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गेहूं की फसल पर मौसम की मार : कणक की खनक गायब
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 20 Mar 2016 11:45 PM IST
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फसलों का नुकसान
- फोटो : amar ujala
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गेहूं की फसल पर इस साल लगातार मौसम की मार पड़ रही है। अप्रैल में गेहूं की कटाई शुरू होनी है। ऐसे में शनिवार और रविवार को हुई बारिश फसल के लिए काफी नुकसानदायक है।
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इससे पहले पिछले हफ्ते भी बारिश, तेज हवाओं और ओलों से फसल का काफी नुकसान हुआ है। कई जगह पूरी की पूरी फसल खेत में बिछ गई है। माहिरों का मानना है कि इस स्टेज पर ऐसा मौसम गेहूं की अगेती वैराइटी केलिए बेहद नुकसानदायक है। तेज हवाओं से फसल बिछ गई, ऐसे में रूट-इंजरी की भी आशंका है।
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इस स्टेज पर तेज बारिश फसल को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। माहिरों ने ऐसे मौसम में येलो रस्ट की भी आशंका जताई है। किसानों को लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। पंजाब में गेहूं का रकबा 35 लाख हेक्टेयर है। इस सीजन में पहले तो बारिश हुई ही नहीं। अब जब फसल पक रही है तो लगातार बारिश हो रही है। पिछले हफ्ते तो ओलावृष्टि भी हुई थी।
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भारतीय किसान यूनियन के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि रोज ही बारिश से फसल का काफी नुकसान हो रहा है। अब तक 25-30 प्रतिशत नुकसान होने की आशंका है। केंद्र सरकार ने भी अब तो मान लिया है कि इस बार देश में गेहूं उत्पादन 15 प्रतिशत कम हो सकता है। केंद्र का सर्वे कुछ दिन पहले हुआ होगा। अब देश के साथ पंजाब में भी नुकसान ज्यादा हो चुका है। उन्होंने मांग की कि गिरदावरी के स्टैंडिंग ऑर्डर तहसील स्तर पर जारी किए जाएं। नियमित मॉनिटरिंग करके किसानों के नुकसान का आकलन किया जाए ताकि उन्हें मुआवजा दिया जा सके।
डॉ. गुरदयाल सिंह, खेतीबाड़ी विभाग के डायरेक्टर ने बताया कि ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। पिछले हफ्ते ओले पड़ने से अमृतसर और मुक्तसर में फसल प्रभावित हुई थी। जहां किसानों ने फसल को पानी दिया था, वहां तेज हवाएं चलने से फसल बिछ गई। लेकिन अब ज्यादातर जगह फसल फिर खड़ी हो गई है।