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विदेशी हथियारों की तस्करी में चंडीगढ़ के विशाल गन हाउस का मालिक गिरफ्तार, जानिए मामला
Fri, 21 Aug 2020 12:37 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 21 Aug 2020 12:37 PM IST
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फरीदकोट ऑर्गनाइज क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओकू) ने विदेशी हथियार तस्करी के मामले में सेक्टर-40 स्थित विशाल गन हाउस के मालिक सतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सतीश कुमार समेत करनाल के नेशनल आर्म्स कंपनी के मालिक राज चोपड़ा, मोगा के कारोबारी पंकज बंसल, मुक्तसर के गांव सप्पांवाली के भूपिंदर सिंह, दिल्ली के अमित गोयल और कोटकपूरा के रोहित छाबड़ा के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 472, 392 और 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
इससे पहले नवंबर 2019 में चंडीगढ़ सेक्टर-39 थाना पुलिस सतीश कुमार को टेंट कर्मचारी पर डमी पिस्टल तानने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश और पंजाब में अपहरण, हत्या के प्रयास और हथियारों की तस्करी सहित 18 आपराधिक केसों का सामना कर रहे रणजीत सिंह डुपला और उनके सहयोगी गुरचरण सिंह उर्फ रिंका को फरीदकोट पुलिस ने अक्तूबर 2014 में गिरफ्तार किया था। इनसे विदेश निर्मित आठ महंगे हथियार बरामद किए थे, जो इन्होंने चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कई अमीर लोगों को बेचे थे।
आरोप था कि डुपला और उसके यूपी स्थित सहयोगी म्यांमार के माध्यम से अमेरिका, जर्मन, इटली और फिनलैंड से परिष्कृत हथियारों की तस्करी के व्यवसाय में लिप्त हैं। यह भी आरोप लगाया गया था कि कुछ गन हाउस डीलरों के साथ मिलकर इन तस्करी के हथियारों के नकली कागजात तैयार किए गए थे और उत्तर भारत में सक्रिय गिरोह और अमीर लोगों को बेच दिए गए थे। फरवरी 2015 में इन हथियारों में से 8 को बरामद करने के बाद फरीदकोट पुलिस ने उस समय अवैध हथियारों के इन खरीदारों को क्लीन चिट दे दी थी और उन्हें निर्दोष बताया था।
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अब इस मामले की पड़ताल करते हुए ओकू ने कहा कि ये सभी खरीदार इन हथियारों की अवैधता के बारे में जानते थे और इन अवैध हथियारों के जाली दस्तावेज तैयार करने में इनकी भूमिका रही है। इस केस का मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला जमानत मिलने के बाद विदेश फरार हो चुका है, जिसे अदालत ने भगौड़ा करार दे रखा है। बहिबल गोलीकांड के चलते जेल में बंद मोगा के पंकज बंसल का अदालत से 21 अगस्त का प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया है।
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इससे पहले नवंबर 2019 में चंडीगढ़ सेक्टर-39 थाना पुलिस सतीश कुमार को टेंट कर्मचारी पर डमी पिस्टल तानने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। उत्तर प्रदेश और पंजाब में अपहरण, हत्या के प्रयास और हथियारों की तस्करी सहित 18 आपराधिक केसों का सामना कर रहे रणजीत सिंह डुपला और उनके सहयोगी गुरचरण सिंह उर्फ रिंका को फरीदकोट पुलिस ने अक्तूबर 2014 में गिरफ्तार किया था। इनसे विदेश निर्मित आठ महंगे हथियार बरामद किए थे, जो इन्होंने चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में कई अमीर लोगों को बेचे थे।
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आरोप था कि डुपला और उसके यूपी स्थित सहयोगी म्यांमार के माध्यम से अमेरिका, जर्मन, इटली और फिनलैंड से परिष्कृत हथियारों की तस्करी के व्यवसाय में लिप्त हैं। यह भी आरोप लगाया गया था कि कुछ गन हाउस डीलरों के साथ मिलकर इन तस्करी के हथियारों के नकली कागजात तैयार किए गए थे और उत्तर भारत में सक्रिय गिरोह और अमीर लोगों को बेच दिए गए थे। फरवरी 2015 में इन हथियारों में से 8 को बरामद करने के बाद फरीदकोट पुलिस ने उस समय अवैध हथियारों के इन खरीदारों को क्लीन चिट दे दी थी और उन्हें निर्दोष बताया था।
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अब इस मामले की पड़ताल करते हुए ओकू ने कहा कि ये सभी खरीदार इन हथियारों की अवैधता के बारे में जानते थे और इन अवैध हथियारों के जाली दस्तावेज तैयार करने में इनकी भूमिका रही है। इस केस का मुख्य आरोपी रणजीत सिंह डुपला जमानत मिलने के बाद विदेश फरार हो चुका है, जिसे अदालत ने भगौड़ा करार दे रखा है। बहिबल गोलीकांड के चलते जेल में बंद मोगा के पंकज बंसल का अदालत से 21 अगस्त का प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया है।