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कम मुआवजे पर भड़के ग्रामीण, जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे अधिकारी बैरंग लौटे

Sat, 11 Jul 2020 02:09 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2020 02:09 AM IST
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Villagers raging low compensation officers  possession land returned
चंडीगढ़। तोगां-सारंगपुर लिंक रोड (पीआर 4) का कब्जा लेने पहुंचे भू-अधिग्रहण विभाग के अधिकारियों को शुक्रवार को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। धनास के मुकाबले काफी कम मुआवजा देने से आक्रोशित डड्डूमाजरा के ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।
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प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि धनास के मुकाबले डड्डूमाजरा के लोगों को काफी कम मुआवजा दिया जा रहा है जबकि धनास की तरह डड्डूमाजरा भी शहरी क्षेत्र में आता है। मुआवजे की जो दरें यूटी प्रशासन दे रहा है, वह रजिस्ट्री की दरें हैं। वर्ष 2013 में भू-अधिग्रहण कानून में बदलाव किया गया था कि अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मुआवजे की दर मार्केट रेट के अनुसार होनी चाहिए। इसके बाद भी प्रशासन मुआवजे को लेकर दोहरे मापदंड अपना रहा है। मौके पर ग्रामीणों को समझाने पहुंचे भू-अधिग्रहण विभाग के तहसीलदार मक्खन सिंह ने ग्रामीणों को कब्जा देने का आग्रह किया, लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए उन्हें वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों में धनास के पूर्व सरपंच कुलजीत सिंह संधू के साथ दर्जनों लोग शामिल थे।
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दोनों गांव के मुआवजे में प्रति एकड़ दो करोड़ का अंतर
लिंक रोड के लिए प्रशासन की ओर से 17.76 एकड़ जमीन 69 करोड़ रुपये में अधिग्रहित की गई है। इसके तहत धनास में प्रति एकड़ 5.25 करोड़ जबकि डड्डूमाजरा में प्रति एकड़ 3.22 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है। धनास और डड्डूमाजरा के मुआवजे में अंतर को लेकर किसान आक्रोशित हैं।
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ट्रेजरी से नहीं ली मुआवजा राशि
धनास के पूर्व सरपंच कुलजीत सिंह संधू ने बताया कि डड्डूमाजरा के ग्रामीणों की जमीन का एक भी पैसा ट्रेजरी से नहीं लिया गया है। जब तक प्रशासन उन्हें बढ़ी हुई दरों पर मुआवजा नहीं देगा तब तक ग्रामीण प्रशासन को जमीन पर कब्जा नहीं देंगे। यदि प्रशासन इस मामले में सख्ती करने का प्रयास करेगा तो ग्रामीण न्यायालय की शरण में चले जाएंगे।
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