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Chandigarh News: विजिलेंस ने बागवानी विकास अधिकारी जसप्रीत सिंह सिद्धू को किया गिरफ्तार
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चंडीगढ़। अमरूद बाग मुआवजा घोटाला मामले में विजिलेंस ने एसएएस नगर जिले के खरड़ और डेराबस्सी में तैनात बागवानी विकास अधिकारी (एचडीओ) जसप्रीत सिंह सिद्धू को मंगलवार मोहाली से गिरफ्तार किया है। जो एसएएस नगर में अमरूद बाग के मुआवजे संबंधी करोड़ों रुपये के घोटाले में आरोपी है। विजिलेंस इस मामले में अब तक 21 आरोपियों को दबोच चुकी है।विजिलेंस के मुताबिक आरोपी जसप्रीत सिंह सिद्धू ने 1 सितंबर, 2023 को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत प्राप्त कर ली थी। ब्यूरो ने उसकी आगामी जमानत याचिका का विरोध किया था। उसकी हिरासती पूछताछ के लिए लंबी और विस्तृत दलीलों के दौरान जवाब के तौर पर 3 जवाबी हलफनामे दायर किए गए थे।
विजिलेंस ने सिद्धू के अन्य कर्मचारी लाभार्थियों के साथ संबंध दिखाते हुए कॉल रिकॉर्ड, अलग-अलग गवाहों के बयान, छेड़छाड़ किए गए और नकली दस्तावेज रिकॉर्ड और गमाडा के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट और राज्य के बागवानी विभाग के पास उसी रिपोर्ट की कार्यालय कॉपी के बीच अंतर को स्पष्ट तौर पर उजागर किया था। इसके अलावा कार्यालय दस्तावेजों में उक्त पौधों की दिखाई गई श्रेणी गमाडा के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट में दिखाई श्रेणी की अपेक्षा अत्यधिक थी।
हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी
इसके उपरांत हाईकोर्ट ने 23 जनवरी, 2024 को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। याचिका खारिज होते ही आरोपी फरार हो गया और विजिलेंस ब्यूरो द्वारा उसे ढूंढ़ने की कोशिश की जा रही थी। मंगलवार को आरोपी को एसएएस नगर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी वर्ष 2004 से 2019 तक लगातार एचडीओ खरड़ के पद पर तैनात था। गमाडा द्वारा एक्वायर की गई जमीनों में जैसे एरोसिटी, आईटी सिटी, सेक्टर 88-89 आदि पर मौजूद फलदार वृक्षों की मार्केट कीमत का मूल्यांकन करने में शामिल था।
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विजिलेंस ने सिद्धू के अन्य कर्मचारी लाभार्थियों के साथ संबंध दिखाते हुए कॉल रिकॉर्ड, अलग-अलग गवाहों के बयान, छेड़छाड़ किए गए और नकली दस्तावेज रिकॉर्ड और गमाडा के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट और राज्य के बागवानी विभाग के पास उसी रिपोर्ट की कार्यालय कॉपी के बीच अंतर को स्पष्ट तौर पर उजागर किया था। इसके अलावा कार्यालय दस्तावेजों में उक्त पौधों की दिखाई गई श्रेणी गमाडा के समक्ष पेश की गई रिपोर्ट में दिखाई श्रेणी की अपेक्षा अत्यधिक थी।
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हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी
इसके उपरांत हाईकोर्ट ने 23 जनवरी, 2024 को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। याचिका खारिज होते ही आरोपी फरार हो गया और विजिलेंस ब्यूरो द्वारा उसे ढूंढ़ने की कोशिश की जा रही थी। मंगलवार को आरोपी को एसएएस नगर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी वर्ष 2004 से 2019 तक लगातार एचडीओ खरड़ के पद पर तैनात था। गमाडा द्वारा एक्वायर की गई जमीनों में जैसे एरोसिटी, आईटी सिटी, सेक्टर 88-89 आदि पर मौजूद फलदार वृक्षों की मार्केट कीमत का मूल्यांकन करने में शामिल था।
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