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जाट आरक्षण आंदोलन रिपोर्ट पर हरियाणा के मंत्री और प्रकाश सिंह में घमासान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 24 May 2016 07:30 PM IST
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सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह
- फोटो : amar ujala
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के बाद आई पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की रिपोर्ट सियासी बवंडर में उलझ गई है। प्रकाश सिंह की ओर से दिए गए दबाव संबंधी बयान को स्वास्थ्य मंत्री ने गुगली करार देते हुए दबाव डालने वाले व्यक्तियों का नाम सार्वजनिक करने की मांग की है। जबकि प्रकाश सिंह ने विज पर पलटवार करते हुए कहा है कि विज को ऐसा कहने से पहले रिपोर्ट को सार्वजनिक करवाना चाहिए। उधर, राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने भी विज के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रकाश सिंह दबाव बनाने वाले लोगों के नाम सार्वजनिक करें।
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बकौल प्रकाश सिंह उनके पास सिफारिश धमकी भरे लहजे में नहीं, बल्कि किसी जनप्रतिनिधि के आग्रह स्वरूप आई थी। आज के युग में सिफारिश आम बात हो गई है। प्रकाश सिंह ने कहा है कि मौजूदा सिस्टम में सिफारिश करना आम बात है। मालूम हो कि प्रकाश सिंह ने हाल ही में एक साक्षात्कार में दबाव की बात कही थी। उनके इस बयान के बाद अनिल विज ने यह प्रतिक्रिया दी है। विज ने कहा है कि अपराध को दबाना भी अपराध है।
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थोड़ा बहुत क्रिकेट मैं भी जानता हूं :
प्रकाश सिंह ने कहा है कि उन्हें गुगली फेंकने की आदत नहीं है। हालांकि थोड़ा-बहुत क्रिकेट मैं भी जानता हूं। जांच में कोई धोखा देने की कोशिश नहीं की गई है। राई को पहाड़ न बनाए, क्योंकि रिपोर्ट पर दबाव का कोई असर नहीं है।
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अफसरशाही का रवैया देख होती है हैरानी :
एक साक्षात्कार के दौरान प्रकाश सिंह ने कहा कि हरियाणा की अफसरशाही के तरीके को देखकर उन्हें हैरानी होती है। कुछ अधिकारियों का रवैया देखकर तो ऐसा लगता है मानो उन पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।