फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   We care for every citizen's life will not tolerate blackmail bear: High Court

हमें हर नागरिक की जिदंगी की परवाह है पर ब्लैकमेल सहन नहीं सहेंगे: हाईकोर्ट

Mon, 28 Nov 2016 06:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 28 Nov 2016 06:36 PM IST
विज्ञापन
We care for every citizen's life will not tolerate blackmail bear: High Court
कोर्ट - फोटो : file photo

नियुक्ति की मांग को लेकर मोबाईल टावर पर चढ़े शिक्षकों के मामले में स्वयं संज्ञान याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि भर्ती के दौरान जो रिजर्व पद रिक्त रह गए हैं उन्हें समान्य में तब्दील करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। 

विज्ञापन


इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उन्हें 31 मार्च तक का समय दिया जाए। इसपर हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब सरकार इस बारे में अंडर टेकिंग दे। इसपर हाईकोर्ट ने शिक्षकों के प्रतिनिधि से कहा कि अब टावर पर चढ़े शिक्षकों को नीचे आने के लिए कह दिया जाए। 
विज्ञापन


जब शिक्षकों की ओर से कहा गया कि उन्हें नियुक्ति देने के बाद ही वे नीचे उतरेंगे तो हाईकोर्ट ने कहा कि हर नागरिक की जान हमारे लिए अहम है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ब्लैकमेल सहा जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि कोर्ट ने शिक्षकों को दो वकील मुहैया करवाते हुए मंगलवार को दोबारा सुनवाई करने का निर्णय लिया है। सोमवार को सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से रिक्त पदों को लेकर जवाब तलब किया। 

इसपर पंजाब सरकार की ओर से बताया गया कि जो 4500 पदों पर भर्ती निकाली गई थी उसमें से रिजर्व क्षेणी के पद रिक्त रह गए हैं। इन पदों को भरने के लिए इन्हें सामान्य में तब्दील करने का फैसला लिया गया है। 

इस फैसले को अमली जामा पहनाने के लिए संबंधित विभागों से मंजूरी लेनी होगी। एक्स सर्विसमैन, पिछड़ा वर्ग और खेल कोटे की सीटों के लिए संबंधित विभाग को लिखा गया है और इस सब प्रक्रिया में कुछ समय लगेगा। 

'राजनीतिक कदम है इस प्रकार शिक्षकों का टावर पर चढ़ना'

We care for every citizen's life will not tolerate blackmail bear: High Court
कोर्ट - फोटो : file photo

पंजाब सरकार के इस जवाब पर हाईकोर्ट ने सुनवाई को लंच के बाद के लिए रखते हुए शिक्षकों के प्रतिनिधियों को कहा कि वे जाकर टावर पर मौजूद शिक्षकों को इस बारे में बताएं और उनहें नीचे उतरने के लिए मनाएं।

लंच के सुनवाई आरंभ हुई तो हाईकोर्ट ने शिक्षकों के प्रतिनिधियों से जवाब मांगा। इसपर उन्होंने बताया कि उन्होंने टावर पर चढ़े युवकों से बात की है और वे तभी नीचे उतरेंगे जब उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। 

हाईकोर्ट ने इसपर उन्हों समझाया कि इस प्रक्रिया में समय लगेगा और प्रक्रिया को नजरअंदाज करने के हाईकोर्ट भी आदेश जारी नहीं कर सकता है। साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश जारी किए कि वे एक हलफनामा सौंपे कि वेटिंग लिस्ट तैयार करेंगे और इसके अनुरूप मेरिट सूची तैयार कर नियुक्तियों की प्रक्रिया 31 मार्च से पहले पूरी कर लेंगे। 

इसके साथ ही शिक्षकों को मौका देते हुए कहा कि हाईकोर्ट को हर नागरिक की जान प्रिय है परंतु इसका मतलब यह नहीं है कि ब्लैकमेल सहा जाए। कोर्ट ने शिक्षकों के लिए एडवोकेट जगमोहन भट्टी और तनु बेदी को कोर्ट मित्र बनाते हुए उन्हें शिक्षकों की समस्या को समझने और पंजाब सरकार की बात को सही तरीके से उन तक पहुंचाने के साथ ही शिक्षकों का पक्ष कानून के अनुरूप मंगलवार से हाईकोर्ट के सामने रखने के आदेश दिए हैं। 

इस दौरान पंजाब सरकार की ओर से कहा गया था कि शिक्षकों का यह कदम राजनीति के तहत है और ऐसे में इसकी अनुमति न दी जाए। इसपर हाईकोर्ट ने पूछा कि जो शिक्षक टावर पर चढ़े हैं वे कितनी उम्र के है। कोर्ट को बताया गया कि उनकी उम्र 25 साल से कम है। इसपर कोर्ट ने कहा कि यह राजनीति नहंी बल्कि बचपना है। हाईकोर्ट में अब मंगलवार को इस मामले की सुनवाई होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed