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भटकेंगे नहीं पूर्व सैनिक, अब ऑनलाइन निपटेंगे शिकवे-शिकायत... वेस्टर्न कमांड का खास पोर्टल
Thu, 17 Sep 2020 11:49 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 17 Sep 2020 11:49 AM IST
सार
- समस्याओं, शिकायतों पर क्या हो रही कार्रवाई, ऑनलाइन ही अपडेट होते रहेंगे
- हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू व चंडीगढ़ के पूर्व सैनिकों के लिए खास पोर्टल
- मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर बुजुर्गों के लिए कारगर साबित होगी यह सुविधा
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
महामारी के इस दौर में पूर्व सैनिक अपने शिकवे-शिकायतों को लेकर अब इधर-उधर नहीं भटकेंगे। न ही उन्हें दूरदराज के इलाकों से कमांड में स्थित वेटर्न सेवा केंद्र आने की जरूरत होगी। अब उनकी समस्याएं और शिकायतें न केवल ऑनलाइन ही सुनी जाएंगी, बल्कि उनका निपटान भी ऑनलाइन ही होगा। उनकी समस्याओं पर प्रशासनिक स्तर पर क्या कार्रवाई चल रही है और वह किस स्तर तक पहुंच चुकी हैं, इसका अपडेट भी पूर्व सैनिकों को ऑनलाइन मिलता रहेगा।
इसके लिए वेस्टर्न कमांड ने एक खास ‘वेस्टर्न कमांड वेटर्न सहायता पोर्टल’ तैयार किया है। कमांड के अधीनस्थ वेटर्न सहायता रीजनल सेंटर ने इस ग्रिवेंसिस रेडरेसल सिस्टम को पूर्व सैनिकों की सहायता के लिए तैयार करवाया है। वेस्टर्न कमांड के आला अफसरों का मानना है कि महामारी के दौर में मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के लिए यह सुविधा कारगर साबित होगी।
सेना के एक अफसर ने बताया कि इस ग्रिवेंसिस पोर्टल का फायदा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू, चंडीगढ़ के पूर्व सैनिक उठा सकेंगे। मल्टीपल सुविधाओं से लैस है पोर्टल, हर मिलिट्री स्टेशन के लिए ओआईसी नियुक्त इस पोर्टल का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को रजिस्टर्ड करवाना होगा। उसके बाद वे अपने शिकवे-शिकायत पोर्टल पर अपलोड करेंगे। जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर उनके निपटान की प्रक्रिया शुरू होगी।
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इसके लिए वेस्टर्न कमांड ने एक खास ‘वेस्टर्न कमांड वेटर्न सहायता पोर्टल’ तैयार किया है। कमांड के अधीनस्थ वेटर्न सहायता रीजनल सेंटर ने इस ग्रिवेंसिस रेडरेसल सिस्टम को पूर्व सैनिकों की सहायता के लिए तैयार करवाया है। वेस्टर्न कमांड के आला अफसरों का मानना है कि महामारी के दौर में मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के लिए यह सुविधा कारगर साबित होगी।
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सेना के एक अफसर ने बताया कि इस ग्रिवेंसिस पोर्टल का फायदा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू, चंडीगढ़ के पूर्व सैनिक उठा सकेंगे। मल्टीपल सुविधाओं से लैस है पोर्टल, हर मिलिट्री स्टेशन के लिए ओआईसी नियुक्त इस पोर्टल का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों को रजिस्टर्ड करवाना होगा। उसके बाद वे अपने शिकवे-शिकायत पोर्टल पर अपलोड करेंगे। जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर उनके निपटान की प्रक्रिया शुरू होगी।
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कई और सुविधाएं भी पूर्व सैनिकों व आश्रितों को मिलेंगी
पोर्टल पर समस्याओं के समाधान के साथ-साथ कई और सुविधाएं भी पूर्व सैनिकों व आश्रितों को मिलेंगी। इसमें वे वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र के लिए बायोमीट्रिक ऑनलाइन सुविधा, आधार कार्ड, सीएसडी कार्ड व ईसीएचएस कार्ड बनाने की सुविधा, ग्रांट क्लमेम सुविधा व रिफंड संबंधी मामले इत्यादि कई तरह के सुविधाएं इसी पोर्टल पर ही मिल जाएंगी। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, जम्मू व चंडीगढ़ के विभिन्न मिलिट्री स्टेशनों पर पूर्व सैनिकों को इस पोर्टल का इस्तेमाल करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए लेफ्टिनेंट कर्नल से लेकर बिग्रेडियर स्तर के अफसरों की ड्यूटियां लगाई गई हैं।
यह ड्यूटी अफसर बतौर आफिसर इन कमांड की भूमिका में काम करेंगे। जबकि पूर्व सैनिकों में से एक प्रतिनिधि भी नियुक्त किए गए हैं। पूर्व सैनिक इनसे भी संपर्क कर सकते हैं। इन सभी अफसरों व प्रतिनिधियों के फोन नंबर पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों की मदद के लिए पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे। पूर्व सैनिकों को उनसे जुड़े निर्देशों, आदेशों और पॉलिसी संबंधी जानकारी भी इस पोर्टल से समय-समय पर मिलती रहेगी। साथ ही कई तरह के एप्लीकेशन फार्म व दस्तावेज भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे, जिनकी अमूमन जरूरत पूर्व सैनिकों को विभिन्न मामलों पड़ती रहती है।
यह पहल हमारे वेटर्न तक पहुंचने के हमारे ठोस प्रयासों में एक लंबा रास्ता तय करेगी। इस पोर्टल का लाभ निसंदेह उन्हें मिलेगा और उनकी समस्याओं का निपटान भी जल्द हो पाएगा। वेस्टर्न कमांड न केवल वेटर्न की समस्याओं के प्रति संजीदा है, बल्कि उनके जल्द निपटान और सदैव सहायता के लिए प्रतिबद्ध भी है।
- लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह, जीओसी-इन-सी, वेस्टर्न कमांड
यह ड्यूटी अफसर बतौर आफिसर इन कमांड की भूमिका में काम करेंगे। जबकि पूर्व सैनिकों में से एक प्रतिनिधि भी नियुक्त किए गए हैं। पूर्व सैनिक इनसे भी संपर्क कर सकते हैं। इन सभी अफसरों व प्रतिनिधियों के फोन नंबर पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों की मदद के लिए पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे। पूर्व सैनिकों को उनसे जुड़े निर्देशों, आदेशों और पॉलिसी संबंधी जानकारी भी इस पोर्टल से समय-समय पर मिलती रहेगी। साथ ही कई तरह के एप्लीकेशन फार्म व दस्तावेज भी पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे, जिनकी अमूमन जरूरत पूर्व सैनिकों को विभिन्न मामलों पड़ती रहती है।
यह पहल हमारे वेटर्न तक पहुंचने के हमारे ठोस प्रयासों में एक लंबा रास्ता तय करेगी। इस पोर्टल का लाभ निसंदेह उन्हें मिलेगा और उनकी समस्याओं का निपटान भी जल्द हो पाएगा। वेस्टर्न कमांड न केवल वेटर्न की समस्याओं के प्रति संजीदा है, बल्कि उनके जल्द निपटान और सदैव सहायता के लिए प्रतिबद्ध भी है।
- लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह, जीओसी-इन-सी, वेस्टर्न कमांड