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Chandigarh News: भ्रष्टाचार की शिकायतों पर गंभीर नहीं विजिलेंस विभाग, दो साल पुराना नहीं है रिकॉर्ड

Mon, 18 Aug 2025 12:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 12:24 AM IST
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Vigilance department is not serious about corruption complaints, records are not two years old
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन का विजिलेंस विभाग भ्रष्टाचार और विभाग से जुड़ी शिकायतों पर गंभीर नहीं है। विजिलेंस विभाग ने पिछले कई वर्षों में एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं की। ऐसा नहीं है कि लोग शिकायत नहीं कर रहे हैं। विजिलेंस को लगातार विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतें दी जा रही हैं लेकिन ये फाइलों में ही दबी रह जाती हैं। हैरानी की बात है कि विजिलेंस विभाग के पास शिकायतों का रिकॉर्ड ही नहीं है। इसका खुलासा आरटीआई में हुआ है।
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विजिलेंस विभाग ने आरटीआई के जवाब में बताया कि दो साल से पहले का कोई रिकॉर्ड नहीं है। विजिलेंस ने साफ लिखा कि रिकॉर्ड को मेंटेन नहीं किया गया। विभाग के अनुसार दो साल में उनके पास प्रशासनिक अनियमितताओं, भ्रष्टाचार या अन्य मुद्दों से संबंधित 129 शिकायतें आईं। इनमें कई शिकायतों पर जांच चल रही है, जबकि कुछ पर आवश्यक कार्रवाई की गई या फिर शिकायतकर्ता ने शिकायत वापस ले ली। वहीं, दो साल पहले कि तीन शिकायतें लंबित पड़ी हैं।
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यह है स्थिति
वर्ष 2023 में कुल 72 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 10 शिकायतों पर एसपी विजिलेंस को जांच सौंपी गई। 28 शिकायतों पर कमेंट्स मांगे गए जबकि 34 शिकायतों पर उचित कार्रवाई हुई या उन्हें वापस/फाइल किया गया।
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साल 2024 में कुल 57 शिकायतें आईं। इनमें से 19 शिकायतों पर एसपी विजिलेंस को जांच के लिए मार्क किया गया। 12 शिकायतों पर कमेंट्स मांगे गए जबकि 26 पर उचित कार्रवाई हुई या उन्हें वापस/फाइल किया गया।


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समाजसेवी आरके गर्ग ने विजिलेंस विभाग से दो साल पहले का रिकॉर्ड मांगा था। विभाग ने कहा कि उनके पास रिकॉर्ड नहीं है। आरके गर्ग का कहना है कि विजिलेंस विभाग शहर का सबसे अहम विभाग है। ऐसे में कैसे पता चलेगा कि कितने मामले आए और क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि इस पर दिल्ली सेंट्रल विजिलेंस कमिशन को संज्ञान लेना चाहिए। गर्ग ने सवाल उठाया कि आखिर रिकॉर्ड कहां है। जब विभाग के पास रिकॉर्ड ही नहीं है, तो विभाग क्या कार्रवाई करेगा।


एडिशनल सेक्रेटरी होम के पास दायर की अपील, आज सुनवाई

सेक्टर-27 के रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट आरके गर्ग ने रिकॉर्ड न मिलने पर एडिशनल सेक्रेटरी होम के पास अपील दायर की है, जिसकी सोमवार को सुनवाई है। आरके गर्ग ने कहा कि इस जानकारी से पता चलता है कि विजिलेंस विभाग कितनी सक्रियता से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद तीन से चार मामलों की शिकायत की थी लेकिन किसी में भी कार्रवाई नहीं हुई।


529 मोबाइल टावर और रेहड़ी-फड़ी सर्वे की जांच भी लंबित

शहर में 529 मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर आरके गर्ग ने विजिलेंस जांच की मांग की थी, इस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा गर्ग ने एक अन्य शिकायत में आरोप लगाया कि नगर निगम ने रेहड़ी-फड़ी के सर्वे के दौरान बाहरी एजेंसी के माध्यम से बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन का दुरुपयोग किया। सर्वे के दौरान अचानक रेहड़ी-फड़ी वालों की संख्या कई गुना बढ़ गई थी। इस मामले में भी विजिलेंस ने कोई जांच नहीं की।





प्रॉपर्टी टैक्स दस्तावेज गुम होने की जांच ठंडे बस्ते में

नगर निगम में लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने के मामले में विजिलेंस अभी तक जांच पूरी नहीं कर सकी है। गर्ग ने शिकायत दी थी कि नगर निगम से यह रिकॉर्ड कैसे और कहां गुम हुआ। प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज गुम होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। टैक्स जमा होने के बाद भी नगर निगम ने बीते वित्तीय वर्षों के प्रॉपर्टी टैक्स की बकाया रकम के नोटिस भेज दिए जिससे लोग परेशान हुए। कई बार दफ्तर में जाकर जानकारी देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।



बर्ड पार्क में अवैध जमीन इस्तेमाल की जांच भी लंबित

आरके गर्ग ने बर्ड पार्क में अवैध रूप से जमीन के इस्तेमाल को लेकर विजिलेंस विभाग को शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न ही विजिलेंस के पास इस मामले का रिकॉर्ड मौजूद है।
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