फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Vice Chancellor of Baba Farid Medical University resigned after indecent behavior of Minister Chetan Singh

Punjab: मंत्री के अभद्र व्यवहार से खफा बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने दिया इस्तीफा

Sat, 30 Jul 2022 08:40 AM IST
शाहरुख खान संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब) Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 30 Jul 2022 08:40 AM IST
सार

डॉ. राज बहादुर (71) देश के जाने-माने स्पाइनल सर्जन और क्षेत्रीय स्पाइनल इंजरी सेंटर, मोहाली के परियोजना निदेशक और सदस्य सचिव हैं। वह देश में सर्वोच्च चिकित्सा नियामक संस्था, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सदस्य भी हैं।

विज्ञापन
Vice Chancellor of Baba Farid Medical University resigned after indecent behavior of Minister Chetan Singh
वीसी डॉ. राज बहादुर से बात करते स्वास्थ्य मंत्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा के अभद्र व्यवहार से निराश बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें फोन कर उनसे खेद भी जताया था। 45 साल से पेशे को समर्पित वाइस चांसलर ने यूनिवर्सिटी में सेवाएं देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। वाइस चांसलर के अलावा उनके सचिव ओपी चौधरी ने भी पद छोड़ दिया है।

विज्ञापन


बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के इतिहास में डॉ. राज बहादुर ही अकेले ऐसे वाइस चांसलर है, जिनकी शानदार सेवाओं को ध्यान में रखते हुए ही पंजाब सरकार ने उनके कार्यकाल में दो बार बढ़ोतरी की है। इससे पहले वाइस चांसलर डॉ. एसएस गिल का कार्यकाल एक बार बढ़ा था। दिसंबर 2014 में डॉ. एसएस गिल के सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. राज बहादुर की नियुक्ति हुई थी। तीन साल के कार्यकाल में मेडिकल शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते उनके कार्यकाल में पंजाब सरकार ने दिसबंर 2017 में पहली बार बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिसंबर 2020 में दूसरी बार फिर से उनका कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ाया।

विज्ञापन

ओपीडी में सेवाएं देने वाले पहले वाइस चांसलर 

स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. राज बहादुर ने साल 2014 में अपनी नियुक्ति के बाद गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्पाइन सर्जरी यूनिट का स्थापना करवाई। वह भी नियमित रूप से ओपीडी व ऑपरेशन करने लगे। वह यूनिवर्सिटी के पहले वाइस चांसलर है, जिन्होंने प्रशासनिक सेवाओं के साथ अपने पेशे को नहीं छोड़ा और यहां तक कि वह समय मिलने पर एमबीबीएस व एमडी के विद्यार्थियों की कक्षाएं तक लगाने से नहीं चूकते थे। फरीदकोट में पांच दिन के बाद शनिवार व रविवार को मोहाली में सेवाएं देते हैं। शनिवार को वाइस चांसलर के पद से इस्तीफे के बाद भी उन्होंने मोहाली में मरीजों की जांच व ऑपरेशन किए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

इस्तीफे के बाद मेडिकल अस्पताल का माहौल गर्माया 

वाइस चांसलर के इस्तीफे के बाद गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल का माहौल गर्मा गया है। 10 दिन से संघर्ष कर रहे बाबा फरीद विवि व उससे जुड़ी संस्थाओं के कर्मियों का शनिवार को भी धरना जारी रहा। इसमें फिल्म अभिनेता अमितोज मान व सोनिया मान ने भी भाग लिया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के कदम को सही ठहराया। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री की निंदा करते हुए कहा कि जब तक मंत्री माफी नहीं मांगेंगे, उनका विरोध किया जाता रहेगा। आईएमए की फरीदकोट व कोटकपूरा ईकाई ने भी वाइस चांसलर से दुर्व्यवहार की निंदा की है। आईएमए ने कहा कि विश्व स्तर के सर्जन के साथ ऐसा व्यवहार बेहद चिंताजनक है। पंजाब तो पहले ही विशेषज्ञों की की कमी झेल रहा है, ऐसे में डॉक्टर सरकारी सेवाएं छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed