फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Vegetable markets in the city will be taken off

शहर में लगने वाली सब्जी मंडियां होगी बंद

Sun, 23 Feb 2014 01:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Sun, 23 Feb 2014 01:50 AM IST
विज्ञापन
Vegetable markets in the city will be taken off
शहर के विभिन्न फेजों और सेक्टरों में लगने वाली सब्जी मंडियां जल्दी ही बंद हो जाएंगी। मंडी बोर्ड ने मंडियों को बंद करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे जहां मंडियों में रेहड़ी-फड़ी लगाकर काम चलाने वाले लोगों को रोजगार खत्म होने का डर पैदा हो गया है।
विज्ञापन


वहीं, इलाके के लोगों को भी मंडी बोर्ड के इस फैसले से मुश्किल उठानी पड़ेगी। क्योंकि इसके बाद उन्हें सब्जी खरीदने के लिए सेक्टर-65ए स्थित सब्जी मंडी जाना पड़ेगा।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार ने सेक्टर-65ए में वर्ल्ड क्लास एसी फल एवं सब्जी मंडी स्थापित की है। मंडी बोर्ड की योजना है कि अब उसी मंडी से लोगों को सब्जी मुहैया कराई जाए। जबकि अन्य फेजों एवं सेक्टरों में मंडियां नहीं लगेगी। इस संबध में एक सर्कुलर 21 फरवरी 2014 को जारी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिनमें इन मंडियों को बंद करने के लिए कहा गया है। इससे नौ जगह लगने वाली सब्जी मंडियों पर असर पडे़गा। मंडी बोर्ड के इस फैसले से सब्जी विक्रेताओं में रोष है।

विभिन्न फेजों में लगने वाली मंडियों में दुकान लगाने वाले लोगों का कहना है कि सब्जी मंडी में सिर्फ किसानों को ही सब्जी के फड़ लगाने की अनुमति दी जा रही है। ऐसा करके उनके साथ मंडी बोर्ड सौतेला व्यवहार कर रहा है।

उन्होंने मंडी बोर्ड से चंडीगढ़ की तर्ज पर विभिन्न सेक्टरों में मंडी लगाने की मांग की है। शनिवार को सब्जी मंडी में रेहड़ी फड़ी एसोसिएशन के प्रधान सोहन सिंह ने कहा शहर में चंडीगढ़ की तर्ज मंडियां चलाने की अनुमति दी जाए।

कई सालों से चल रही हैं मंडियां
शहर में ‘किसान मंडी’ पिछले 20-25 वर्ष से लगनी शुरू हुई थी। लोग खुद शहरों एवं गांवों की गलियों में घूमकर सब्जी बेचकर परिवारों का गुजारा कर रहे थे। बाद में खरड़ मार्केट कमेटी द्वारा मंडी को कामयाब करने के लिए उन्हें जबरदस्ती ‘अपनी मंडी’ में बैठाया गया। करीब 15 वर्ष से जब मंडी कामयाब हो गई, तो उन्हें मंडी से भगाने की कोशिशें शुरू कर दीं। जबकि उन्होंने अपनी मंडियों की फीस चुकाई है।


लोग आएंगे परेशानी में
फेज-7 निवासी अरूण सूद ने कहा कि यह मंडी बोर्ड का गलत फैसला है। ऐसा होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी। क्योंकि सेक्टर-65ए शहर के दूसरे सिरे पर है। वहां पहुंचने में काफी समय लगेगा। ऐसा ही कहना फेज-5 निवासी मोनिका शर्मा का है। उन्होंने सेक्टरों में लगने वाली मंडियां बंद नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed