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आप क्या चाहते हैं, हम अपना स्टाफ मुल्लांपुर भेज दें : हाईकोर्ट

Tue, 21 Nov 2023 02:09 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Nov 2023 02:09 AM IST
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What do you want, we should send our staff to Mullanpur: High Court
चंडीगढ़। हाईकोर्ट पर बढ़ते बोझ के चलते इसकी इमारत के विस्तार को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता हाईकोर्ट होना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि हमारे कामकाज के लिए प्रशासकीय शाखा बेहद अहम है और प्रशासन दलील दे रहा है कि कहीं और जगह ले ली जाए। हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि आप क्या चाहते हैं, हम अदालत के स्टाफ को मुल्लांपुर भेज दें। हाईकोर्ट ने रिपोर्ट पेश करने के लिए प्रशासन को दो दिन की मोहलत दी है।
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याचिका दाखिल करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट कर्मचारी संघ के सचिव विनोद धाटरवाल व अन्य ने एडवोकेट आशीष कपूर व रूपा पठानिया के माध्यम से बताया कि रोज लगभग 10000 वकील, 3300 कर्मचारी, वकीलों के 3000 क्लर्क हरियाणा और पंजाब के एजी कार्यालय के कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों, याचिकाकर्ताओं व अन्य लोगों का बोझ हाईकोर्ट परिसर पर होता है। रोज 10000 कारें और हजारों दोपहिया वाहनों के बोझ को हाईकोर्ट का मौजूदा परिसर सहन करने में सक्षम नहीं है।
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हाईकोर्ट में लंबित 5 लाख से अधिक याचिकाओं को समायोजित करने के लिए शायद ही कोई जगह है। याची ने कहा कि हाईकोर्ट की इमारत बनने के समय के मुकाबले अब अदालत पर बोझ बढ़ गया है। सुरक्षा और आपात स्थिति की नजर से देखें तो छोटी सी घटना के कारण भगदड़ मच सकती है, जिसके अकल्पनीय नुकसान हो सकते हैं। 2012 में हाईकोर्ट की इमारत का विस्तार हुआ था, लेकिन समय के साथ बोझ बढ़ता जा रहा है और परिसर विस्तार समय की जरूरत बन गया है।
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सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव ने अपनी रिपोर्ट पेश की और बताया कि सचिवालय की पुरानी इमारत में कई कमरे हैं, जिन पर ताला है। इस पर प्रशासन ने कहा कि इनको अलॉट किया जा चुका है। हाईकोर्ट ने इस पर प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि आपकी प्राथमिकता हाईकोर्ट होनी चाहिए। किसी अन्य विभाग को तो कहीं और भी स्थान दिया जा सकता है, लेकिन हाईकोर्ट की शाखा का इसके निकट होना बहुत जरूरी है। हाईकोर्ट ने अब प्रशासन को दो दिन की मोहलत दी है और रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
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