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कांग्रेस ने जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट पर उठाए सवाल, रिपोर्ट सार्वजनिक करे सरकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 01 Sep 2016 09:18 AM IST
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रॉबर्ट वाड्रा
- फोटो : file photo
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हरियाणा में जमीन घोटाले को लेकर बनाए गए जस्टिस ढींगरा की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। जस्टिस ढींगरा की प्रेस कांफ्रेस के तुरंत बाद कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेस कर ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सूरजेवाला ने ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट पर सवाल उठाए है।
ये भी पढ़ें : आखिर क्यों पड़ी ढींगरा आयोग की जरूरत, किन मुद्दों पर की जांच?
सूरजेवाला ने कहा है कि रिपोर्ट सरकार को सौंपने से पहले ही मीडिया में लीक कर दी गई। यह सब बदले की भावना और किसी व्यक्ति विशेष बदनाम करने के लिए किया गया है। सूरजेवाला ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सब भाजपा सरकार के टॉप लीडरशिप की चाल है।
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जस्टिस ढींगरा ने सौंपी रिपोर्ट
वाड्रा लैंड डील मामले को लेकर गठित जस्टिस एसएन ढींगरा कमेटी की कंपाइल रिपोर्ट बुधवार को सरकार को सौंप दी गई है। दोपहर बाद 4 बजे आयोग प्रमुख जस्टिस ढींगरा ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सौंपी।
ये भी पढ़ें : जानिए, कौन हैं वाड्रा लैंड डील की जांच से चर्चा में आए जस्टिस एसएन ढींगरा?
इसी बीच क्रिया-प्रतिक्रिया का दौर चलता रहा, वहीं आयोग के गठन पर सरकार भी सफाई देती नजर आई। हालांकि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि इस रिपोर्ट में क्या निकलकर सामने आया। सूत्रों के हवाले से खबर है कि बुधवार को सौंपी गई इस रिपोर्ट में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा के खिलाफ भी केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
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सूरजेवाला ने कहा है कि रिपोर्ट सरकार को सौंपने से पहले ही मीडिया में लीक कर दी गई। यह सब बदले की भावना और किसी व्यक्ति विशेष बदनाम करने के लिए किया गया है। सूरजेवाला ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सब भाजपा सरकार के टॉप लीडरशिप की चाल है।
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जस्टिस ढींगरा ने सौंपी रिपोर्ट
वाड्रा लैंड डील मामले को लेकर गठित जस्टिस एसएन ढींगरा कमेटी की कंपाइल रिपोर्ट बुधवार को सरकार को सौंप दी गई है। दोपहर बाद 4 बजे आयोग प्रमुख जस्टिस ढींगरा ने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सौंपी।
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इसी बीच क्रिया-प्रतिक्रिया का दौर चलता रहा, वहीं आयोग के गठन पर सरकार भी सफाई देती नजर आई। हालांकि अभी यह कह पाना मुश्किल है कि इस रिपोर्ट में क्या निकलकर सामने आया। सूत्रों के हवाले से खबर है कि बुधवार को सौंपी गई इस रिपोर्ट में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा के खिलाफ भी केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है।
वाड्रा की बढ़ सकती है मुश्किलें
robert vadra
सूत्र बताते हैं कि ढींगरा कमेटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने कानून को ताक पर रखकर वाड्रा की छह कंपनियों को फायदा पहुंचाया। कमेटी में छह मामलों में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।
सियासी गलियारों में हड़कंप
हरियाणा में जमीन घोटाले को लेकर बनाए गए जस्टिस ढींगरा कमीशन ने अपनी 182 पेज की रिपोर्ट में अनेक सरकारी अधिकारियों को तमाम नियम कानूनों को ताक पर रख प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने का जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट सामने आते ही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्ट मंगलवार को नहीं सौंपी जा सकी
