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एडवाजर विजय देव के तबादले से सकते में लोग, तीखी प्रतिक्रिया
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 10 Mar 2016 09:01 AM IST
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विजय कुमार देव
- फोटो : फाइल फोटो
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चार आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद अचानक एडवाइजर विजय देव के ट्रांसफर से पूरा प्रशासन और लोग सकते में है। उन्हें चंडीगढ़ से दिल्ली भेजा गया है। उनकी जगह यूटी कैडर के ही परिमल राय चंडीगढ़ के प्रशासक के नए सलाहकार होंगे। गृह मंत्रालय ने तुरंत प्रभाव से यह आदेश जारी कर दिए हैं। विजय देव 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
1985 कैडर के परिमल राय फिलहाल गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी ऑफ न्यू दिल्ली में तैनात हैं। वे वर्तमान एडवाइजर से दो साल सीनियर हैं। बुधवार रात जैसे ही देव के तबादले की खबर आई, प्रशासनिक हलके में चर्चा का विषय बन गई।
24 घंटों के भीतर आईएएस अधिकारियों की इस पांचवीं उठापटक ने प्रशासन में खलबली मचा दी है। पहले चार अधिकारियों की तरह एडवाइजर देव का कार्यकाल भी चंडीगढ़ में पूरा नहीं हुआ था। 24 दिसंबर 2014 को एडवाइजर देव ने चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार पद पर ज्वाइन किया था।
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चंडीगढ़ में उनका कार्यकाल अभी महज 1 साल 2 महीने 17 दिन का ही हुआ था। लेकिन अपने इस छोटे से कार्यकाल में ही वह हरदिल अजीज हो गए। इतनी बड़ी संख्या में एकसाथ कभी इतने अधिकारियों का तबादला नहीं हुआ।
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1985 कैडर के परिमल राय फिलहाल गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी ऑफ न्यू दिल्ली में तैनात हैं। वे वर्तमान एडवाइजर से दो साल सीनियर हैं। बुधवार रात जैसे ही देव के तबादले की खबर आई, प्रशासनिक हलके में चर्चा का विषय बन गई।
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24 घंटों के भीतर आईएएस अधिकारियों की इस पांचवीं उठापटक ने प्रशासन में खलबली मचा दी है। पहले चार अधिकारियों की तरह एडवाइजर देव का कार्यकाल भी चंडीगढ़ में पूरा नहीं हुआ था। 24 दिसंबर 2014 को एडवाइजर देव ने चंडीगढ़ में प्रशासक के सलाहकार पद पर ज्वाइन किया था।
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चंडीगढ़ में उनका कार्यकाल अभी महज 1 साल 2 महीने 17 दिन का ही हुआ था। लेकिन अपने इस छोटे से कार्यकाल में ही वह हरदिल अजीज हो गए। इतनी बड़ी संख्या में एकसाथ कभी इतने अधिकारियों का तबादला नहीं हुआ।
हर चंडीगढ़वासी के दिल में जगह बनाई विजय देव ने
विजय कुमार देव
- फोटो : फाइल फोटो
एडवाइजर विजय कुमार देव एक ऐसे आईएएस अधिकारी थे, जिन्होंने बहुत ही कम समय में शहरवासियों के दिल में जगह बना ली। उनके बारे में शहरवासी कहते हैं कि वह व्हाट्सअप पर तुरंत जवाब देते थे। एडवाइजर विजय कुमार देव ने अपने सभी कार्यक्रमों में सभी वर्ग के लोगों को प्रोत्साहित किया।
इसके साथ उन्होंने सार्वजनिक तौर पर सबको कहा कि अगर आपके कॉल का जवाब नहीं दे सका तो माफ करना। लेकिन, कभी भी किसी भी तरह की परेशानी आए, जिसमें आपको प्रशासन की जरूरत हो तो बेझिझक व्हाट्सअप या इनबाक्स में एसएमएस करिए। अपने इस वादे को उन्होंने पूरी तरह से निभाया भी।
उन्होंने हर किसी के एसएमएस का तुरंत जवाब दिया और साथ ही बनती कार्रवाई का आदेश दिया। लेकिन, बुधवार को एडवाइजर के जाने की खबर के बाद एडवाइजर विजय कुमार देव उर्फ व्हाट्सअप मैन का नंबर स्विच ऑफ बता रहा था। शायद, शहरवासियों की तरह एडवाइजर विजय कुमार देव भी इस ट्रांसफर को कभी भुला नही पाएंगे।
इसके साथ उन्होंने सार्वजनिक तौर पर सबको कहा कि अगर आपके कॉल का जवाब नहीं दे सका तो माफ करना। लेकिन, कभी भी किसी भी तरह की परेशानी आए, जिसमें आपको प्रशासन की जरूरत हो तो बेझिझक व्हाट्सअप या इनबाक्स में एसएमएस करिए। अपने इस वादे को उन्होंने पूरी तरह से निभाया भी।
उन्होंने हर किसी के एसएमएस का तुरंत जवाब दिया और साथ ही बनती कार्रवाई का आदेश दिया। लेकिन, बुधवार को एडवाइजर के जाने की खबर के बाद एडवाइजर विजय कुमार देव उर्फ व्हाट्सअप मैन का नंबर स्विच ऑफ बता रहा था। शायद, शहरवासियों की तरह एडवाइजर विजय कुमार देव भी इस ट्रांसफर को कभी भुला नही पाएंगे।
हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में पहुंचते थे विजय देव
विजय कुमार देव
- फोटो : फाइल फोटो
एडवाइजर देव किसी को निराश नहीं करते थे। वह अपना समय इस तरह से मैनेज करते कि हर छोटे-बड़े कार्यक्रम में पहुंचते थे। रोजाना दो से तीन कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति रहती। सिर्फ उपस्थिति नहीं वह अपने आप को थिरकने से भी रोक नहीं पाते । कई बार अपनी पत्नी सोनिया के साथ कार्यक्रमों में डांस कर सुर्खियां बटोरीं।
मंगलवार को महिला दिवस के मौके पर तो वह दिन भर कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। पीजीआई में वॉकथन से शुरुआत के बाद एमसीएम डीएवी कॉलेज-36 में गर्ल्स एजुकेशन कार्यक्रम में पहुंचे। इसकेबाद महिला दिवस पर बाल भवन में आयोजित कार्यक्रम और फिर सेक्टर-46 में बुटीक का उद्घाटन किया।
शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा भी बने। दिनभर जरूरी काम निपटाने केबाद वह शाम को कल्चरल प्रोग्राम में जरूर पहुंचते थे। वह इतने कार्यक्रमों में शिरकत करते थे कि उनके ज्वाइन करने के बाद से आज तक कोई दिन ऐसा नहीं गया जब उनकी फोटो अखबारों में न छपी हो।
साइकिल से ही आते थे ऑफिस
एडवाइजर विजय कुमार देव कुछ अलग करने से पीछे नहीं हटते थे। पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए वह 1 जनवरी से साइकिल पर ही सचिवालय आ रहे थे। इतना ही नहीं कई बार तो कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत करने भी साइकिल से ही पहुंच जाते थे। एडवाइजर के साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी साइकिल पर ही चलते थे।
कार्यकाल में कड़वाहट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे को देखते हुए स्कूल बंद करने के फैसले ने प्रशासन की खूब किरकिरी कराई। इस पर खुद मोदी ने जवाब मांग लिया था। हालांकि इससे सबक लेते हुए गणतंत्र दिवस से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़ दौरा ऐतिहासिक बनाया।
मंगलवार को महिला दिवस के मौके पर तो वह दिन भर कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। पीजीआई में वॉकथन से शुरुआत के बाद एमसीएम डीएवी कॉलेज-36 में गर्ल्स एजुकेशन कार्यक्रम में पहुंचे। इसकेबाद महिला दिवस पर बाल भवन में आयोजित कार्यक्रम और फिर सेक्टर-46 में बुटीक का उद्घाटन किया।
शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा भी बने। दिनभर जरूरी काम निपटाने केबाद वह शाम को कल्चरल प्रोग्राम में जरूर पहुंचते थे। वह इतने कार्यक्रमों में शिरकत करते थे कि उनके ज्वाइन करने के बाद से आज तक कोई दिन ऐसा नहीं गया जब उनकी फोटो अखबारों में न छपी हो।
साइकिल से ही आते थे ऑफिस
एडवाइजर विजय कुमार देव कुछ अलग करने से पीछे नहीं हटते थे। पर्यावरण सुरक्षा को देखते हुए वह 1 जनवरी से साइकिल पर ही सचिवालय आ रहे थे। इतना ही नहीं कई बार तो कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत करने भी साइकिल से ही पहुंच जाते थे। एडवाइजर के साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी साइकिल पर ही चलते थे।
कार्यकाल में कड़वाहट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे को देखते हुए स्कूल बंद करने के फैसले ने प्रशासन की खूब किरकिरी कराई। इस पर खुद मोदी ने जवाब मांग लिया था। हालांकि इससे सबक लेते हुए गणतंत्र दिवस से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चंडीगढ़ दौरा ऐतिहासिक बनाया।
अफसरों, राजनेताओं और लोगों ने जताई प्रतिक्रिया
विजय कुमार देव
- फोटो : फाइल फोटो
एडवाइजर विजय कुमार देव के अचानक तबादले की खबर पर पूरा शहर हक्का बक्का रह गया। किसी को भी इस तरह की खबर की उम्मीद नहीं थी। कार्यकाल से पहले ही देव की विदाई को लेकर शहर का हर वर्ग विरोध में है। देव की दिल्ली वापसी पर शहर से जुड़ी कई हस्तियों ने इस तरह प्रतिक्रिया जताई ...
मुझे एडवाइजर देव के तबादले की अभी जानकारी नहीं मिली है। लेकिन सभी लोग उनके कार्यकाल से पूरी तरह संतुष्ट हैं। देव ने शहर के लिए काफी अच्छा काम किया है।
-संजय टंडन, भाजपा अध्यक्ष चंडीगढ़।
शहर में देव के कार्यकाल में जितना विकास ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने शहर के हर वर्ग से जुड़े कामों को प्रमुखता दी है। उनका तबादला शहर के हित में नहीं है।
- फॉसवेक, चेयरैमन बलजिंद्र सिंह बिट्टू
शहर को देव जैसा कर्मठ ऑफिसर पहली बार मिला। केंद्र सरकार ने देव को हटाकर शहर की ग्रोथ को रोकने का प्रयास किया है। हम देव के तबादले का विरोध करेंगे और फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार को लिखेंगे।
-प्रदीप छाबड़ा, प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस चंडीगढ़
देव के कार्यकाल में व्यापारियों की जितनी समस्याएं दूर हुईं, उतनी पहले कभी नहीं हुई। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने और व्यापारियों की दिक्कतों को दूर करने में हमेशा अग्रसर रहे।
-चरणजीत सिंह,अध्यक्ष व्यापार मंडल चंडीगढ़।
एडवाइजर के कामकाज से शहर का हर नागरिक खुश है। उनका तबादला राजनीतिक दबाव में किया गया है। हम देव के तबादले के खिलाफ हैं। पूरा शहर देव के ट्रांसफर से निराश है।
-कमलजीत सिंह पंछी, प्रधान सेक्टर-17 ट्रेडर एसोसिएशन
शहर में चीफ कमिश्नर का पद बहाल होना चाहिए और ऐसे पद पर विजय देव जैसे ईमानदार और मेहनती अफसरों की नियुक्ति होनी चाहिए।
-सुरेंद्र शर्मा, प्रेसिडेंट सेक्टर-15 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
4 हजार से अधिक लोगों की हाउसिंग सोसाइटी को बहाल कराने में विजय देव ने अहम रोल अदा किया है। शहर के कर्मचारी कभी भी विजय देव को भूल नहीं सकते।
-नरेश कोहली, हाउसिंग इम्पलाइज सोसाइटी यूटी
कर्मचारियों से जुड़ी हर समस्या को एडवाइजर विजय देव प्रमुखता से सुनते थे। पहली बार किसी एडवाइजर ने हर सेक्टरों का दौरा कर कर्मचारियों की दिक्कतों को सुना और उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। देव ने कर्मचारियों के हक में कई अहम फैसले लिए हैं।
- हरजिंद्र सिंह उपाध्याक्ष इंटक
चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार इस तरह का फ्रेंडली एडवाइजर आया था। वह हमेशा ही कर्मचारियों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करते थे। कर्मचारियों के प्रति उनका नजरिया बहुत सकारात्मक रहा है।
-अंग्रेज सिंह, महासचिव एमसी इंजीनियरिंग वेलफेयर एसोसिएशन
देव शहर में अच्छा काम कर रहे थे। वह एक डायनमिक पर्सनालिटी के इंसान हैं। लोगों का फीडबैक भी अफसर के बारे में बेहतर आ रहा था। लेकिन उनके तबादले के क्या कारण रहे इस बारे में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। हो सकता है कामकाज को लेकर उनके किसी से मतभेद हों।
-पवन कुमार बंसल, पूर्व रेल मंत्री
मुझे एडवाइजर देव के तबादले की अभी जानकारी नहीं मिली है। लेकिन सभी लोग उनके कार्यकाल से पूरी तरह संतुष्ट हैं। देव ने शहर के लिए काफी अच्छा काम किया है।
-संजय टंडन, भाजपा अध्यक्ष चंडीगढ़।
शहर में देव के कार्यकाल में जितना विकास ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने शहर के हर वर्ग से जुड़े कामों को प्रमुखता दी है। उनका तबादला शहर के हित में नहीं है।
- फॉसवेक, चेयरैमन बलजिंद्र सिंह बिट्टू
शहर को देव जैसा कर्मठ ऑफिसर पहली बार मिला। केंद्र सरकार ने देव को हटाकर शहर की ग्रोथ को रोकने का प्रयास किया है। हम देव के तबादले का विरोध करेंगे और फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार को लिखेंगे।
-प्रदीप छाबड़ा, प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस चंडीगढ़
देव के कार्यकाल में व्यापारियों की जितनी समस्याएं दूर हुईं, उतनी पहले कभी नहीं हुई। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने और व्यापारियों की दिक्कतों को दूर करने में हमेशा अग्रसर रहे।
-चरणजीत सिंह,अध्यक्ष व्यापार मंडल चंडीगढ़।
एडवाइजर के कामकाज से शहर का हर नागरिक खुश है। उनका तबादला राजनीतिक दबाव में किया गया है। हम देव के तबादले के खिलाफ हैं। पूरा शहर देव के ट्रांसफर से निराश है।
-कमलजीत सिंह पंछी, प्रधान सेक्टर-17 ट्रेडर एसोसिएशन
शहर में चीफ कमिश्नर का पद बहाल होना चाहिए और ऐसे पद पर विजय देव जैसे ईमानदार और मेहनती अफसरों की नियुक्ति होनी चाहिए।
-सुरेंद्र शर्मा, प्रेसिडेंट सेक्टर-15 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन
4 हजार से अधिक लोगों की हाउसिंग सोसाइटी को बहाल कराने में विजय देव ने अहम रोल अदा किया है। शहर के कर्मचारी कभी भी विजय देव को भूल नहीं सकते।
-नरेश कोहली, हाउसिंग इम्पलाइज सोसाइटी यूटी
कर्मचारियों से जुड़ी हर समस्या को एडवाइजर विजय देव प्रमुखता से सुनते थे। पहली बार किसी एडवाइजर ने हर सेक्टरों का दौरा कर कर्मचारियों की दिक्कतों को सुना और उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। देव ने कर्मचारियों के हक में कई अहम फैसले लिए हैं।
- हरजिंद्र सिंह उपाध्याक्ष इंटक
चंडीगढ़ के इतिहास में पहली बार इस तरह का फ्रेंडली एडवाइजर आया था। वह हमेशा ही कर्मचारियों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करते थे। कर्मचारियों के प्रति उनका नजरिया बहुत सकारात्मक रहा है।
-अंग्रेज सिंह, महासचिव एमसी इंजीनियरिंग वेलफेयर एसोसिएशन
देव शहर में अच्छा काम कर रहे थे। वह एक डायनमिक पर्सनालिटी के इंसान हैं। लोगों का फीडबैक भी अफसर के बारे में बेहतर आ रहा था। लेकिन उनके तबादले के क्या कारण रहे इस बारे में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। हो सकता है कामकाज को लेकर उनके किसी से मतभेद हों।
-पवन कुमार बंसल, पूर्व रेल मंत्री