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Ludhiana: 8.49 करोड़ की डकैती के पांच आरोपी काबू, कंपनी का पुराना कर्मी ही निकला मास्टरमाइंड
Wed, 14 Jun 2023 10:03 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Jun 2023 10:03 AM IST
सार
लुधियाना में शनिवार को हथियारबंद दस लुटेरों ने कैश कैरी करने वाली कंपनी सीएमएस के न्यू राजगुरु नगर स्थित दफ्तर में घुस कर 8.490 करोड़ रुपये लूट लिए थे। लुटेरे कंपनी की ही वैन में कैश लेकर भाग गए थे।
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लुधियाना लूट कांड के बारे में जानकारी देते पुलिस कमिशनर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
लुधियाना के राजगुरु नगर स्थित सीएमएस कंपनी में साढ़े आठ करोड़ रुपये की लूट के मामले में कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने लूटकांड का सारा मामला हल कर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह की सरगना महिला सहित पांच आरोपी अभी भी फरार है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से और उनकी निशानदेही पर कमिश्नरेट पुलिस ने पांच करोड़ सात सौ रुपये की नकदी, सीएमएस कंपनी की कार, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, तीन राइफल, 12 बोर, तेजधार हथियार, हाइड्रोलिक सीढ़ी, नीले रंग का बैग जिसमें हथौड़ा, छैनी, प्लास, पेचकस, करांडी सहित अन्य औजार थे बरामद किए है। वारदात को अंजाम देने वाला कोई ओर नहीं बल्कि पिछले चार साल से इसी कंपनी में काम करने वाला मुलाजिम ही था। उसने अपनी एक महिला मित्र के साथ मिल कर इस वारदात को अंजाम दिया।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से और उनकी निशानदेही पर कमिश्नरेट पुलिस ने पांच करोड़ सात सौ रुपये की नकदी, सीएमएस कंपनी की कार, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, तीन राइफल, 12 बोर, तेजधार हथियार, हाइड्रोलिक सीढ़ी, नीले रंग का बैग जिसमें हथौड़ा, छैनी, प्लास, पेचकस, करांडी सहित अन्य औजार थे बरामद किए है। वारदात को अंजाम देने वाला कोई ओर नहीं बल्कि पिछले चार साल से इसी कंपनी में काम करने वाला मुलाजिम ही था। उसने अपनी एक महिला मित्र के साथ मिल कर इस वारदात को अंजाम दिया।
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गिरफ्तार आरोपियों में एक 18 साल का नौजवान लड़का भी शामिल है। इस मामले में पुलिस ने गांव अब्बुवाल के रहने वाले मास्टरमाइंड और सीएमएस कंपनी में काम करने वाले मनजिंदर सिंह मनी, जगरांव स्थित गांव कोठे हरि सिंह निवासी मंदीप सिंह उर्फ विक्की, हरविंदर सिंह उर्फ लंबू, गांव काऊंके कला निवासी परमजीत सिंह पम्मा, बरनाला के रहने वाले हरप्रीत सिंह (18) के साथ साथ नरिंदर सिंह उर्फ हैप्पी निवासी जगरांव के कोठे हरि सिंह के रहने वाले को काबू किया है। जबकि इस गिरोह की दूसरी मास्टरमाइंड और डाकू हसीना के नाम से मशहूर मंदीप कौर उर्फ मोना, उसके पति बरनाला रामगढ़िया रोड निवासी जसविंदर सिंह, उसका साथी अरुण कुमार, नन्नी और गुलशन अभी फरार है। जिनकी तलाश में लगातार पुलिस की कई टीमें छापामारी करने में जुटी है।
कंपनी में थे कई सिक्योरिटी लैप्स
