, सीनियर डिप्टी मेयर

जो प्रयास सामाजिक संस्थाओं को करने चाहिए, वो एक अखबार समूह कर रहा है। यह समाज में एक बदलाव की निशानी है। बेटी तब ही बचाएगी, जब लोग बेटियों को बचाएंगे। इस अभियान से कन्या भ्रूण हत्या जैसे सामाजिक अपराधों के खिलाफ एक जागरूकता पैदा होगी।
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सौरव जोशी, पार्षद

अगर हम बेटी ही नहीं बचाएंगे तो बहू कहां से पाएंगे। यह अभियान एक अच्छी शुरूआत है जिससे समाज में एक अच्छा संदेश जाएगा।
आशा जसवाल, पार्षद

अतिथि भी बोले
अमर उजाला न सिर्फ खबरों के माध्यम से लोगों को जागरुक करता है, बल्कि सामाजिक जागरुकता अभियान में भी अहम भूमिका निभाता रहा है। अमर उजाला ने बेटी ही बचाएगी अभियान चलाकर समाज को बेटियों के प्रति सम्मान और प्यार देने के लिए प्रेरित किया है। पहली बार किसी अखबार ने इस तरह का सराहनीय प्रयास किया है। मेरी तरफ से पूरे अमर उजाला परिवार को इसके लिए शुभकामनाएं।
- डा. पुनीत बेदी, प्रिंसिपल, एमसीएम डीएवी कालेज फॉर वुमन सेक्टर-36

बेटियों के सम्मान से ही समाज में बदलाव संभव हो सकेगा। कुछ साल पहले भी अमर उजाला ने ऐसा ही सराहनीय अभियान चलाया था। मैं खुद तो बेटियों का पिता होने के कारण खुद को गौरवांवित महसूस करता हूं। अमर उजाला के इस अभियान में पूरे शहर के लोगों को एकजुट होकर जुड़ना चाहिए। अमर उजाला की नई वेबसाइट भी न सिर्फ ट्राइसिटी बल्कि पुरी दुनिया में बैठे  लोगों को जोड़ेगी।

एसके सेतिया, एचसीएस अधिकारी, ज्वाइंट सेक्रेटरी इस्टेट

शिक्षित समाज में भी बेटियों को लेकर अभी लोगों का नजरिया पूरी तरह बदला नहीं है। अखबार लोगों के बीच किसी भी अभियान को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकता है। अमर उजाला ने बेटियों के प्रोत्साहन के लिए बेटी ही बचाएगी एक बेहतरीन अभियान चुना है। शहर के हर आदमी को इससे जुड़ना चाहिए।
प्रो.परविंदर सिंह, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, पंजाब यूनिवर्सिटी 
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