Haryana Weather News: मार्च में 176 फीसदी अधिक बरसात, गेहूं की फसल 20 प्रतिशत तक बर्बाद
अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्रदेशभर से 5.75 लाख एकड़ फसल में नुकसान की शिकायतें आई हैं। प्रदेश के 4900 गांवों में एक लाख से अधिक किसान इससे प्रभावित हैं। प्रदेश में 22.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई गई। हरियाणा में 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से ऊपर ही गेहूं की पैदावार होती है लेकिन बारिश के चलते प्रति हेक्टेयर पांच से सात क्विंटल पैदावार घट सकती है।
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विस्तार
इस बार हरियाणा में मार्च महीने में सामान्य से 176 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने पिछले तीन साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। अब तक मार्च में प्रदेश में औसतन 41.7 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही बारिश से फसलें खराब होने लगी हैं। सरसों की फसल पर पहले ही पानी फिर चुका है और अब गेहूं की फसल के भी 15 से 20 प्रतिशत तक खराब होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश और हुई तो गेहूं के दाने की चमक कम होगी और दाना काला भी पड़ सकता है।
करनाल स्थित राष्ट्रीय गेहूं अनुसंधान संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि बारिश से फसल को पांच से सात फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है लेकिन अगर और बारिश हुई तो नुकसान बढ़ सकता है। हालांकि, इस बार गेहूं की बंपर फसल होने के आसार हैं, क्योंकि गेहूं का दाना पूरा आकार ले चुका है। उधर, हरियाणा कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि गेहूं की फसल में नुकसान का आंकड़ा 15 से 20 फीसदी के बीच पहुंच चुका है।
5.75 लाख एकड़ फसल में नुकसान की शिकायतें
अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्रदेशभर से 5.75 लाख एकड़ फसल में नुकसान की शिकायतें आई हैं। प्रदेश के 4900 गांवों में एक लाख से अधिक किसान इससे प्रभावित हैं। प्रदेश में 22.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई गई। हरियाणा में 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से ऊपर ही गेहूं की पैदावार होती है लेकिन बारिश के चलते प्रति हेक्टेयर पांच से सात क्विंटल पैदावार घट सकती है।
11 साल में मार्च महीने में हुई बारिश
| वर्ष | बारिश (MM) | प्रतिशत |
| 2013 | 5.3 | 58 |
| 2014 | 26.5 | 112 |
| 2015 | 70.9 | 466 |
| 2016 | 20.7 | 66 |
| 2017 | 7.2 | 43 |
| 2018 | 0.4 | 97 |
| 2019 | 7.8 | 38 |
| 2020 | 69.1 | 476 |
| 2021 | 4.3 | 71 |
| 2022 | 0.2 | 99 |
| 2023 | 41.6 | 176 |
बीते 24 घंटे में जिलों में हुई बारिश
| जिला | बारिश (MM) |
| महेंद्रगढ़ | 87.5 |
| भिवानी | 24 |
| चरखी दादरी | 13 |
| हिसार | 10 |
| कुरुक्षेत्र | 10 |
| पानीपत | 10 |
| नारनौल | 09 |
| यमुनानगर | 08 |
| करनाल | 6.5 |
| अंबाला | 04 |
| रेवाड़ी | 05 |
| कैथल | 2.5 |
| सोनीपत | 01 |
तीन जिलों में ओलावृष्टि
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में शुक्रवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई। भिवानी में शुक्रवार दोपहर बाद भिवानी, लोहारू, ढिगावामंडी, कैरू, चांग के आसपास इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इसके अलावा महेंद्रगढ़ और बहादुरगढ़ में ओले गिरे हैं। इससे गेहूं की फसल को काफी नुकसान की आशंका है। इसके साथ ही 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।
फसल खरीद एक सप्ताह के लिए प्रभावित
सरकार के अनुसार प्रदेश की सभी मंडियों और खरीद केंद्रों में गेहूं व सरसों की फसल की खरीदने की तैयारी पूरी है लेकिन अब मौसम खराब होने के चलते फसलों में नमी की मात्रा बढ़ गई है। इससे करीब एक सप्ताह तक खरीद प्रभावित होने की संभावना है।
खेतों में एक से डेढ़ फीट भरा पानी
बारिश और तेज हवा चलने से गेहूं की फसल खेतों में गिर गई है। जो फसल गिर गई है, अब वह दोबारा नहीं उठ पाएगी। अगर खेतों में पानी जमा रहा तो गेहूं का दाना खराब हो सकता है। सोनीपत, जींद, झज्जर के खेतों में एक से डेढ़ फीट तक जलभराव की स्थिति है। अब गेहूं का दाना काला पड़ने की आशंका है। पहले ही गेहूं की फसल जमीन पर बिछी हुई है।
करनाल में दीवार गिरने से एक की मौत
बारिश और तेज हवा के कारण शुक्रवार रात करनाल के सांभली गांव में एक मकान की दीवार ढह गई। इसके नीचे दबने से 51 वर्षीय भीम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। शुक्रवार को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस बार भी फसलों का जो नुकसान हुआ है, हम किसान को नुकसान बर्दाश्त नहीं करने देंगे, उनको मुआवजा दिया जाएगा। सरकार ने ई -फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल भी बनाया है, जिस पर 72 घंटे के अंदर किसान अपनी खराब फसल के बारे में जानकारी देते हैं। सारी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है और मई माह तक सभी किसानों को मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। कांग्रेस के 10 साल के कार्यकाल में किसानों को लगभग 1200 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला, जबकि हमने वर्ष 2015 में ही 1200 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। मनोहर लाल, मुख्यमंत्री।