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Chandigarh: अब चंडीगढ़ में वीडियो कांड! कर्मचारी पर गर्ल्स हॉस्टल के शौचालय में वीडियो बनाने का आरोप

Sat, 22 Oct 2022 01:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 22 Oct 2022 01:39 AM IST
सार

घटना 13 अक्तूबर की है। उस दिन सफाईकर्मी सुबह अपनी ड्यूटी के समय हॉस्टल में पहुंचा। शौचालय में रखे झाड़ू-पोंछा को बाहर निकालने के लिए पहले दरवाजे को खटखटाया। फिर अपना काम करने लगा। अचानक एक छात्रा बाहर आई और उसका मोबाइल छीन लिया। छात्रा ने आरोप लगाया कि उसने उसकी नहाते वीडियो बनाई है।

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Video making case came to the fore in Girls Hostel in Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

खरड़ स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बाद अब पीजीआई के संजीवनी गर्ल्स हॉस्टल के शौचालय में वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। इस मामले के संज्ञान में आते ही पीजीआई प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर दी है। वहीं छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लैब में भेज दिया है। फिलहाल जिस सफाई कर्मचारी पर वीडियो बनाने का आरोप है, उसकी ड्यूटी गर्ल्स हॉस्टल से बदलकर ओल्ड डॉक्टर्स हॉस्टल में लगा दी गई है।

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हैरानी की बात है कि पीजीआई के गर्ल्स हॉस्टल में पुरुष और पुरुष हॉस्टल में महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि ड्यूटी अलॉटमेंट में लापरवाही का ही यह नतीजा है।
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घटना 13 अक्तूबर की है। उस दिन सफाईकर्मी सुबह अपनी ड्यूटी के समय हॉस्टल में पहुंचा। शौचालय में रखे झाड़ू-पोंछा को बाहर निकालने के लिए पहले दरवाजे को खटखटाया। फिर अपना काम करने लगा। अचानक एक छात्रा बाहर आई और उसका मोबाइल छीन लिया। छात्रा ने आरोप लगाया कि उसने उसकी नहाते वीडियो बनाई है। उसने मोबाइल चेक किया लेकिन उसमें उसका कोई वीडियो नहीं मिला। छात्रा ने वीडियो कहीं और भेजकर डिलीट करने का आरोप लगाया।

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इसकी खबर मिलते ही सुरक्षाकर्मी वहां आ गए और पुलिस को सूचना दी गई। उधर, आरोपी का कहना है कि वह पीजीआई में पिछले 21 वर्षों से काम कर रहा है लेकिन पिछले 6 महीने से उसकी ड्यूटी गर्ल्स हॉस्टल में लगा दी गई। इसे बदलवाने के लिए वह लगातार प्रशासन से अनुरोध कर रहा था लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। गर्ल्स हॉस्टल में पुरुषकर्मी के लिए कोई अलग शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है।

पीजीआई में ऐसा काम दुर्भाग्यपूर्ण: मंजनीक
पीजीआई नर्सेज वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष मंजनीक ने कहा कि इस घटना ने हॉस्टल मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वुमन हॉस्टल में औरतों पर थोपे जाने वाले अनगिनत कानून हमें देखने को मिल जाते हैं, मगर इन घटनाओं पर काबू पाने के लिए कोई कानून नहीं दिखाई देता।

नर्सिंग एसोसिएशन पीड़िता के साथ खड़ा है। पीजीआई जैसे संस्थान में यह और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। हम नर्सेज एसोसिएशन की तरफ़ से पीजीआई प्रशासन से अपील करते हैं कि महिला हॉस्टल के अंदर महिला कर्मचारियों को ही ड्यूटी पर लगाया जाए।
 

मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। आरोपी का मोबाइल फोन पुलिस ने कब्जे में लेकर लैब में भेज दिया है। सफाईकर्मी की ड्यूटी रिपोर्ट आने के बाद ही मामले पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। - कुमार गौरव, डीडीए, प्रवक्ता पीजीआई।

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