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जिस दिन वारदात हुई थी जांच के लिए टीमें पहुंची तो वहां सिक्योरिटी सिस्टम देख सभी हैरान हो गए थे कि करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली कंपनी के दफ्तर में इतने सिक्योरिटी लैप्स है। उन्होंने कहा कि आरोपी मास्टरमाइंड मनजिंदर सिंह मनी सीएमएस कंपनी में पिछले चार साल से काम करता था और एटीएम मशीन के अंदर फिट होने वाली कैसेट में पैसे डालता था। उसकी मुलाकात आरोपी महिला मंदीप कौर उर्फ डाकू हसीना से हुई। जिसके बाद दोनों ने कंपनी के बारे में बातचीत की और लूट की प्लानिंग बनाई।
प्लानिंग के तहत यह तय हुआ कि आधे लोग मनी लाएगा और आधे लोग मंदीप कौर लाएगी। जिसके बाद आरोपियों ने पूरी प्लानिंग शुरु कर दी और पांच महीने से लगातार आरोपियों की प्लानिंग चल रही थी। यह तय कर लिया गया कि कौन किसे लाएगा और दिन तय कर लिया गया कि लूट की वारदात को अंजाम कब देना है। लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए सभी लोग जगरांव में इकट्ठा होंगे। वहां से मंदीप कौर अपनी कार में पांच आरोपियों को लाई, जबकि मंदीप सिंह उर्फ मनी साथियों के साथ बाइक पर वहां पहुंचा।
कंपनी में थे कई सिक्योरिटी लैप्स
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जिस दिन वारदात हुई थी जांच के लिए टीमें पहुंची तो वहां सिक्योरिटी सिस्टम देख सभी हैरान हो गए थे कि करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली कंपनी के दफ्तर में इतने सिक्योरिटी लैप्स है। उन्होंने कहा कि आरोपी मास्टरमाइंड मनजिंदर सिंह मनी सीएमएस कंपनी में पिछले चार साल से काम करता था और एटीएम मशीन के अंदर फिट होने वाली कैसेट में पैसे डालता था। उसकी मुलाकात आरोपी महिला मंदीप कौर उर्फ डाकू हसीना से हुई। जिसके बाद दोनों ने कंपनी के बारे में बातचीत की और लूट की प्लानिंग बनाई।
प्लानिंग के तहत यह तय हुआ कि आधे लोग मनी लाएगा और आधे लोग मंदीप कौर लाएगी। जिसके बाद आरोपियों ने पूरी प्लानिंग शुरु कर दी और पांच महीने से लगातार आरोपियों की प्लानिंग चल रही थी। यह तय कर लिया गया कि कौन किसे लाएगा और दिन तय कर लिया गया कि लूट की वारदात को अंजाम कब देना है। लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए सभी लोग जगरांव में इकट्ठा होंगे। वहां से मंदीप कौर अपनी कार में पांच आरोपियों को लाई, जबकि मंदीप सिंह उर्फ मनी साथियों के साथ बाइक पर वहां पहुंचा।
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हाइड्रोलिक सीढ़ी लगाकर काटी सेंसर सिस्टम की तार
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मनजिंदर सिंह को सारा पता था कि अंदर सेंसटर सिस्टम कहां है और कैश कहां पड़ा है। डीवीआर कहां और कैश कहां से लेकर भागना है। प्लानिंग के मुताबिक सभी लोग जगरांव पहुंचे और मंदीप कौर पति जसविंदर सिंह, अरुण कोच, नन्नी, हरप्रीत और गुलशन को कार में लेकर आई, जबकि बाकी के आरोपी बाइक पर कंपनी दफ्तर के पास पहुंचे। वहां पहुंचे तो मंदीप कौर ने ही सीढ़ी अरेंज की। उसके बाद सेंसर सिस्टम की वायर काटी गई और बाद में सभी लोग पीछे के रास्ते से ही अंदर दाखिल हो गए।
उन्होंने जाते ही सबसे पहले सो रहे तीनों सुरक्षा कर्मचारियों को बंधक बनाया और उनके हथियार छीन लिए। जिसके बाद आरोपियों ने लॉक डीवीआर और सायरन की सभी तारें काट दी और सामान समेट लिया। उसके बाद आरोपियों ने कैश गिनने वाले कमरे में दाखिल होकर कैश गिन रहे दोनों आरोपियों को बंधक बनाया और टेबल पर पड़ा कैश इकट्ठा किया और सीएमएस कंपनी की ही गाड़ी लेकर फरार हो गए। कार भी मनजिंदर मनी ने ही चलाई और फरार हो गए। गांव पंडोरी में पहुंच कर आरोपियों ने कैश सारा मंदीप कौर की गाड़ी में रखा और वहां से फरार हो गए।
