Punjab: मंत्री के अभद्र व्यवहार से खफा बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने दिया इस्तीफा
डॉ. राज बहादुर (71) देश के जाने-माने स्पाइनल सर्जन और क्षेत्रीय स्पाइनल इंजरी सेंटर, मोहाली के परियोजना निदेशक और सदस्य सचिव हैं। वह देश में सर्वोच्च चिकित्सा नियामक संस्था, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के सदस्य भी हैं।
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एक दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा के अभद्र व्यवहार से निराश बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें फोन कर उनसे खेद भी जताया था। 45 साल से पेशे को समर्पित वाइस चांसलर ने यूनिवर्सिटी में सेवाएं देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। वाइस चांसलर के अलावा उनके सचिव ओपी चौधरी ने भी पद छोड़ दिया है।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के इतिहास में डॉ. राज बहादुर ही अकेले ऐसे वाइस चांसलर है, जिनकी शानदार सेवाओं को ध्यान में रखते हुए ही पंजाब सरकार ने उनके कार्यकाल में दो बार बढ़ोतरी की है। इससे पहले वाइस चांसलर डॉ. एसएस गिल का कार्यकाल एक बार बढ़ा था। दिसंबर 2014 में डॉ. एसएस गिल के सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. राज बहादुर की नियुक्ति हुई थी। तीन साल के कार्यकाल में मेडिकल शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते उनके कार्यकाल में पंजाब सरकार ने दिसबंर 2017 में पहली बार बढ़ोतरी की थी। इसके बाद दिसंबर 2020 में दूसरी बार फिर से उनका कार्यकाल तीन साल के लिए बढ़ाया।
ओपीडी में सेवाएं देने वाले पहले वाइस चांसलर
स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. राज बहादुर ने साल 2014 में अपनी नियुक्ति के बाद गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्पाइन सर्जरी यूनिट का स्थापना करवाई। वह भी नियमित रूप से ओपीडी व ऑपरेशन करने लगे। वह यूनिवर्सिटी के पहले वाइस चांसलर है, जिन्होंने प्रशासनिक सेवाओं के साथ अपने पेशे को नहीं छोड़ा और यहां तक कि वह समय मिलने पर एमबीबीएस व एमडी के विद्यार्थियों की कक्षाएं तक लगाने से नहीं चूकते थे। फरीदकोट में पांच दिन के बाद शनिवार व रविवार को मोहाली में सेवाएं देते हैं। शनिवार को वाइस चांसलर के पद से इस्तीफे के बाद भी उन्होंने मोहाली में मरीजों की जांच व ऑपरेशन किए।
इस्तीफे के बाद मेडिकल अस्पताल का माहौल गर्माया
वाइस चांसलर के इस्तीफे के बाद गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल का माहौल गर्मा गया है। 10 दिन से संघर्ष कर रहे बाबा फरीद विवि व उससे जुड़ी संस्थाओं के कर्मियों का शनिवार को भी धरना जारी रहा। इसमें फिल्म अभिनेता अमितोज मान व सोनिया मान ने भी भाग लिया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के कदम को सही ठहराया। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री की निंदा करते हुए कहा कि जब तक मंत्री माफी नहीं मांगेंगे, उनका विरोध किया जाता रहेगा। आईएमए की फरीदकोट व कोटकपूरा ईकाई ने भी वाइस चांसलर से दुर्व्यवहार की निंदा की है। आईएमए ने कहा कि विश्व स्तर के सर्जन के साथ ऐसा व्यवहार बेहद चिंताजनक है। पंजाब तो पहले ही विशेषज्ञों की की कमी झेल रहा है, ऐसे में डॉक्टर सरकारी सेवाएं छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।