मास्क पहन दो जोड़ों ने लिए फेरे, बरात में आए पांच-पांच लोग, कर्फ्यू के बीच पेश की मिशाल
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कोरोना वायरस की वजह से पंजाब में कर्फ्यू लगा है। इस बीच मोहाली के फेज-4 स्थित गुरुदारा श्री कलगीधर सिंह सभा में दो शादियां संपन्न हुईं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सभी निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया।
दोनों शादियों में करीब 15 लोग शामिल हुए। इस दौरान दोनों जोड़ों ने सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रखा और मास्क लगाकर फेरे लिए। शादी में मौजूद लोगों ने भी मास्क लगाए। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य काफी उत्साहित थे। उनका कहना है कि दोनों शादियां काफी सादगी से संपन्न हुई हैं और ऐसा करके उन्होंने पूरे सामाज को एक नई दिशा दी है। इतना ही नहीं उन्होंने ऐसा कर कोरोना महामारी को मात देने में आहुति डाली है।
इस बारे में सेक्टर-105 निवासी धर्मवीर सिंह और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर ने बताया कि उनका अपना कारोबार है। उन्होंने अपने बेटे विक्रमजीत सिंह (बिजनेसमैन) की शादी चंडीगढ़ निवासी नवनीत कौर से तय की थी। उनकी बहू चंडीगढ़ पुलिस में तैनात हैं। जबकि बेटी भूपिंदर कौर की शादी गुरदासपुर के नामी बिजनेसमैन रमनदीप सिंह से तय की थी। दोनों शादियां पहले 27 और 29 मार्च को तय थी। शादियों के लिए मैरिज पैलेस भी बुक हो चुके थे। कार्ड तक छपकर बांटे जा चुके थे।
इसी बीच कोरोना की वजह से पूरे देश में लॉकडाउन लग गया। ऐसे में मैरिज पैलेस वालों ने खुद ही शादी के लिए इनकार कर दिया। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर शादी कैसे संपन्न होगी। इसके बाद उन्होंने होने वाली बहू के परिजनों और दूसरी तरफ होने वाले दामाद के परिजनों से बात की। जिसमें सभी साधारण तरीके से शादी के लिए राजी हो गए।
इसके बाद शादी कहां पर की जाए, यह उनके लिए सबसे बड़ा सवाल था। फिर उन्होंने सुना था कि फेज-4 स्थित गुरुदारा श्री कलगीधर सिंह सभा में साफ-सफाई बहुत है। इसके साथ ही कोरोना के चलते वहां पर सैनिटाइजेशन से लेकर अन्य काम किए जाते हैं। इसके बाद वह फेज-4 स्थित श्री गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। वहां पर उन्होंने श्री गुरुदारा साहिब के प्रधान जतिंदर पाल सिंह जेपी से मुलाकात कर पूरी बातचीत की। इस पर जेपी सिंह ने उन्हें शादी करने की अनुमित देकर सभी औपचारिकताएं पूछी। इसके बाद उन्होंने उन्हें वहां पर विवाह समागम की अनुमति दे दी।
बारात में पांच-पांच लोग हुए शामिल
धर्मवीर सिंह ने बताया कि बेटी की बारात गुरदासपुर से आई थी। इसमें गिनती के 5 लोग थे। जबकि उनके 5 सदस्य ही शादी में शामिल हुए। जबकि बहू की तरफ से भी कम ही लोग थे। उन्होंने बताया कि समागम काफी अच्छा हुआ और यह दिन उनके लिए यादगार बन गया है।