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दो बेटियों ने रचा इतिहास, ओलंपिक जाएंगी सबसे 'छोटी' पहलवान

Wed, 11 May 2016 12:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 11 May 2016 12:28 PM IST
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इंटरनेशनल पहलवान विनेश फौगट और साक्षी मलिक - फोटो : अमर उजाला
रियो ओलंपिक का टिकट जीत चुकी देश की दो महिला पहलवान विनेश फौगाट और साक्षी मलिक सबसे कम उम्र में यह कारनामा रचने जा रही है। विनेश 21 की और साक्षी की उम्र 23 साल है। विनेश और साक्षी ने कहा है कि  रियो ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य बन गया है।
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विनेश और साक्षी से पहले ओलंपिक में गीता फौगाट खेली थी तब उसकी उम्र 23 साल आठ माह थी और साक्षी की उम्र ओलंपिक में खेलते समय 23 साल सात माह होगी। साक्षी मलिक के नाम पहले भी एक ऐसी उपलब्धि है जो शायद ही किसी पहलवान के नाम होती है।
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साक्षी ने वर्ष 2007 में सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इसलिए कोच ईश्वर सिंह दहिया की विशेष अपील पर उसे सीनियर वर्ग में खेलने की अनुमति मिल गई थी। तब से वह सीनियर पहलवानों के साथ खेलने लगी थीं।
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विनेश फौगाट की उम्र 21 साल 8 महीने

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इंटरनेशनल पहलवान विनेश फोगट - फोटो : अमर उजाला
ओलंपिक का टिकट कटाने वाली दूसरी महिला पहलवान विनेश फौगाट की उम्र इस समय 21 साल आठ माह है, जो ओलंपिक के लिए सबसे छोटी क्वालीफायर बनी हैं। इस तरह दोनों ही पहलवानों के नाम के साथ सबसे कम उम्र में ओलंपिक में क्वालीफाई करने का इतिहास जुड़ गया है। विनेश और साक्षी ने परिवार वालों को फोन करके अपनी मंशा जता दी है। दोनों ने कहा है कि ओलंपिक में मेडल जीतने के लिए वह अपनी प्रैक्टिस को आठ घंटे से ज्यादा करना चाहती हैं, क्योंकि यह मौका उनके लिए काफी अहम है।

रियो का टिकट मिलते ही आंखों से निकले आंसू
साक्षी की मां सुदेश मलिक ने बताया कि उनके पास साक्षी का शनिवार शाम फोन आया था। उसने बताया कि चीन की पहलवान लेन झांग को उसने आखिरी समय में पटखनी दी और राउंड खत्म हो गया। उस समय उसको पता नहीं चला कि क्या हुआ। जब साक्षी की जीत की घोषणा की गई तो उसकी आंखों से आंसू निकल आये। उसे विश्वास नहीं हो रहा था कि उसने लेन झांग को हरा दिया है और वह ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर गई है।

दसवीं से एमपीएड तक साक्षी के 70 प्रतिशत से ज्यादा अंक
शायद ही ऐसा कोई खिलाड़ी होता है जो खेल के साथ पढ़ाई में अव्वल रहता है। साक्षी मलिक न केवल कुश्ती में आगे हैं, बल्कि पढ़ाई में भी अव्वल रही हैं। साक्षी की मां सुदेश ने बताया कि वह हाईस्कूल से लेकर एमपीएड तक 70 प्रतिशत से ज्यादा नंबर हासिल करती रही है। सुदेश ने बताया कि साक्षी जितना ध्यान कुश्ती पर देती हैं, उतना ही पढ़ाई पर देती थीं।
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