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मोबाइल वैन में किसानों से नहीं, मंडी की सब्जी
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
Updated Tue, 11 Feb 2014 01:25 AM IST
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मोबाइल वैन में सब्जियों की बिक्री कर हर महीने लाखों की धांधली का मामला सामने आया है। सब्जियां किसानों से खरीदने की बजाय चंडीगढ़ की सेक्टर-26 सब्जी मंडी से खरीद कर इसकी बिक्री की जा रही है।
वैन से बेची जाने वाली सब्जियाें की मार्केट फीस व हरियाणा रूरल डेवलेपमेंट फंड का पैसा भी सरकारी अधिकारियों और कर्मियों ने जमा नहीं करवाए।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्त्ता राजकुमार ने एक रिटायर्ड अधिकारी और एक सरकारी कर्मी के खिलाफ मार्केट फीस की बचत कर लाखों रुपये की धांधली का आरोप लगाया है।
साथ ही कहा है कि सरकारी कर्मी के इशारे पर यह कारोबार फल फूल रहा है।
इस मामले की शिकायत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, प्रदेश के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, मुख्य सचिव एवं हरियाणा राज्य कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक को दी है।
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शिकायत में कहा है कि पंचकूला शहर में सब्जियां बेचने के लिए मोबाइल वैन शुरू की गई थी। करीब दो वर्षों तक मोबाइल वैन की सुविधा लोगों को उपलब्ध कराई गई।
बाद में कुछ समय के लिए कुछ जगहों पर मोबाइल वैन का संचालन कर शहर में सब्जियाें की आपूर्ति की गई, लेकिन मार्केट फीस एवं हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड में रुपये जमा नहीं किए गए।
मार्केटिंग बोर्ड कर्मियों की मिलीभगत से मोबाइल वैन का ठेका एक निजी ठेकेदार को दे दिया गया, जो चंडीगढ़ की सब्जी मंडी से सब्जियां इकट्ठा कर बेचता रहा। इससे किसानों के साथ-साथ सरकार को भी नुकसान हो रहा है।
राजकुमार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी से करवाने की मांग की है।
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वैन से बेची जाने वाली सब्जियाें की मार्केट फीस व हरियाणा रूरल डेवलेपमेंट फंड का पैसा भी सरकारी अधिकारियों और कर्मियों ने जमा नहीं करवाए।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्त्ता राजकुमार ने एक रिटायर्ड अधिकारी और एक सरकारी कर्मी के खिलाफ मार्केट फीस की बचत कर लाखों रुपये की धांधली का आरोप लगाया है।
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साथ ही कहा है कि सरकारी कर्मी के इशारे पर यह कारोबार फल फूल रहा है।
इस मामले की शिकायत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, प्रदेश के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, मुख्य सचिव एवं हरियाणा राज्य कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक को दी है।
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शिकायत में कहा है कि पंचकूला शहर में सब्जियां बेचने के लिए मोबाइल वैन शुरू की गई थी। करीब दो वर्षों तक मोबाइल वैन की सुविधा लोगों को उपलब्ध कराई गई।
बाद में कुछ समय के लिए कुछ जगहों पर मोबाइल वैन का संचालन कर शहर में सब्जियाें की आपूर्ति की गई, लेकिन मार्केट फीस एवं हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड में रुपये जमा नहीं किए गए।
मार्केटिंग बोर्ड कर्मियों की मिलीभगत से मोबाइल वैन का ठेका एक निजी ठेकेदार को दे दिया गया, जो चंडीगढ़ की सब्जी मंडी से सब्जियां इकट्ठा कर बेचता रहा। इससे किसानों के साथ-साथ सरकार को भी नुकसान हो रहा है।
राजकुमार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी से करवाने की मांग की है।