चंडीगढ़ में वैक्सीन संकट: शुरू नहीं हुआ 18+ का टीकाकरण, बची हैं मात्र 47 हजार डोज
अभी तक न केंद्र सरकार और न ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अतिरिक्त वैक्सीन मिली है। स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की मात्र 47 हजार खुराक ही बची हैं।
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चंडीगढ़ में कोरोना वैक्सीन का संकट गहरा सकता है। प्रशासन के पास वैक्सीन की कमी होती जा रही है। शहर में अभी 45 साल से ऊपर के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। अभी तक न केंद्र सरकार और न ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अतिरिक्त वैक्सीन मिली है। स्वास्थ्य विभाग के पास वैक्सीन की मात्र 47 हजार खुराक ही बची हैं।
केंद्र सरकार से प्रशासन को दो लाख 90 हजार 930 वैक्सीन की खुराक मिली है। केंद्र ने यह वैक्सीन स्वास्थ्यकर्मी, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी व 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को देने के लिए प्रशासन को भेजी थीं। इनमें से प्रशासन ने गुरुवार सुबह 8 बजे तक 2 लाख 32 हजार 834 वैक्सीन की खुराक का इस्तेमाल कर लिया है। इसमें से करीब 3.46 प्रतिशत वैक्सीन बर्बाद हो गई है, वह भी इस्तेमाल किए वैक्सीन में ही गिनी जाती है।
गुरुवार शाम तक शहर के विभिन्न वैक्सीनेशन केंद्रों पर 6073 टीके लगाए गए हैं। शहर में अब सिर्फ 47 हजार वैक्सीन ही बची है। वैक्सीन की कमी पर यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा का कहना है कि प्रशासन ने करीब एक लाख वैक्सीन का ऑर्डर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को दिया है। उन्होंने फिलहाल 25 हजार वैक्सीन के लिए हामी भरी है। उम्मीद है कि शहर को जल्द ही 25 हजार वैक्सीन मिल जाएंगी।
अभी 18 वर्ष से ऊपर के युवाओं को नहीं लगा टीका
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि शहर में 15 मई के बाद 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम शुरू हो सकता है। प्रशासन ने सीरम इंस्टीट्यूट को एक लाख वैक्सीन का ऑर्डर दिया था, लेकिन कंपनी ने फिलहाल एक लाख वैक्सीन देने में असमर्थता जाहिर की है। हालांकि, प्रशासन को जितनी भी वैक्सीन मिलेगी, उससे 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीका लगाने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
एक लाख वैक्सीन का ऑर्डर दिया गया है। वैक्सीन के लिए कंपनी के पास पैसा भी जमा कर दिया गया है। कंपनी 25 हजार वैक्सीन भेज रही है, जिसके जल्द ही चंडीगढ़ पहुंचने की उम्मीद है। -मनोज परिदा, सलाहकार, यूटी प्रशासक