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पठन सामग्री के लिए अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे दृष्टिबाधित छात्र
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के दृष्टिबाधित छात्रों की ओर से पठन सामग्री, 24 घंटे लाइब्रेरी की सुविधा, सभी छात्रों को हॉस्टल की सुविधा और फीस में रियायत के मुद्दे को लेकर वीसी दफ्तर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। इसका पीयू के सभी छात्र संगठनों ने समर्थन दिया है। इसमें एएसए, सथ, पीएसयू ललकार, एचपीएसयू, एसएफएस, एनएसयूआई, सोई, सीवाईएसएस, इनसो, पीएफयूएस शामिल हैं।
पीयू में दृष्टिबाधित छात्र लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के दौरान भी मंगलवार को छात्रों से मिलने और उनकी मांगें सुनने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्तमान में 25 ब्लाइंड विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ये छात्र विभिन्न विभागों में बीए, एमए और पीएचडी कर रहे हैं लेकिन इनके पास पढ़ने के लिए किताबें नहीं है। दृष्टि नहीं होने के कारण छात्र सामान्य किताबों से पढ़ने में नाकाम हैं सिर्फ ऑडियो बुक्स से ही पढ़ाई कर सकते हैं। अभी तक ये छात्र सहपाठी छात्रों की ओर से रिकॉर्ड किए गए पाठ्यक्रम के भरोसे ही चल रहे हैं। अपने खर्च पर लेखक हायर कर असाइनमेंट और पेपर लिखवाते हैं। पीयू में बीए और एमए में 23 व दो ब्लाइंड छात्र पीएचडी कर रहे हैं। इस दौरान सभी संगठनों ने मांगें नहीं सुनी जाने तक दृष्टिबाधित छात्रों का समर्थन करने और उनको भी सामान्य छात्र की भांति पठन सुविधाएं दिलवाने में उनका सहयोग करने का आश्वासन दिया।
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पीयू में दृष्टिबाधित छात्र लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से मांग कर रहे हैं। इसे लेकर कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के दौरान भी मंगलवार को छात्रों से मिलने और उनकी मांगें सुनने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्तमान में 25 ब्लाइंड विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ये छात्र विभिन्न विभागों में बीए, एमए और पीएचडी कर रहे हैं लेकिन इनके पास पढ़ने के लिए किताबें नहीं है। दृष्टि नहीं होने के कारण छात्र सामान्य किताबों से पढ़ने में नाकाम हैं सिर्फ ऑडियो बुक्स से ही पढ़ाई कर सकते हैं। अभी तक ये छात्र सहपाठी छात्रों की ओर से रिकॉर्ड किए गए पाठ्यक्रम के भरोसे ही चल रहे हैं। अपने खर्च पर लेखक हायर कर असाइनमेंट और पेपर लिखवाते हैं। पीयू में बीए और एमए में 23 व दो ब्लाइंड छात्र पीएचडी कर रहे हैं। इस दौरान सभी संगठनों ने मांगें नहीं सुनी जाने तक दृष्टिबाधित छात्रों का समर्थन करने और उनको भी सामान्य छात्र की भांति पठन सुविधाएं दिलवाने में उनका सहयोग करने का आश्वासन दिया।
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