गौरतलब है कि वाड्रा लैंड डील मामले को लेकर गठित जस्टिस एसएन ढींगरा कमेटी की रिपोर्ट मंगलवार को नहीं सौंपी जा सकी। माना जा रहा है कि अगर यह रिपोर्ट मंगलवार को सौंप दी जाती तो सरकार पर इसे बुधवार को सदन में पेश करने का दबाव विपक्ष द्वारा बनाया जाता। रिपोर्ट मिलने में एक दिन की देरी ने सरकार को मुश्किल से निकाल लिया है। सत्र समाप्ति के बाद सरकार को रिपोर्ट का अध्ययन करने की बात कहकर इसपर फैसला लेने का काफी वक्त मिल जाएगा।
यह भी माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार इस रिपोर्ट पर पार्टी आला कमान से विचार विमर्श करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक करेगी।
सियासी गलियारों में हड़कंप
हरियाणा में जमीन घोटाले को लेकर बनाए गए जस्टिस ढींगरा कमीशन ने अपनी 182 पेज की रिपोर्ट में अनेक सरकारी अधिकारियों को तमाम नियम कानूनों को ताक पर रख प्रभावशाली लोगों को फायदा पहुंचाने का जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट सामने आते ही सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
रिपोर्ट मंगलवार को नहीं सौंपी जा सकी
गौरतलब है कि वाड्रा लैंड डील मामले को लेकर गठित जस्टिस एसएन ढींगरा कमेटी की रिपोर्ट मंगलवार को नहीं सौंपी जा सकी। माना जा रहा है कि अगर यह रिपोर्ट मंगलवार को सौंप दी जाती तो सरकार पर इसे बुधवार को सदन में पेश करने का दबाव विपक्ष द्वारा बनाया जाता। रिपोर्ट मिलने में एक दिन की देरी ने सरकार को मुश्किल से निकाल लिया है। सत्र समाप्ति के बाद सरकार को रिपोर्ट का अध्ययन करने की बात कहकर इसपर फैसला लेने का काफी वक्त मिल जाएगा।
यह भी माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार इस रिपोर्ट पर पार्टी आला कमान से विचार विमर्श करने के बाद ही कोई अंतिम फैसला सार्वजनिक करेगी।
क्यों बनाया जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग?
justice dhingra
प्रदेश सरकार ने गुड़गांव में राबर्ट वाड्रा से जुड़ी कंपनी द्वारा जमीन की खरीद फरोख्त के मामले की जांच के लिए जस्टिस एसएन ढींगरा आयोग का गठन किया था।
बाद में इस आयोग को गुड़गांव के ही छह अन्य गांवों में भी बिल्डरों द्वारा किए गए जमीन के सौदों की जांच का जिम्मा सौंपा गया था।
ढींगरा आयोग की ओर से जमीन की खरीद की खरीद फरोख्त को लेकर एक व्यक्ति ने फोन कर बताया था कि लाइसेंस के मामले में जिन लोगों को फायदा पहुंचा है, उनके बेनामी लेनदेन के कागजात उस व्यक्ति के पास हैं। ढींगरा आयोग ने इसकी जांच के अतिरिक्त समय मांगा था, जिसपर सहमति जताते हुए प्रदेश सरकार ने समय बढ़ा दिया।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने वाड्रा लैंड मामले को लेकर जमकर यूपीए सरकार पर निशाना साधा था। इसका भाजपा को चुनाव में फायदा भी मिला। ऐसे में ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को पर अंतिम फैसला लेने से पहले भाजपा के आला कमान से सभी पहलुओं पर चर्चा होगी।
बाद में इस आयोग को गुड़गांव के ही छह अन्य गांवों में भी बिल्डरों द्वारा किए गए जमीन के सौदों की जांच का जिम्मा सौंपा गया था।
ढींगरा आयोग की ओर से जमीन की खरीद की खरीद फरोख्त को लेकर एक व्यक्ति ने फोन कर बताया था कि लाइसेंस के मामले में जिन लोगों को फायदा पहुंचा है, उनके बेनामी लेनदेन के कागजात उस व्यक्ति के पास हैं। ढींगरा आयोग ने इसकी जांच के अतिरिक्त समय मांगा था, जिसपर सहमति जताते हुए प्रदेश सरकार ने समय बढ़ा दिया।
गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने वाड्रा लैंड मामले को लेकर जमकर यूपीए सरकार पर निशाना साधा था। इसका भाजपा को चुनाव में फायदा भी मिला। ऐसे में ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को पर अंतिम फैसला लेने से पहले भाजपा के आला कमान से सभी पहलुओं पर चर्चा होगी।