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CM Vs Governor: पंजाब के राज्यपाल और सीएम में बढ़ी रार, पुरोहित बोले-सांविधानिक कर्तव्य पूरे करें मान

Wed, 14 Jun 2023 10:15 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 14 Jun 2023 10:15 AM IST
सार

मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया था कि पंजाब के राज्यपाल ने बजट सत्र में उनके कहने पर अपने संबोधन में ‘मेरी सरकार’ का इस्तेमाल किया। इसके जवाब में राज्यपाल ने लिखा है कि उन्होंने भाषण देते समय ही इस सुझाव को तत्काल स्वीकार कर लिया था

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War of words between Punjab cm Bhagwant Mann and Governor Banwarilal Purohit
सीएम भगवंत मान और गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के बीच चल रहा वाकयुद्ध दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। मंगलवार को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पर जवाबी हमला बोला। राज्यपाल ने उन्हें पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके द्वारा लिखे गए पत्रों के जवाब देने में राज्य सरकार उदासीनता दिखा रही है। उन्होंने सीएम भगवंत मान को सांविधानिक कर्तव्य पूरा करने के लिए कहा है।

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राज्यपाल ने पत्र में लिखा, ‘कुछ समय पहले सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। आपको यह बताना आवश्यक होगा कि अदालत ने कहा था कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों ही सांविधानिक पदाधिकारी हैं। उनके संविधान द्वारा निर्धारित निर्दिष्ट भूमिकाएं और दायित्व हैं। राज्यपाल को अनुच्छेद 167 (बी) के अंतर्गत राज्य के प्रशासनिक मामलों और वैधानिक प्रस्तावों से संबंधित मामलों पर मुख्यमंत्री से जानकारी मांगने का अधिकार है। जब कभी इस तरह की जानकारी मांगी जाए, तो मुख्यमंत्री इसे देने के लिए बाध्य होते हैं। राज्यपाल द्वारा मांगी गई जानकारी नहीं देना सांविधानिक कर्तव्य का अपमान है।’
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राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि उन्होंने करीब 10 पत्र उन्हें लिखे हैं, लेकिन आपकी तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई। जो भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बताए गए सांविधानिक कर्तव्य की अवहेलना है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोमवार को अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया था कि पंजाब के राज्यपाल ने बजट सत्र में उनके कहने पर अपने संबोधन में ‘मेरी सरकार’ का इस्तेमाल किया। इसके जवाब में राज्यपाल ने लिखा है कि उन्होंने भाषण देते समय ही इस सुझाव को तत्काल स्वीकार कर लिया था जबकि मुख्यमंत्री सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। आदेश आए हुए चार महीने हो गए हैं।

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