अलग अलग टीमों ने सभी आरोपियों को किया गिरफतार
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले को हल करने के लिए लगातार टीमें काम करने में जुटी थी। जांच के बाद इलाके में से मोबाइल डंप उठाए। गाड़ी में लगे जीपीआरएस सिस्टम से रुट उठाया और उन इलाकों की फुटेज जांचनी शुरु कर दी। पुलिस ने दो आरोपियों को विक्की और लंबू को जगरांव इलाके से काबू किया। जिसके बाद पुलिस ने बाकी आरोपियों को काबू किया। पुलिस ने मनजिंदर मनी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक करोड़ रुपये कैश, मंदीप सिंह उर्फ विक्की के कब्जे से पचास लाख कैश, हरविंदर सिंह लंबू के कब्जे से 75 लाख कैश के साथ साथ तेजधआर हथियार, परमंजीत सिंह उर्फ पम्मा के कब्जे से 25 लाख रुपये कैश और हरप्रीत सिंह के कब्जे से 25 लाख रुपये कैश के साथ साथ कोच के घर के पास खड़ी गाड़ी क्रूज बरामद की जिसमें करीब दो करोड़ 25 लाख रुपये कैश पड़े थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल पांच करोड़ सात सौ रुपये बरामद किए।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मनजिंदर सिंह को सारा पता था कि अंदर सेंसटर सिस्टम कहां है और कैश कहां पड़ा है। डीवीआर कहां और कैश कहां से लेकर भागना है। प्लानिंग के मुताबिक सभी लोग जगरांव पहुंचे और मंदीप कौर पति जसविंदर सिंह, अरुण कोच, नन्नी, हरप्रीत और गुलशन को कार में लेकर आई, जबकि बाकी के आरोपी बाइक पर कंपनी दफ्तर के पास पहुंचे। वहां पहुंचे तो मंदीप कौर ने ही सीढ़ी अरेंज की। उसके बाद सेंसर सिस्टम की वायर काटी गई और बाद में सभी लोग पीछे के रास्ते से ही अंदर दाखिल हो गए।
उन्होंने जाते ही सबसे पहले सो रहे तीनों सुरक्षा कर्मचारियों को बंधक बनाया और उनके हथियार छीन लिए। जिसके बाद आरोपियों ने लॉक डीवीआर और सायरन की सभी तारें काट दी और सामान समेट लिया। उसके बाद आरोपियों ने कैश गिनने वाले कमरे में दाखिल होकर कैश गिन रहे दोनों आरोपियों को बंधक बनाया और टेबल पर पड़ा कैश इकट्ठा किया और सीएमएस कंपनी की ही गाड़ी लेकर फरार हो गए। कार भी मनजिंदर मनी ने ही चलाई और फरार हो गए। गांव पंडोरी में पहुंच कर आरोपियों ने कैश सारा मंदीप कौर की गाड़ी में रखा और वहां से फरार हो गए।
अलग अलग टीमों ने सभी आरोपियों को किया गिरफतार
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले को हल करने के लिए लगातार टीमें काम करने में जुटी थी। जांच के बाद इलाके में से मोबाइल डंप उठाए। गाड़ी में लगे जीपीआरएस सिस्टम से रुट उठाया और उन इलाकों की फुटेज जांचनी शुरु कर दी। पुलिस ने दो आरोपियों को विक्की और लंबू को जगरांव इलाके से काबू किया। जिसके बाद पुलिस ने बाकी आरोपियों को काबू किया। पुलिस ने मनजिंदर मनी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक करोड़ रुपये कैश, मंदीप सिंह उर्फ विक्की के कब्जे से पचास लाख कैश, हरविंदर सिंह लंबू के कब्जे से 75 लाख कैश के साथ साथ तेजधआर हथियार, परमंजीत सिंह उर्फ पम्मा के कब्जे से 25 लाख रुपये कैश और हरप्रीत सिंह के कब्जे से 25 लाख रुपये कैश के साथ साथ कोच के घर के पास खड़ी गाड़ी क्रूज बरामद की जिसमें करीब दो करोड़ 25 लाख रुपये कैश पड़े थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल पांच करोड़ सात सौ रुपये बरामद किए।