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बढ़ सकती हैं वीसी की दिक्कतें, यौन उत्पीड़न मामले में आज सीनेट की बैठक
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 29 Jan 2017 12:22 AM IST
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- फोटो : File Photo
पंजाब यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार रविवार को किसी एक मुद्दे पर खास मीटिंग बुलाई गई है। इस दैरान पीयू कुलपति के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले पर विस्तार से चर्चा होगी। करीब दो साल से यह मामला पीयू की सुर्खियां बना हुआ है।
पीयू की एक वरिष्ठ महिला प्रोफेसर की ओर से कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर पर यौन उत्पीड़न का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मामले में यूजीसी और एमएचआरडी के दखल से वीसी की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। करीब दो साल पहले महिला प्रोफेसर ने कुलपति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामला एमएचआरडी, यूजीसी और पीयू चांसलर के दफ्तर तक पहुंच चुका है।
मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने और सीनेट में कुलपति की ओर से ही मामले की सुनवाई के लिए कमेटी गठित करने के आरोप लगते रहे हैं। जानकारी के अनुसार ताजा अपडेट के तहत एमएचआरडी ने यौन उत्पीड़न मामले को लेकर काफी गंभीरता दिखाई है। इस मामले में एमएचआरडी ने पीयू प्रशासन को पूरे मामले की नई कमेटी गठित कर नई सिरे से निष्पक्ष जांच के निर्देश जारी किए हैं।
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पीयू की एक वरिष्ठ महिला प्रोफेसर की ओर से कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर पर यौन उत्पीड़न का मामला लगातार गहराता जा रहा है। मामले में यूजीसी और एमएचआरडी के दखल से वीसी की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। करीब दो साल पहले महिला प्रोफेसर ने कुलपति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। मामला एमएचआरडी, यूजीसी और पीयू चांसलर के दफ्तर तक पहुंच चुका है।
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मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने और सीनेट में कुलपति की ओर से ही मामले की सुनवाई के लिए कमेटी गठित करने के आरोप लगते रहे हैं। जानकारी के अनुसार ताजा अपडेट के तहत एमएचआरडी ने यौन उत्पीड़न मामले को लेकर काफी गंभीरता दिखाई है। इस मामले में एमएचआरडी ने पीयू प्रशासन को पूरे मामले की नई कमेटी गठित कर नई सिरे से निष्पक्ष जांच के निर्देश जारी किए हैं।
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महिला प्रोफेसर ने उठाए थे सवाल
VC Arun Grover On PU
- फोटो : File Photo
21 जनवरी 2017 को पीयू सिंडीकेट में यह मामला रखा गया। एमएचआरडी निर्देश पर पूरे मामले में सिंडीकेट ने एक कमेटी भी गठित करने का फैसला लिया। कमेटी में हरियाणा की आईएएस अधिकारी को कमेटी की अगुवाई करने पर फैसला लिया गया। पीयू की मौजूदा सिंडीकेट के फैसले पर भी महिला प्रोफेसर द्वारा सवाल खड़ा कर दिया गया। पीड़ित प्रोफेसर का आरोप है कि नई कमेटी भी पीयू कुलपति की पसंद के हिसाब से बनाई गई है। गौरतलब है कि पूरी सीनेट इस बार एक ही ग्रुप की है। ऐसे में मामले पर उंगलियां उठ रही हैं।
दोनों तरफ से लिखी जा रही चिट्ठी
वीसी पर यौन उत्पीड़न मामले में पीयू की सीनेट भी दो ग्रुप में बंट गई है। एक तरफ प्रो.नवदीप गोयल वीसी का पक्ष रख रहे हैं तो दूसरे में अशोक गोयल पूरे मामले में वीसी पर सवाल उठा रहे हैं। महिला प्रोफेसर ने सीनेट से पहले सभी सीनेटर को चिट्ठी लिखकर पूरे मामले को संजीदा बना दिया है तो दूसरी तरफ वीसी के हक में भी पत्र वार शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार 21 जनवरी को सिंडीकेट में महिला प्रोफेसर के मामले में जांच के लिए बनाई गई नई कमेटी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उधर शनिवार को फिर से महिला प्रोफेसर और प्रो.नवदीप गोयल ने सीनेटर को चिट्ठी लिखकर अपना पक्ष रखने की जानकारी मिली है।
दोनों तरफ से लिखी जा रही चिट्ठी
वीसी पर यौन उत्पीड़न मामले में पीयू की सीनेट भी दो ग्रुप में बंट गई है। एक तरफ प्रो.नवदीप गोयल वीसी का पक्ष रख रहे हैं तो दूसरे में अशोक गोयल पूरे मामले में वीसी पर सवाल उठा रहे हैं। महिला प्रोफेसर ने सीनेट से पहले सभी सीनेटर को चिट्ठी लिखकर पूरे मामले को संजीदा बना दिया है तो दूसरी तरफ वीसी के हक में भी पत्र वार शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार 21 जनवरी को सिंडीकेट में महिला प्रोफेसर के मामले में जांच के लिए बनाई गई नई कमेटी पर भी सवाल उठ रहे हैं। उधर शनिवार को फिर से महिला प्रोफेसर और प्रो.नवदीप गोयल ने सीनेटर को चिट्ठी लिखकर अपना पक्ष रखने की जानकारी मिली है।